Budget 2024: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को बजट 2024-25 पेश करने जा रही है।सभी को इंतजार है कि इस बार के बजट में वित्त मंत्री क्या ऐलान करने वाली हैं। बजट में कुछ ऐसे शब्दों का इस्तेमाल होता है जिन्हें आम लोग समझ नहीं पाते, लेकिन बजट को समझने के लिए इन्हें जानना सबसे जरूरी है। ऐसा ही एक शब्द है फिस्कल पॉलिसी (Fiscal Policy)। अगर आप भी इस शब्द का मतलब सही से नहीं जानते हैं तो चलिए इसके बारे में आपको बताते हैं।

जानिए क्या है फिस्कल पॉलिसी?
किसी सरकार के लिए उसकी फिस्कल पॉलिसी बहुत अहम होती है। फिस्कल पॉलिसी को राजकोषीय नीति भी कहा जाता है। इसमें सरकार की आय और खर्च से जुड़ी चीजें आती हैं। अगर सरकार की आय अच्छी है तो उसे अपने खर्च को पूरा करने के लिए कम कर्ज लेना पड़ता है। आय कम होने पर सरकार को ज्यादा कर्ज लेना पड़ता है।
इनके विचार पर आधारित है फिस्कल पॉलिसी
फिस्कल पॉलिसी मुख्य रूप से ब्रिटिश अर्थशास्त्री जान मेनार्ड कीन्स (1883-1946) के विचारों पर आधारित है जिन्होंने तर्क दिया कि आर्थिक मंदी उपभोग खर्च और एग्रीगेटेड मांग के व्यवसाय निवेश घटकों में कमी के कारण होती है। कीन्स का मानना था कि सरकारें निजी क्षेत्र की कमियों को पूरा करने के लिए खर्च एवं कर नीतियों को समायोजित करने के द्वारा बिजनेस साइकल को स्थिर बना सकती हैं और आर्थिक प्रोडक्शन को नियंत्रित कर सकती हैं।
फिस्कल पॉलिसी और बजट का संबंध
मंदी के दौरान, सरकार एग्रीगेटेड डिमांड बढ़ाने के लिए और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए टैक्स रेट को कम करने के लिए फिस्कल पॉलिसी का उपयोग कर सकती है। फिस्कल पॉलिसी मुख्य रूप से जान मेनार्ड कीन्स के विचारों पर आधारित है जिन्होंने तर्क दिया था कि सरकारें बिजनेस साइकल को स्थिर बना सकती हैं और आर्थिक प्रोडक्शन को नियंत्रित कर सकती हैं।


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