पिछले कुछ दिनों से जिस तरह से कड़ाके की ठंड पड़ रही है उसकी वजह से एनसीआर में स्मॉग एक बड़ी समस्या बनी हुई है। इसकी एक बड़ी वजह खेतों में किसानों द्वारा जलाई जाने वाली पराली है। ऐसे में किसान पराली ना जलाएं इसके लिए कंप्रेस्ड ,बायोगैस संयंत्र लगाए जाएंगे। उत्तर प्रदेश में 100 बायोगैस संयंत्र लगाए जाएंगे। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इसकी घोषणा की। बदायूं में एक कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट का उद्घाटन किया गया है।
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी जी ने घोषणा की है कि उत्तर प्रदेश में जल्द ही 100 नए बायोगैस प्लांट स्थापित होंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा है जनपद बदायूं में कम्प्रेस्ड बायो गैस के नए प्लांट का उद्घाटन हो गया है और प्रदेश के 8 अन्य जनपदों जौनपुर, अमेठी, सीतापुर, फतेहपुर, बहराइच, बरेली, कन्नौज और बदायूं में कम्प्रेस्ड बायो गैस के नए संयंत्र का शिलान्यास भी किया जाएगा। अब तक 37 प्लांट की स्थापना के लिए भूमि चयन आदि की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

उत्तर प्रदेश में 37 संयंत्र की स्थापना के लिए जमीन की चयन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। मुख्यमंत्री आवास पर पत्रकारों से बात करते हुए हरदीप पुरी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ की। सीएम योगी की तारीफ करते हुए हरदीप पुरी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी से हमे बड़ा सहयोग मिल रहा है। पिछले 7 वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य की श्रेणी से बाहर आ गया है। बदायूं प्लांट में 135 करोड़ रुपए का निवेश किया गया है। इस प्लांट को 50 एकड़ जमीन में विकसित किया गया है।
हरदीप पुरी ने कहा कि यहां हर रोज 14 टन कंप्रेस्ड बायोगैस का उत्पादन होगा। यह बायोगैस प्लांट पराली निदान के लिए काफी अहम साबित होगा। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वेस्ट टू वेल्थ की परिकल्पना को साकार करने के लिए बायोगैस एक बेहतरीन विकल्प है। इससे एनसीआर में स्मॉग की समस्या का भी समाधान होगा और किसानों की आमदनी बढ़ेगी। साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।


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