दिल्ली सरकार के प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों का जिक्र करते हुए आम आदमी पार्टी प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ कहा कि पिछले कुछ वर्षों के भीतर स्थिति पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया है। आप प्रवक्ता ने दावा किया कि दिल्ली सरकार की ओर से इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने के निर्णय का बड़ा असर देखा गया। दिल्ली में पिछले कुछ वर्षों के भीतर 47 टन कार्बन उत्सर्जन रोका गया।
आम आदमी प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने बृहस्पतिवार को एक प्रेसवार्ता में दिल्ली में केजरीवाल सरकार की ओर से प्रदूषण नियंत्रण के उपायों के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा कि 2023 की शुरुआत में हम सबने देखा कि संसद के पटल पर इकोनॉमिक सर्वे रिपोर्ट रखी गई थी 2022-2023, जिसमें ये बताया गया कि दिल्ली की हवा में 2016 से लगातार सुधार आया है।
केंद्र की रिपोर्ट का जिक्र करते आप प्रवक्ता ने कहा, "... ये रिपोर्ट देखकर एक सेंस ऑफ ऑप्टिमिज्म जनरेट हुआ कि अगर मंशा हो तो हवा में भी सुधार किया जा सकता है। केंद्र को भी अपनी इकोनॉमिक सर्वे रिपोर्ट में ये स्वीकार करना पड़ा कि दिल्ली हवा लगातार साफ हुई है। दिल्ली में लगभग 1800 इंडस्ट्री ग्रीन फ्यूल पर कन्वर्ट हो चुकी हैं। दिल्ली में 24 घंटे में बिजली मिलती है कि जिससे पोल्यूटिंग डीजल बेस्ड जनरेटर का प्रयोग शून्य हो गया है।"

आप प्रवक्ता ने कहा, "अब सीएम केजरीवाल ने ठाना है कि 80 प्रतिशत बसें इलेक्ट्रिक होंगी। कल ही 350 नई बसें लॉन्च की गई हैं। 47 टन कार्बन उत्सर्जन रोका गया। दिल्ली विश्व में इलेक्ट्रिक बसों के मामले में तीसरे नंबर पहुंच गई है। सीएम केजरीवाल ने इतने कम समय में प्रदूषण के विरुद्ध इतना कुछ कर दिया तो बाकी सरकारें इतना असमर्थ क्यों हैं। जिस तरह से लगातार हमें ये नतीजे देखने को मिल रहे हैं, हमें लगता है कि अन्य सरकारों भी इस पर काम करना चाहिए।"


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