उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से प्रदेश में उद्योग को आगे बढ़ाने के लिए कई अहम कदम उठाए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार की ओर से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग लगाने वाले, प्लेज पार्क बनाने वाले उद्यमियों को बड़ी राहत दी है।
कृषि भूमि पर उद्योग लगाने पर प्राधिकरणों को भू उपयोग परिवर्तन शुल्क नहीं देना पड़ेगा। आवास विभाग की ओर से इस बारे में 7 मार्च को आदेश जारी कर दिया है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। स्टार्टअप के लिए युवाओं को निवेश भी कम करना होगा।

कृषि भूमि खरीदने के बाद उसे भू उपयोग में बदलने के लिए प्राधिकरणों को काफी शुल्क देना पड़ता है। भू उपयोग परिवर्तन शुल्क करोड़ों में होता है,ऐसे में इसका भुगतान करना छोटे उद्यमियों के लिए काफी महंगा पड़ता है। लेकिन सरकार के फैसले के बाद अब भू उपयोग परिवर्तन शुल्क को शून्य कर दिया गया है। एमएसएमई के लिए कृषि भूमि को औद्योगिक में निशुल्क भू-उपयोग परिवर्तन होगा।
इस बाबत अपर मुख्य सचिव आवास नितिन रमेश गोकर्ण ने इस बाबत 7 मार्च को आदेश जारी किया है। लखनऊ और तमाम विशेष क्षेत्र के विकास प्राधिकरणों, आवास आयुक्त, मंडल के कमिश्नरों को आदेश भेज दिया गया है। इसमे कहा गया है कि एमएसएमई के लिए भू उपयोग परिवर्तन शुल्क को निशुल्क किया जाए। प्रदेश सरकार की ओर से यह कदम उद्योग लगाने के लिए लागत को कम करने के लिए उठाया गया है।


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