पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान प्रदेश में सस्ती बिजली मुहैया कराने के लिए अहम कदम उठा रहे हैं। घाटे में चल रहे प्राइवेट थर्मल प्लांट को पंजाब सरकार ने हाल ही में खरीदा है। लेकिन सरकार के इस फैसले का विरोध किया जा रहा है। लेकिन आलोचकों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि 2015 से झारखंड में बंद पड़ी कोयले की खान को आम आदमी पार्टी सरकार ने खुलवाया है।
यहां इतनी मात्रा में कोयला निकलता है कि इसे कई बार बंद करना पड़ता है। यहां पर खुदाई को बंद कर दिया जाता है। यह नियम है खनन से निकलने वाले कोयले का इस्तेमाल सिर्फ सरकारी थर्मल प्लांट में इस्तेमाल किया जा सकता है।

पंजाब में पांच थर्मल प्लांट हैं, जिसमे से दो प्लांट ही सरकारी थे, लेकिन पंजाब सरकार ने तीसरा प्लांट खरीद लिया है, जिससे झारखंड से आने वाले कोयले का इस्तेमाल किया जा सके और लोगों को सस्ती बिजली मुहैया कराई जा सके। हम अगले दो और थर्मल प्लांट को भी खरीदना चाहते हैं। इन लोगों के साथ महंगा एग्रीमेंट हुआ है, हम उसकी जांच करा रहे हैं।
जिस तरह से गणतंत्र दिवस की परेड के लिए पंजाब की झांकी को रिजेक्ट किया गया है उसपर भी मुख्यमंत्री ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि हम 26 जनवरी के लिए तैयार की गई झांकियों को हर गांव में लेकर जाएंगे और लोगों से पूछेंगे कि बताइए इसमे क्या गलत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी में 90 फीसदी योगदान पंजाबियों का रहा है, ऐसे में कैसे शहीदी दिवस बिना पंजाबियों के मनाया जा सकता है, आखिर कैसे हमारी झांकी को रिजेक्ट किया जा सकता है। हमारी पहली झांकी में सुखदेव, भगत सिंह, लाला लाजपत राय और कई शहीदों को दिखाया गया था। जबकि दूसरी झांकी की बात करें तो इसमे मोहाली में चल रहे महिला फौज ट्रेनिंग सेंटर को
सीएम मान ने कहा कि देश की आजादी में 90 प्रतिशत योगदान पंजाबियों का रहा है। ये कैसे हमारे बिना शहीदी दिवस मना सकते हैं। हमारी झांकियों को रिजेक्ट कर दिया गया। पहली झांकी में भगत सिंह, सुखदेव गुरु, लाला लाजपत राय व शहीदों को दिखाया था। दूसरी झांकी माई भागो, पहली सिख वॉरियर लेडी के बारे में थी। उनके नाम से मोहाली में चल रहे महिला फौज ट्रेनिंग सेंटर को चलता दिखाया था। पंजाब का कल्चर दिखाया, इसे रिजेक्ट कर दिया। लेकिन हम रुकेंगे नहीं।


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