मृत्यु के बाद क्या एक्टिव रहता है पैन कार्ड और आधार कार्ड? जान लीजिए क्या है नियम वरना खड़ी हो जाएगी मुसीबत

What Happens to Pan And Aadhaar After Death: पैन कार्ड हो या फिर आधार कार्ड दोनों ही बेहद जरूरी डॉक्यूमेंट्स होते हैं।

कई सरकारी योजनाओं और बैंक से जुड़े हुए कामों के लिए इनका यूज होता है। इसके अलावा बच्चे का स्कूल में एडमिशन कराना हो या फिर किसी जगह पर निवेश करना हो, पैन और आधार दोनों की ही बहुत अधिक जरूरत पड़ती है, लेकिन अगर आपके परिवार में किसी की मृत्यु हुई है या फिर आपके मन में कभी यह विचार आया हो कि पैन और आधार कार्ड का मृत्यु के बाद क्या होता है तो चलिए इसके बारे में आपको बताते हैं।

what happens to aadhaar card and pan card after death

मृत्यु के बाद पैन कार्ड का क्या करें?

पैन कार्ड में कई सारी जानकारी होती है। इसकी मदद से आप वित्तीय जानकारी से लेकर गैर वित्तीय जानकारी को भी पूरा कर सकते हैं। पैन कार्ड में 10 अंक होते हैं और यह अल्फान्यूमेरिक नंबर होते हैं।

यह इनकम टैक्स के द्वारा जारी किया जाता है। आपको बता दें कि दो लोंग का पैन कार्ड कभी भी एक जैसा नहीं हो सकता है और अगर आपके पास यह कार्ड है तो आप दोबारा इसके लिए नहीं अप्लाई कर सकते हैं।

अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो उसका पैन एक्टिव रहता है। ऐसे में उस व्यक्ति के पैन कार्ड का कहीं पर गलत इस्तेमाल किया जा सकता है। इसलिए मृत्यु के बाद उस व्यक्ति के पैन कार्ड को इनकम टैक्स विभाग से संपर्क करके सरेंडर कर देना चाहिए।

ऐसे सरेंडर करें पैन कार्ड

अगर आप पैन कार्ड को सरेंडर करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको कुछ स्टेप्स को फॉलो करना होगा।

1. सबसे पहले आपको पैन कार्ड को ऑनलाइन सरेंडर करने के लिए आयकर विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर जाना होगा।
2. इसके बाद फॉर्म के ऊपर भाग पर वर्तमान में आप जिस पैन का उपयोग कर रहे हैं, उसके बारे में जानकारी देनी होगी और पैन परिवर्तन अनुरोध आवेदन पत्र जम करें।
3. इसके लिए फॉर्म के 11 और संबंधित पैन कार्ड की कॉपी को फॉर्म के साथ पेश किया जाना चाहिए। फिर आप पैन कार्ड को कैसिंल कर पाएंगे।

वहीं, इसके ऑफलाइन प्रोसेस के लिए आपको सबसे पहले फॉर्म 49A भरना होगा। इसके साथ ही सरेंडर किए जाने वाले पैन नंबर का उल्लेख करें और फॉर्म को UTI या NSDL टिन सुविधा केंद्र में जमा करें।

इसके बाद आपको अपने अधिकार क्षेत्र के निर्धारण अधिकारी को एक संबोधित एक पत्र लिखें, जिसमें अपने व्यक्तिगत विवरण जैसे कि अपने पैन कार्ड पर पूरा नाम, जन्म तिथि दर्ज करें। फिर आपको एनएसडीएल टिन सुविधा केंद्र से प्राप्त प्रति के साथ पैन को जमा कर दें।

मृत्यु के बाद आधार कार्ड का क्या होता है?

आधार कार्ड को विश्वसनीय पहचान पत्र माना जाता है। मृत्यु के बाद आधार कार्ड भी एक्टिव रहता है और किसी की मृत्यु के बाद आप आधार कार्ड को लॉक करवा सकते हैं वरना कोई भी इसका गलत इस्तेमाल कर सकता है।

आधार कार्ड को ऐसे करें लॉक

  • सबसे पहले UIDAI की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं और इसमें अपने भाषा का चयन करें।
  • इसके बाद होम पेज से आधार सर्विसेस के ऑप्शन को सेलेक्ट करें
  • इसमें आपको लॉक बॉयोमेट्रिक्स का ऑप्शन दिखेगा। इसपर क्लिक करें और अगले पेज पर आप आ जाएंगे। इसमें आपको आधार कार्ड लॉक करने के स्टेप्स भी मिल जाएंगे।
  • अब आपको आधार कार्ड का वर्चुअल आईडी नंबर जेनरेट करना होगा। फिर इस आईडी को रिट्रीव करें।
  • इसमें अपना आधार नंबर और कैप्चा दर्ज करने के बाद जेनरेट पर क्लिक करें।
  • आपके आधार कार्ड से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा उसे फिल करें और वर्चुअल आईडी जेनरेट करें।
  • इसके बाद आधार लॉक करने वाले पेज पर फिर से जाएं और लॉक के ऑप्शन पर क्लिक करें। इसमें सारी जानकारी को भरें और इससे आपका कार्ड लॉक हो जाएगा।

ऐसा करने से कोई भी अन्य व्यक्ति मृत व्यक्ति के आधार कार्ड का गलत यूज नहीं कर पाएगा।

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