आंध्र प्रदेश सरकार ने 10वीं और 12वीं छात्रों के लिए अनूठी पहल शुरू की है। जिसके तहत पहली बार राज्य शिक्षा विभाग ने दसवीं और बारहवीं कक्षा के असफल छात्रों का फिर से नामांकन किया है। नए कार्यक्रम के तहत अगर दसवीं और बाहरवीं के छात्र पहली बार में सफल नहीं हो पाते तो उन्हें दूसरी बार परीक्षा देने का मौका मिलेगा।
अगर आंध्र प्रदेश में 10वीं या फिर 12वीं की बोर्ड परीक्षा में कोई छात्र पहली बार में सफल नहीं होता तो आंध्र प्रदेश की सरकार के नए कार्यक्रम के तहत उसे दूसरी बार एक्जाम देने का मौका मिलेगा।

दरअसल, हाईस्कूल या फिर इंटरमीडियट परीक्षा में असफल हुए छात्र को दूसरी बार एक्जाम देने का मौका मिलेगा, जिसमें सफल होने पर मौजूदा सत्र में ही उन्हें अगले कक्षा में प्रवेश करने की योग्यता मिल जाएगी। यानी आंध्र प्रदेश शिक्षा विफाग के नए कार्यक्रम के तहत स्टूडेंट के सत्र को खराब होने से बचाया जा सकेगा।
शिक्षा विभाग की नई पहल के तहत अब तक लगभग 1.9 लाख छात्र, जिन्होंने इस कार्यक्रम का लाभ उठाया है। ये छात्र फिर से अगली कक्षाओं में नियमित रूप से दाखिला लेने के बाद पढ़ाई कर रहे हैं।
शिक्षा विभाग के इस कार्यक्रम के तहत छात्र अपने अंकों में सुधार करने के लिए किसी भी परीक्षा को दोबारा दे सकते हैं। इसमें वे पेपर भी शामिल हैं, जिनमें वे सफल हुए हैं। किसी विषय में अंतिम अंक वही माना जाएगा जो सबसे अधिक होगा।
मिशन 100% जीईआर के निदेशक एमआर प्रसन्ना कुमार के मुताबिक असफल छात्रों को साल भर मुख्य परीक्षा की प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं है। प्रसन्ना ने कहा, "छात्रों को यह चुनने की स्वतंत्रता है कि वे अपने स्कोर में सुधार करने के लिए कौन सी परीक्षा दोबारा देना चाहते हैं। वे पूरी तरह से उन परीक्षाओं को दोबारा देने पर भी ध्यान केंद्रित कर सकते हैं जिनमें वे असफल रहे थे।"
प्रसन्ना ने उम्मीद जताते हुए कहा कि आंध्र प्रदेश शिक्षा विभाग की नई पहल छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ाने, अवसाद जैसी स्थितियों से दूर रखने और भविष्य संवारने का एक अवसर देगी। उन्होंने कहा, "छात्रों को नियमित कक्षा निर्देश का हिस्सा बनाने से उन्हें अपनी शिक्षा को रीसेट करने और अपने उज्जवल भविष्य की ओर बढ़ने का मौका मिल रहा है।"


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