झारखंड में जरूरतमंद और गरीब लोगों को पेंशन योजना के साथ जोड़ने का प्रदेश सरकार लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले चार वर्षों में प्रदेश में बड़ी संख्या में पेंशन योजना से लोगों को जोड़ा है। पिछले चार वर्षों में पेंशनधारियों की संख्या 35 लाख पहुंच गई है, इसमे 82 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है।
मुख्यमंत्री पूर्व की सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा क्या कारण था 20 वर्षों तक पूर्व की सरकारों द्वारा झारखण्ड के लाखों गरीब और जरूरतमंद लोगों को पेंशन के अधिकार से वंचित किया गया था? और मात्र चार साल में पेंशनधारियों की संख्या 82 प्रतिशत बढ़ गयी है। यह आपकी झारखण्डी सरकार की संवेदनशीलता है अपने राज्य के लोगों के प्रति, उनसे किये गए वादे के प्रति। हम जो कहते हैं, वो करते हैं!

बता दें कि झारखंड में सर्वजन पेंशन योजना के तहत तकरीबन 9 योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसमे से तीन योजनाएं केंद्र द्वारा संपोषित की जा रही है जबकि बाकी की छह योजनाएं राज्य सरकार की ओर से चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं के तहत प्रदेश में 35 लाख 68 हजार पेंशनधारियों को पेंशन मिल रही है। पिछले चार वर्षों में पेंशनधारियों में 82 फीसदी का इजाफा हुआ है।
महिला बाल विकास एव सामाजिक सुरक्षा विभाग के सचिव कृपानंद झा ने बताया कि पेंशनधारियों को समय पर पेंशन मिले इसके लिए सरकार ने 100 करोड़ रुपए के रिवॉल्विंग फंड का इंतजाम किया है। अब पेंशन में विलंब नहीं होगा, जनवरी की पेंशन फरवरी में नहीं बल्कि जनवरी में ही मिलेगी। वर्ष 2023 में आपके अधिकार, आपकी सरकार, आपके द्वार कार्यक्रम के तहत कुल 6.56 लाख पेंशन के आवेदन प्राप्त हुए हैं।
कृपानंद झा ने बताया कि सरकार वृद्धा पेंशन की उम्र को 60 से घटाकर 50 वर्ष करने पर विचार कर रही है। एसटी और महिलाओं को इसका लाभ दिया जाएगा। इससे 18 लाख नए पेंशनधारी जुडे़ंगे। इसके साथ ही प्रदेश में ट्रांसजेंडर के उत्थान के लिए भी बोर्ड का गठन किया गया है।


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