आंध्र प्रदेश के मुख्ममंत्री जगन मोहन रेड्डी ने बुधवार को अपनी सरकार का बजट 2024 पेश किया जिसमें जगन सरकार ने स्कूलों में बच्चों के ड्रॉपआउट दर को कम करने के दिशा से संबंधितकई योजनाएं शुरू की ओर उन्हें संचालित करने के लिए फंड भी आवंटित किया।

आंध्र प्रदेश के वित्त मंत्री बुग्गना राजेंद्रनाथ ने बुधवार को अपने लेखानुदान बजट में स्कूली शिक्षा के लिए 30,978.23 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव रखा था जिसमें 10,326.09 करोड़ रुपये का अग्रिम अनुदान (अप्रैल से जुलाई अवधि के लिए) मांगा। हायर एजुकेशन के लिए 2,331.23 करोड़ रुपये का प्रस्ताव दिया गया है और अग्रिम के रूप में 777.10 करोड़ रुपये की मांग की गई है।
वित्त मंत्री में सत्र को संबोधित करते हुए बताया आंध्र प्रदेश में उच्च शिक्षा तक पहुंच को लोकतांत्रिक बनाने और छात्रों के बीच वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जगन सरकार पिछले चार सालों दस महीनों में दूरदर्शी पहलें की है।
छात्रों के लाभ के लिए कार्यान्वित योजनाओं के में जानकारी देते हुए वित्त मंत्री ने बताया राज्य सरकार जगनन्ना विद्या दीवेना और वासथी दीवेना कार्यक्रमों के तहत, राज्य सरकार ने क्रमशः 11,901 करोड़ रुपये और 4,276 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इससे राज्य के लगभग 52 लाख छात्रों को लाभ पहुंचा।
इसके साथ ही मंत्री ने बताया कि "उच्च शिक्षा में ड्रॉप-आउट प्रतिशत में गिरावट 2018-19 में 20.37% से घटकर 2022-23 में 6.62% हो गई है, जिसका श्रेय इन दो योजनाओं को दिया जा सकता है।"
मंत्री ने कहा प्रदेश सरकार द्वारा संचालित की जा रही विदेशी विद्या दीवेना योजना वंचित छात्रों के लिए विश्व स्तरीय शिक्षा और अवसरों तक पहुंचने के द्वार खोलती है। वित्त मंत्री ने बताया राज्य के 1,858 एससी/एसटी/बीसी/अल्पसंख्यक छात्रों को वित्तीय सहायता दी गई है।
टॉपर 50 रैंक वाले विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रति छात्र 1.25 करोड़ रुपये तक दिया गया। उन्होंने बताया शिक्षा और उद्योग के बीच अंतर को पाटने के लिए, सरकार ने 1.95 लाख से अधिक स्नातक छात्रों के लिए बहुराष्ट्रीय निगमों में अल्पकालिक इंटर्नशिप की सुविधा प्रदान की है।"


Click it and Unblock the Notifications