नयी दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए गांधीनगर में जीआईएफटी अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र में दो अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंजों पर INR-USD फ्यूचर्स एंड ऑप्शन (एफएंडओ) का शुभारंभ किया है। इस ट्रेड ऑप्शन को बीएसई के इंडिया आईएनएक्स और एनएसई के एनएसई-आईएफएसी पर लॉन्च किया गया है। INR-USD एफएंडओ को काफी उपयोगी माना जा रहा है, क्योंकि इससे भारतीय मुद्रा बाजार में जोखिम और अस्थिरता को कम करने में मदद मिलेगी। निवेशक इसमें ट्रेड भी कर सकते हैं। आइये जानते हैं इस नये प्लेटफॉर्म के बारे में सब कुछ।
फ्यूचर एंड ऑप्शन करेंसी कॉन्ट्रैक्ट क्या है
साधारण शब्दों में फ्यूचर एंड ऑप्शन (एफएंडओ) किसी को भविष्य की तारीख में खरीदने या बेचने का विकल्प देना है, इसके अलावा कुछ नहीं। इसलिए यदि आपको लगता है कि भारतीय रुपया इस साल नवंबर तक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिर जाएगा, तो आप एफएंडओ बाजार में डॉलर खरीद सकते हैं, जिसके लिए एक्सपायरी नवंबर एफएंडओ कॉन्ट्रैक्ट में होगी। दूसरी ओर यदि आपको लगता है कि डॉलर रुपये के मुकाबले गिर जाएगा, तो आप नवंबर कॉन्ट्रैक्ट में अब डॉलर बेच सकते हैं। बेशक आपको इसे नवंबर तक बेचने या वापस खरीदने की ज़रूरत नहीं है, लेकिन आप कभी भी सौदों से पैसा कमाने के लिए अपने कॉन्ट्रैक्ट में बदलाव कर सकते हैं। ध्यान रहे कि हमने अभी नवंबर का उदाहरण दिया है, लेकिन आप उन कॉन्ट्रैक्ट को भी खरीद सकते हैं जो जून, जुलाई आदि में समाप्त हो रहे हैं।
बिना अपने पास हुए डॉलर बेचें कैसे
अब यहां आपके मन में सवाल उठेगा कि हम डॉलर कैसे बेच सकते हैं, जबकि हमारे पास डॉलर है ही नहीं? तो बता दें कि यह एफएंडओ बाजार की खासियत है, जहां आप बिना अपने पास हुए कुछ बेच सकते हैं। यह याद रखना सबसे महत्वपूर्ण है कि यदि आप नवंबर कॉन्ट्रैक्ट में डॉलर बेचते हैं, तो आपको नवंबर कॉन्ट्रैक्ट समाप्त होने से पहले कभी भी इसे वापस खरीदना होगा, जिसका मतलब है कि आपको अपनी स्थिति को बैलेंस करना होगा। दूसरी बात जब आप एफएंडओ में शेयर खरीदते हैं तो आप हमेशा एक लॉट (कुछ शेयरों की एक लॉट) खरीदते हैं। उदाहरण के लिए शेयर बाजार के एफएंडओ सेगमेंट में आप 1 लॉट खरीद सकते हैं, जो 1,000 शेयर या 500 शेयर हो सकते हैं। करेंसी मार्केट में भी आप 1,000 डॉलर खरीद या बेच सकते हैं। दिलचस्प बात ये है कि आपको केवल एक मार्जिन रखना होगा।
यह मार्जिन क्या है?
यदि आप विदेश यात्रा कर रहे हैं और आपको डॉलर चाहिए तो आपको 75,000 रुपये (75 x 1000 डॉलर) 100 डॉलर के लिए भुगतान करना होगा, लेकिन एफएंडओ में आप केवल 10 फीसदी का मार्जिन देते हैं। तो आपको सिर्फ 7,500 रुपये की जरूरत। यह एफएंडओ मार्केट का एक फायदा है, जहां आप छोटी रकम के साथ बड़ी मात्रा में डॉलर खरीद सकते हैं। लेकिन यहां आपका जोखिम भी बहुत अधिक हो जाता है।
बीएसई, एनएसई पर INR-USD F&O कॉन्ट्रैक्ट्स के क्या फायदे हैं?
काफी हद तक इससे अस्थिरता को कम करने में मदद मिलेगी। पहले आरबीआई ने कभी भी डॉलर के मुकाबले रुपये की विशेष कीमत का लक्ष्य नहीं रखा, लेकिन हमेशा अस्थिरता को कम करने पर जोर दिया। हमारे पास एफएंडओ सेगमेंट में व्यापार करने का विकल्प होगा तो निश्चित रूप से अस्थिरता कम करने मदद मिलेगी। पहले ऐसा कई बार हुआ है जब कुछ ही ट्रेडिंग सत्रों में रुपये में लगभग 10 प्रतिशत की तेज गिरावट देखी गई। करेंसी मार्केट में अस्थिरता एक घबराहट का कारण बन सकती है। खास कर पूंजी बाजारों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के लिए। सौभाग्य से भारत में आज किसी भी प्रकार की अस्थिरता को रोकने के लिए पर्याप्त और अधिक विदेशी मुद्रा भंडार है।
More From GoodReturns

AlphaGrep Flexi Cap Fund NFO: निवेश का आज आखिरी मौका, चूक न जाएं ये जरूरी स्टेप्स

10 साल के G-sec की आज नीलामी: FD या म्यूचुअल फंड, निवेश के लिए क्या है बेस्ट?

अगस्त 2026 में बैंक की लंबी छुट्टियां: क्या आपकी EMI और SIP पर पड़ेगा असर?

Nifty 25,000 की ओर या आएगा Correction? Banking, NBFC और IT Sector पर Expert की बड़ी राय

अनलिमिटेड 5G का सच: Jio, Airtel और Vi के प्लान्स में क्या है छिपा हुआ पेंच?

HDFC SmartBuy पर Amazon Pay वाउचर गायब: रिवॉर्ड पॉइंट्स बचाने का अब क्या है तरीका?

Juniper Green Energy और MV Electrosystems IPO: आज जारी होगा अलॉटमेंट स्टेटस, ऐसे करें चेक

Navin Fluorine के शेयरों में तूफानी तेजी! Q1 Results के दौड़ा शेयर, आगे क्या होगा?

DTH और Cable TV होने वाला है बंद? सरकार के नए नियमों का पूरा Fact Check!

ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका

GST e-Way Bill में बड़ा बदलाव: 1 अगस्त से Ship-to GSTIN अनिवार्य, कहीं आपका माल न रुक जाए!



Click it and Unblock the Notifications