नववर्ष से पहले दिल्ली में केजीरवाल सरकार प्रदेशवासियों को 500 नई इलेक्ट्रिक बसों की सौगात दी है। आज आईपी डिपो से इन इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इसके साथ ही दिल्ली में अब इलेक्ट्रिक बसों की संख्या 1300 हो गई है, जोकि किसी भी शहर के बसों के बेड़े की तुलना में सर्वाधिक संख्या है।
दिल्लीवासियों को प्रदूषण से मुक्ति दिलाने और उन्हें विश्वस्तरीय सुगम परिहवन सुविधा मुहैया कराने के लिए 17 जनवरी 2022 को पहली इलेक्ट्रिक बस को हरी झंडी दिखाई और लगातार केजरीवाल सरकार के द्वारा बसों के बेड़े में नई इलेक्ट्रिक बसें जुड़ती चली गईं।

इन बसों को हरी झंडी दिखाने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मुझे बहुत खुशी है कि दिल्ली की सड़कों पर 500 ईवी बसें जोड़ी गई हैं, अब दिल्ली में 1300 ईवी बसें हो गई हैं, देश में नंबर वन शहर दिल्ली बन गया है जहां पर इतनी बड़ी संख्या में ईवी बसें संचालित हो रही हैं। इसी तरह से दिल्ली की परिवहन सेवा को बेहतर करने के लिए हमारी कोशिशें जारी रहेंगी।
इन इलेक्ट्रिक बसों के आने से ना सिर्फ दिल्लीवासियों को यात्रा करने में आसानी हुई है बल्कि प्रदूषण के खिलाफ उनकी लड़ाई और भी मजबूत हुई है। इन अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसों के शुरू होने से अबतक कार्बन इमिशन में 34194 टन की भारी कमी आई है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की दूरदर्शी नीतियों के चलते दिल्ली आज देश की इलेक्ट्रिक वाहनों की राजधानी बन गई है। वर्ष 2025 तक दिल्ली की सड़कों पर 10480 बसें होंगी, जिसमे से 8280 बसें ईवी होगी। साथ ही दिल्ली में ईवी बसों का योगदान बढ़कर 80 फीसदी हो जाएगा। दिल्ली ट्रांसपोर्ट मॉडल देश के किसी भी राज्य के लिए एक मिशाल है।
दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों के जुड़ने का सिलसिला 17 जनवरी को शुरु हुआ, इस दिन पहली बस जुड़ी, इसके बाद मार्च 2022 में 2 बस, 24 मई को 150 बस, 24 अगस्त को 97 बस, 2 जनवरी 2023 को 50 बस, 1 मई 2023 को 100 बस और 5 सितंबर 2023 को 400 बसें जुड़ी और आज 500 और बसें दिल्ली ट्रांसपोर्ट के बेड़े में जुड़ जाएगी।


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