उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्य के धार्मिक स्थलों की कायाकल्प करने में जुटे हुए हैं। इसी क्रम में यूपी में छोटे काशी के नाम से जाने वाले धामों के पुत्र बटेश्वर धाम को संवारने की मुहिम शुरू कर दी है। 148 करोड़ रुपये की लागत से बटेश्वर तीर्थ को धार्मिक स्तर पर ही नहीं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बटेश्वर तीर्थ को विकसित करने का ऐलान पूर्व मुख्यमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 99 वीं जयंती पर आयोजित समारोह में किया। इस समारोह में बटेश्वर को पर्यटन एवं धार्मिक विकास की योजनाओं का प्रस्तुतिकरण हुआ, जिसके बाद सीएम योगी ने उन योजनाओं का शिलान्यास किया।
बता दें बटेश्वर धाम में यमुना नदी के किनारे पर पहले 101 शिवमंदिर हुआ करते थे, लेकिन वर्तमान समय में उनकी संख्या घटकर महज 42 ही रह गई है। इन मंंदिरों को सहेजने के लिए यूपी की योगी सरकार न घाटों के संरक्षण और उसके जीर्णोद्धार के लिए कमर कस ली है।
इनके जीर्णोंद्धार के लिए योगी सरकार 24.01 करोड़ रुपये खर्च करेगी़। वहीं लाल पत्थर से घाट निर्मित किए जाएंगे और सार्वजनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इस पूरे क्षेत्र को एक पर्यटक स्थल की तरह डेवलेप किया जाएगा इसमें रिवरफ्रंट गार्डन की तरह घाटों के पास पार्क बनाए जाएंगे।
बटेश्वर धाम के लिए 13.19 करोड़ रुपये की लागत से प्राचीन पवित्र कुंड का विकास किया जाएगा। प्राचीन कुंड के चारों ओर दीवार, बैठने के लिए फर्नीचर, पाथवे, घाट, सीढि़यां और म्यूजिकल फुव्वारों से सजाया जाएगा। 40 फुट चौड़े और 100 मीटर लंबे प्राचीन कुंड पर 4.53 करोड़ रुपये का म्यूजिकल फाउंटेन और लेजर शो किया जाएगा, जिसमें शिव की कथा सुनाई जाएगी।
- बटेश्वर धाम परिसर के एकीकृत पर्यटन विकास पर 24.08 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
- बटेश्वर मंदिर समूह के लिए बड़ा प्रवेश द्वार
- शापिंग कांप्लेक्स
- यज्ञशाला
- सभा स्थल
- ओपन लाइब्रेरी
- जनसुविधाएं और परिसर में आध्यात्मिक अन्वेषण
- चारों ओर हरियाली से ढके बटेश्वर मंदिर समूहों पर ड्रॉप इन, ड्रॉप ऑफ के साथ पार्किंग
- मुख्य द्वार परिसर बड़े पार्क बनाए जाएंगे
- शिवालय के जैसे पूरा परिसर और गेट सफेद रंग का होगा।


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