आंध्र प्रदेश की सीएम जगन मोहन रेड्डी सरकार ने आदिवासियों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए अहम कदम उठाए हैं। जिसके तहत 39,450 आदिवासियों को भूमि पट्टे दिए गए हैं। इसके अलावा सलूर में एक आदिवासी विश्वविद्यालय और आदिवासी इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना के साथ कई अन्य पहल की गई हैं।
वाईएसआरसी सरकार के कार्यों की याद दिलाते हुए सांसद गोड्डेती माधवी ने कई बड़ी बातें कहीं। आगामी चुनाव को लेकर आंध्र प्रदेश की 175 सीटों पर इस बार वाईएसआरसी जीत का दावा कर रही है। जिसके तहत सभी विधानसभा क्षेत्रों में 'मिशन 175' के तहत जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

वाईएसआरसी सांसद गोड्डेती माधवी अल्लूरी सीतारमा राजू जिले की अराकू घाटी और अनंतपुर के अनंतपुर शहरी में सामाजिक साधिकारा बस यात्रा में शामिल हुईं। इस मौके पर उन्होंने जनता को सीएम जगन के कार्यों की याद दिलाई। उन्होंने बताया कि सलूर में एक आदिवासी विश्वविद्यालय और आदिवासी इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना की है।
माधवी ने कहा, "मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने आदिवासी कल्याण को प्राथमिकता दी है। जगन के दूरदर्शी नेतृत्व में, सरकार ने सलूर में एक आदिवासी विश्वविद्यालय और आदिवासी इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना की है। राज्य सरकार ने पडेरू में एक मेडिकल कॉलेज भी स्थापित किया है और क्षेत्र में चिकित्सा बुनियादी ढांचे को बढ़ाया है। यह एजेंसी क्षेत्रों के लिए एक बड़ा वरदान है और ऐसा कुछ जो पिछले टीडीपी शासन के दिमाग में भी नहीं था।"
वहीं सीएम जगन के कार्यों की सराहना करते हुए अराकू विधायक चेट्टी पालगुना कहा कि राज्य सरकार ने एजेंसी क्षेत्रों में संचार सेवाओं को बढ़ाने के लिए 200 सेल टावर स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा, "ओडिशा की सीमा से लगे गांवों में सड़क कनेक्टिविटी चुनौतियों का समाधान करने के लिए, सरकार ने 56 करोड़ रुपये की लागत से 18 पुलों का निर्माण कार्य शुरू किया है। वाईएसआरसी सरकार ने न केवल 39,450 आदिवासियों को भूमि पट्टे दिए हैं, बल्कि एक सुविचारित किसान आश्वासन कार्यक्रम के माध्यम से उनकी कृषि भलाई भी सुनिश्चित की है।"
वहीं अनंतपुर में सामाजिक साधिकार बस यात्रा के दौरान स्थानीय विधायक वेंकटरामी रेड्डी ने कहा, " सीएम जगन के नेतृत्व में आंध्र प्रदेश सरकार ने उन वर्गों को भी प्रमुखता दी है, जिन्हें पहले हाशिए पर रखा जाता था।"


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