अयोध्या धाम उत्तर प्रदेश के लिए ना सिर्फ आस्था का केंद्र बनने जा रहा है बल्कि आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यववस्था को नई बुलंदियों पर ले जाने का भी काम करेगा। जिस तरह से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के बाद यहां आने वाले समय में हर रोज हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आने की उम्मीद जताई जा रही है। हाल ही में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ओर से एक रिसर्च पेपर जारी किया गया है, जिसमे कहा गया है कि वर्ष 2024-45 में अयोध्या में आने वाले श्रद्धालुओं से उत्तर प्रदेश को 5000 करोड़ रुपए तक का राजस्व हासिल हो सकता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था में योगदान देने के मामले में अयोध्या सबसे अहम फैक्टर साबित हो सकता है। प्रदेश में इससे बढ़ने वाले टूरिज्म की वजह से इस साल प्रदेश की अर्थव्यवस्था में 4 लाख करोड़ रुपए तक का इजाफा हो सकता है। फॉरेन स्टॉक मार्केट रिसर्च फर्म जेफरीज की ओर से कहा गया है कि श्रद्धालुओं के मामले में अयोध्या वेटिकन सिटी और मक्का को भी पार कर जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार अयोध्या में हर वर्ष 5 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। अयोध्या ना सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे भारत में पर्यटन का अहम केंद्र बनने जा रहा है।

आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर के दर्शन करने हर वर्ष 2.5 करोड़ श्रद्धालु पहुंचते हैं, जिससे 1200 करोड़ का राजस्व इकट्ठा होता है। वहीं वैष्णो देवी में हर वर्ष 80 लाख श्रद्धालु पहुंचते हैं जिससे हर वर्ष 500 करोड़ का राजस्व इकट्ठा होता है। आगरा का ताजमहल देखने के लिए हर वर्ष 70 लाख लोग पहुंचते हैं जिससे 100 करोड़ राजस्व प्राप्त होता है। दुनिया के दो सबसे बड़े श्रद्धा के केंद्र की बात करें तो मक्का में हर वर्ष 2 करोड़ श्रद्धालु पहुंचते है, जिससे 12 बिलियन डॉलर का राजस्व प्राप्त होता है। वहीं वेटिकन सिटी में हर वर्ष 90 लाख लोग पहुंचते हैं, इनसे 315 मिलियन डॉलर का राजस्व प्राप्त होता है।


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