उत्तर प्रदेश सरकार अयोध्या और वाराणसी के साथ प्रदेश के 17 महानगरों को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने जा रही है। इतना ही नहीं सोलर इनर्जी को प्रोत्सहित करने के लिए महानगरों को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने के बाद यूपी की योगी सरकार का लक्ष्य ग्रामीण इलाकों को सोलर ग्राम के रूप में विकसित करने का है।

राम मंदिर के निर्माण के साथ ही सीएम योगी की सरकार ने रामनगरी अयोध्या को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। जिस पर तेजी से काम चल रहा है साथ ही काशी नगर वाराणसी को भी सोलर सिटी के रूप में विकसित करने का कार्य शुरू कर चुकी है।
वहीं इसके बाद उत्तर प्रदेश के कुल 17 महानगरों को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की योजना पर काम शुरू किया जाएगा।
ये जानकारी बुधवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने दी। इसके साथ ही उन्होंने कहा बहुत जल्द उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य बनकर सामने आएगा। अयोध्या से इसकी शुरूआत हो चुकी है, अयोध्या में 14 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन शुरू हो चुका है।
योगी सरकार की ये पहल एक पंथ दो काज जैसी साबित होगी, क्योंकि एक तरफ जहां सोलर लाइट के प्रयोग से काफी बड़ी मात्रा में बिजली की बचत होगी साथ ही सोलर बिजली उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा जो हर लिहाज से राज्य के शहरी और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले नागरिकों को लाभ होगा।
बता दें प्रदेश सरकार प्रदेशवासियों को बिजली बेच कर धन कमाने का भी मौका दे रही है। जिसके तहत घर की छत या प्रांगण में सोलर इनर्जी प्लांट लगाकर अपने घर के प्रयोग के लिए बिजली का उत्पादन तो कर ही सकते हैं इसके अलावा सौर्य ऊर्जा से उत्पन्न की गई बिजली को सरकार को बेच कर कमाई कर सकते हैं।
इसके अलावा खराब मौसम में बिजली विभाग से इस एवज में मुफ्त बिजली हासिल कर सकते हैं। सरकार सोलर प्लॉट लगाने के लिए बड़ी संख्या में धनराशि सब्सिडी के रूप में दे रही है। इसके अलावा सरकार सिंचाई के लिए सोलर इनर्जी से ही नलकूप चलाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है और इसके लिए आर्थिक सहायता कर रही है।


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