Platform Fees: Zomato कंपनी ने हाल ही में अपनी सालाना रिपोर्ट में बड़ी जानकारी दी है। ऑनलाइन ऑर्डर पर फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो ने 2024 में मार्च तक ग्राहकों से प्लेटफॉर्म फीस के तौर पर 83 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इस पैसे को कमाने के लिए कंपनी ने प्लेटफॉर्म फीस का सहारा लिया। आइए आपको बताते हैं कि आखिर ये प्लेटफॉर्म फीस क्या है और इससे ग्राहक की जेब पर क्या असर पड़ता है।

आखिर क्या होती है प्लेटफॉर्म फीस?
स्विगी, जोमैटो जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने पर प्लेटफॉर्म फीस वसूली जाती है। ये फीस आपके द्वारा ऑर्डर किये गए सामान की कीमत के साथ जोड़ दी जाती है, जिससे आपका बिल अधिक हो जाता है। पिछले साल के अगस्त महीने से ही जोमैटो ने ग्राहकों से प्लेटफॉर्म फीस वसूलना शुरू किया था। इससे zomato ने एक साल में 83 करोड़ रुपये कमा लिए। प्लेटफॉर्म फीस को कंपनियां ऑर्डर की कुल कीमत में जोड़ देती है और इससे भुगतान का पैसा भी अधिक हो जाता है। कई रेस्तरां इस फीस को अपने खाने की कीमत में ही जोड़ देते हैं और इससे मेनू की कीमत भी बढ़ जाती है।
क्यों ली जाती है प्लेटफॉर्म फीस
अपने प्लेटफॉर्म को मेंटेन करने के लिए प्लेटफॉर्म फीस ग्राहकों से वसूलता है। जिसमें ऐप और वेबसाइट के संचालन, उन्हें अपडेट करना और सुरक्षित रखना शामिल है। इस फीस का इस्तेमाल डिलीवरी पार्टनर को भुगतान करने के लिए भी किया जाता है। इसके अलावा ग्राहक सेवा, मार्केटिंग और बिजनेस को संचालित रखने की अन्य लागतों के लिए भी इस फीस का यूज होता है।
Zomato की रिपोर्ट में हुआ ये खुलासा
सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, 'जीओवी (ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू) के प्रतिशत के रूप में अडजस्टेड रिवेन्यू में वृद्धि जारी रही है। इसका मुख्य कारण रेस्टोरेंट कमीशन दरों में वृद्धि, विज्ञापन मोनिटाइजेशन में सुधार और पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही से प्लेटफॉर्म फीस शुल्क की शुरुआत है।'
जोमैटो अपने 'गोल्ड' सब्सक्रिप्शन वाले ग्राहकों को मुफ्त डिलिवरी ऑफर करती है। कंपनी के अनुसार, प्लेटफॉर्म फीस समेत तीनों लाभों ने मुफ्त डिलिवरी लाभ के कारण प्रति ऑर्डर होने वाले नुकसान की भरपाई कर दी है। शुरुआत में कंपनी प्लेटफॉर्म फीस के रूप में दो रुपये प्रति ऑर्डर लेती थी, लेकिन बाद में धीरे-धीरे इसे बढ़ाकर छह रुपये कर दिया गया। इन शुल्कों को लागू करने की जोमैटो की रणनीति कंपनी के लिए वित्तीय रूप से फायदेमंद साबित हुई है, जिससे उसे बदलते बाजार की स्थितियों के बीच विकास और लाभप्रदता बनाए रखने में मदद मिली है।
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