UP News: देश की सुरक्षा में अब लखनऊ, झांसी और अलीगढ़ का भी खास योगदान होगा। जी हां, यहां बनने वाले कॉरिडोर देश के डिफेंस सिस्टम में सहयोग करेंगे। दरअसल, बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने झांसी, लखनऊ और अलीगढ़ में निवेश में गहरी दिलचस्पी दिखाई है।
इतना ही नहीं, डिफेंस कॉरिडोर के लिए लगभग 25 हजार करोड़ रुपये के प्रस्ताव फाइनल हुए हैं। अब तक, यूपी में छह नोड में अभी तक 138 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, छह जिलों अलीगढ, झांसी, कानपुर, आगरा, चित्रकूट और लखनऊ में रक्षा कॉरिडोर विकसित किए जा रहे है।

इन छह जिलों में कॉरिडोर विकसित करने के लिए 5,000 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। जानकारी के मुताबिक, इसमें से लगभग 1700 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण करके पहले ही निवेशकों को आवंटित की जा चुकी है। इस बात की जानकारी खुद उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर अथॉरिटी (यूपीडीसीए) के वरिष्ठ अधिकारियों ने दी है।
इतना ही नहीं, उन्होंने बताया कि अलीगढ़ में अधिग्रहीत जमीन निवेशकों को आवंटित कर दी गई है। इसके साथ ही दूसरे चरण के लिए कानपुर और लखनऊ में जमीन अधिग्रहण का काम चल रहा है। विशेष रूप से, झांसी में प्रमुख कंपनियों की दिलचस्पी बढ़ी है, खासकर भारत डायनेमिक्स लिमिटेड के प्रवेश के बाद।
कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने रक्षा गलियारे के लिए एमओयू में रुचि व्यक्त की है। अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस, एंकर रिसर्च लैब, जेनेसिस, सेल, ईएमआईटेक, ब्रह्मोस एयरोस्पेस, टाटा टेक्नोलॉजीज, ऑप्टिक इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया, भारत डायनेमिक्स लिमिटेड, एलएंडटी, डेल्टा कॉम्बैट जैसी कम्पनियां शामिल हैं।
इसके अलावा हंस एनर्जी, स्पाइसजेट टेक्नोलॉजीज, वेरिविन डिफेंस, बीईएमएल, एचएएल जैसी उल्लेखनीय संस्थाएं यूपीडीसीए के साथ समझौते में शामिल लोगों में ग्लाइडर्स इंडिया, आईआईटी कानपुर, आईआईटी बीएचयू और डीआरडीओ शामिल हैं।


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