अग्निपथ योजना (Agneepath Scheme) से जुड़ी एक खबर तेजी से वायरल हो रही. इसमें दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार योजना से जुड़े अहम बदलाव करने वाली है. नए बदलाव के बाद सर्विस की अवधि को बढ़ाकर 7 साल कर दिया जाएगा, जोकि 4 साल की है. साथ ही 25 फीसदी के बजाय 60 फीसदी अग्निवीरों को स्थाई कमीशन दिया जाएगा. व्हाट्सअप पर तेजी से वायरल हो रहे इस मैसेज पर सरकार का बयान आ गया है, जिसमें वायरल खबर को फर्जी बताया गया है. सरकार ने इन सभी दावों को अफवाह कहा है.
वायरल मैसेज पर सरकार का बयान
प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि एक फेक व्हाट्सएप मैसेज में दावा किया जा रहा है कि अग्निपथ योजना को कई बदलावों के साथ समीक्षा के बाद 'सैनिक सम्मान स्कीम' के रूप में दोबारा लॉन्च किया गया है, जिसमें ड्यूटी की अवधि को 4 साल से बढ़ाकर 7 साल कर दिया जाएगा. साथ ही 60 प्रतिशत स्थायी कर्मचारी और बढ़ी हुई आय शामिल है. पोस्ट में साफ किया गया है कि भारत सरकार ने ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया है.

अग्निपथ योजना क्या है?
अग्निपथ योजना एक टूर ऑफ़ ड्यूटी स्टाइल स्कीम है, जिसे सितंबर 2022 में सशस्त्र बलों की तीनों सेवाओं में कमीशन पाने वाले अधिकारियों से नीचे के रैंक के सैनिकों की केवल 4 साल की भर्ती के लिए लागू किया गया है. अग्निपथ स्कीम के तहत भर्ती किए गए कर्मियों को अग्निवीर कहा जाता है.
स्कीम के तहत कर्मियों को 4 साल की सर्विस के दौरान छह महीने की ट्रेनिंग भी दी जाती है. इसके तहत 4 साल की नौकरी के बाद अग्निवीरो को उनकी कार्यक्षमता के आधार पर रेटिंग दी जाएगी. फिर इसी मेरिट के आधार पर 25 प्रतिशत अग्निवीरों को परमानेंट सर्विस में लिया जाएगा.
विपक्ष के निशाने पर है ये स्कीम
विपक्षी दल अग्निपथ योजना पर शुरू से ही विरोध में हैं. योजना पर लगातार सवाल उठा रहे. इसी को लेकर विपक्ष ने लोकसभा चुनाव अभियान के दौरान भी जोरदार आवाज उठाई. कांग्रेस पार्टी ने तो सत्ता में आने पर इस योजना को खत्म करने तक की बात कही.


Click it and Unblock the Notifications