नई दिल्ली, 6 जनवरी। एक फंड ऑफ फंड, जिसे एफओएफ के नाम से जाना जाता है, कुछ अन्य म्यूचुअल फंडों में निवेश करता है। इसका मतलब है कि आप एफओएफ के जरिए इनडायरेक्ट तौर पर म्यूचुअल फंड योजनाओं में निवेश करते हैं। यह तो आपको पता होगा कि एक म्यूचुअल फंड मैनेजर निवेशकों का पैसा कंपनियों के शेयरों या सिक्योरिटीज में लगाता है। इनमें एफओएफ उन म्यूचुअल फंडों में निवेश करेगा, जो कि केवल इक्विटी बाजारों से लिंक है, लेकिन इनडायरेक्ट रूप से। हालांकि, एफओएफ को टैक्सेशन के लिए नॉन-इक्विटी योजनाओं के रूप में रेफर किया जाता है। इसलिए, इस निवेश पर जीरो लॉन्ग-टर्म कैपिटल गैन्स टैक्स नहीं होगा। मोतीलाल ओसवाल नैस्डैक 100 एफओएफ, कोटक एसेट एलोकेटर, क्वांटम इक्विटी एफओएफ कुछ मशहूर एफओएफ हैं, जो इस समय उपलब्ध हैं।
पहला सिल्वर ईटीएफ
अब निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड (एनआईएमएफ) ने भारत के पहले सिल्वर एफओएफ के साथ सिल्वर ईटीएफ लॉन्च किया है। निप्पॉन इंडिया सिल्वर ईटीएफ के लिए न्यूनतम निवेश 1,000 रु और सिल्वर ईटीएफ फंड ऑफ फंड के लिए न्यूनतम निवेश राशि 100 रु है। दोनों योजनाएं 13 जनवरी को खुलेंगी और 27 जनवरी, 2022 को बंद हो जाएंगी।
डीमैट खाते की जरूरत नहीं
एनआईएमएफ सिल्वर एफओएफ के माध्यम से, निवेशक डीमैट खाते की जरूरत के बिना निवेश कर सकेंगे और सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) का विकल्प भी चुन सकते हैं। एक सिल्वर ईटीएफ आम तौर पर फिजिकल चांदी (लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन के अनुरूप 99.9%) और चांदी से संबंधित उपकरणों में निवेश करेगा। तो ये चांदी की घरेलू कीमत के उतार-चढ़ाव के आधार पर प्रदर्शन करेगा
सिल्वर ईटीएफ एफओएफ
दूसरी ओर, निप्पॉन सिल्वर ईटीएफ एफओएफ निप्पॉन इंडिया सिल्वर ईटीएफ की यूनिट्स में निवेश करके और इसी से मिलने वाले रिटर्न के अनुसार रिटर्न देने की कोशिश करेगा। ईटीएफ या एफओएफ (सोना/चांदी) में निवेश निवेशकों को टेंशन फ्री स्टोरेज, छोटी राशि में निवेश, चोरी का कोई डर नहीं, आसान लिक्विडिटी का आश्वासन देते हैं। जबकि फिजिकल सोना/चांदी रखने से भंडारण और लिक्विडिटी का बोझ पड़ता है।
चांदी का शेयर बाजार से संबंध
निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड के प्रमुख ईटीएफ हेमेन भाटिया के अनुसार ऐतिहासिक रूप से, चांदी का भारतीय इक्विटी इंडेक्स से कम पारस्परिक संबंध है और इसलिए, यह निवेशकों को अपने एसेट एलोकेशन के जरिए पोर्टफोलियो में विविधता लाने का अवसर प्रदान करेगा। साल 2021 के दौरान सोने का बाजार 2020 की तुलना में मंदा रहा, जबकि चांदी ने निवेशकों के लिए अहम भूमिका निभाई। इसलिए, यदि आप वैकल्पिक निवेश साधनों की तलाश कर रहे हैं, तो सिल्वर ईटीएफ और सिल्वर ईटीएफ एफओएफ कुछ ऑप्शन हो सकते हैं।


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