नयी दिल्ली। हम रिटर्न पाने और बुरे समय में अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए निवेश करते हैं। आज के समय में सिर्फ एक कमाई घर के लिए पूरी नहीं होगी। लोग थोड़ी बहुत कमाई के लिए कुछ डिपॉजिट स्कीमों में पैसा जमा कर देते हैं। मगर क्या आप जहां तक निवेश कर रहे हैं वहां से आपको इतना रिटर्न मिलेगा कि वो महंगाई को हरा सके। क्योंकि निवेश पर मिलने वाला रिटर्न इतना होना चाहिए कि महंगाई को पीछे छोड़ दे। वरना असल में आपका रिटर्न कम हो जाएगा। यहां हम आपको 6 ऐसे ऑप्शन की जानकारी देंगे, जो महंगाई को पछाड़ सकते हैं।
रियल एस्टेट
इस समय मुद्रास्फीति दर करीब 8 प्रतिशत है। यानी एक साल में आपके 100 रु असल में 92 रु रह जाएंगे। इसलिए उस विकल्प की तलाश करनी चाहिए जो मुद्रास्फीति दर से अधिक रिटर्न दे सकते हैं। रियल एस्टेट एक ऐसा ही ऑप्शन है। लंबी अवधि में रियल एस्टेट मुद्रास्फीति से अधिक रिटर्न देने की क्षमता रखता है। मगर ध्यान रहे कि अपनी कुल निवेश राशि के एक तिहाई से ज्यादा यहां निवेश न करें।
इक्विटी में लगाएं पैसा
इक्विटी में मध्य या लंबी अवधि का निवेश आपको बहुत फायदा पहुंचाएगा। मगर आपको उन कंपनियों का चुनाव करना होगा, जिनकी फंडामेंटल अच्छे हों, फ्यूचर स्कोप बढ़िया हो और जिस इंडस्ट्री की वो कंपनी उसमें अवसर हों। महामारी वाले साल में भी निफ्टी का रिटर्न 70% रहा है। वहीं इक्विटी में निवेश के लिए म्यूचुअल फंड अच्छा ऑप्शन है।
लाभांश देने वाले शेयर
यह एक और ऑप्शन है जो न केवल आपको इनकम का एक नियमित स्रोत देता है, बल्कि समय के साथ अच्छी लाभांश इनकम हासिल करने में मदद करता है। मान लीजिए कि आपके पास टीसीएस जैसा शेयर है, जो आम तौर पर 10 वर्षों में समय के साथ लगातार बढ़ा हुआ लाभांश देता है तो आप निश्चित रूप से मुद्रास्फीति को हरा देंगे। जरूरत है ऐसे शेयर चुनने की जो लगातार लाभांश देते हैं।
सोना
ऐतिहासिक रूप से सोना भी मुद्रास्फीति के खिलाफ एक बचाव वाला ऑप्शन है। इस समय जब मुद्रास्फीति एक जोखिम है, सोना फिर से साल के अंत तक 50000 रुपये पर पहुंच सकता है। अगर ऐसा हुआ तो यह बहुत आराम से मुद्रास्फीति को मात दे सकता है।
गोल्ड ईटीएफ
मुद्रास्फीति की तुलना में अधिक रिटर्न प्राप्त करने के लिए, आप ईटीएफ में निवेश कर सकते हैं। इस रूट से निवेशक मध्यम अवधि में अच्छा रिटर्न पा सकते हैं। सोने में निवेश करने के लिए गोल्ड ईटीएफ एक अच्छा ऑप्शन माना जाता है। गोल्ड ईटीएफ दरअसल म्यूचुअल फंड ही है। गोल्ड ईटीएफ भी सोने के रेट पर ऊपर-नीचे होते हैं। गोल्ड ईटीएफ निवेशकों को लंबी अवधि में जोरदार रिटर्न कमाने का मौका मिलता है। अच्छी बात ये है कि गोल्ड ईटीएफ इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में होते हैं। आपको इसमें सोने की शुद्धता को लेकर चिंता करने की कोई जरूरत नहीं होती। फिजिकल गोल्ड के मुकाबले गोल्ड ईटीएफ को जल्दी और मौजूदा रेट पर बेचा जा सकता है।
कमोडिटी स्टॉक्स
ये स्टॉक (जैसे कि मेटल, एग्री-कमोडिटीज या ऑयल सेक्टर के शेयर) मुद्रास्फीति के समय में ज्यादा फायदे में रहते हैं। ऐसे समय में उत्पादकों को मूल्य तय करने की शक्ति मिलती है और कंपनियां इससे अच्छा लाभ उठाती हैं। बदले में निवेशकों को बढ़िया रिटर्न मिलता है।


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