आंध्र प्रदेश में रेलवे प्रोजेक्ट्स को गति देने के लिए 9,138 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 2009 और 2014 के बीच आंध्र प्रदेश को केवल 886 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, जो कि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के संयुक्त राज्य के लिए था।
रेलवे में क्षमता बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इसके हिस्से के रूप में, तीन प्रमुख आर्थिक रेलवे कॉरिडोर परियोजनाओं को क्रियान्वित किया जाएगा और इसके परिणामस्वरूप अगले 6-8 वर्षों में 40,000 किमी ट्रैक बिछाए जाएंगे।

रेल मंत्री ने कहा कि भारतीय रेलवे को वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 2,52,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और फोकस प्रधान मंत्री के 'सबका साथ, सबका विकास' के दृष्टिकोण पर है। उन्होंने बताया कि आंध्र प्रदेश में रेलवे के विकास के लिए कुल निवेश 68,059 करोड़ रुपये है। राज्य में लगभग 97% ट्रैक विद्युतीकरण पूरा हो चुका है। इस क्षेत्र में हर साल 246 किमी लंबाई का रेल ट्रैक बिछाया जा रहा है, जबकि 2009-14 के दौरान यह आंकड़ा केवल 70 किमी प्रति वर्ष था।
मौजूदा वित्तीय वर्ष में आंध्र प्रदेश में रेलवे कि विकास को लेकर रेल मंत्री ने कहा, "अकेले आंध्र प्रदेश के लिए, 9,138 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पहले संयुक्त राज्य के लिए पांच वर्षों के लिए आवंटित राशि का 10 गुना है। 2014 के बाद से, राज्य को आवंटन साल दर साल बढ़ाया गया है।"
उन्होंने कहा विशाखापत्तनम रेलवे जोन के लिए 53 एकड़ जमीन मांगी गई है और एक बार जमीन केंद्र को सौंप दी जाएगी तो काम शुरू हो जाएगा। नये रेलवे जोन और जोनल मुख्यालय की डीपीआर को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। मंत्री ने बताया कि कुल मिलाकर आंध्र में 72 रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के हिस्से के रूप में विकसित किया जा रहा है।
राज्य सरकार के सूत्रों के अनुसार, जीवीएमसी ने विजाग शहर के विकास के लिए रेलवे की 26.11 एकड़ जमीन अपने कब्जे में ले ली थी। रेलवे से ली गई भूमि के बदले में, जीवीएमसी ने मुदासरलोवा में 52.22 एकड़ जमीन की पेशकश की है।


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