नई दिल्ली, अक्टूबर 5। अधिकांश निवेशक म्यूचुअल फंड के बारे में जानते हैं और आमतौर पर इक्विटी या डेट इंस्ट्रूमेंट आधारित फंड में निवेश करते हैं। लेकिन कम ही निवेशक इस बात को जानते हैं कि ऐसे फंड भी मौजूद होते हैं, जो अन्य म्यूचुअल फंड (एमएफ) या एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में निवेश करते हैं। इस तरह के फंड को फंड ऑफ फंड्स (एफओएफ) के नाम से जाना जाता है। आइए जानते हैं कि एफओएफ की खासियतें क्या हैं, इससे जुड़े जोखिम और किस तरह के निवेशकों को ऐसे फंडों में निवेश करना चाहिए।
एफओएफ के फीचर्स
ये एक तरह के म्यूचुअल फंड ही हैं, जो मार्केट में कई प्रकार के म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं और इसी तरह आपको मुनाफा कराते हैं। एफओएफ में निवेश से आपके पोर्टफोलियो में काफी बड़ा डायवर्सिफिकेशन आता है, क्योंकि ये विभिन्न एसेट क्लास और कई योजनाओं में निवेश करते हैं। इसलिए आम तौर पर एफओएफ उच्च अस्थिरता और शॉर्ट टर्म के उतार-चढ़ाव दोनों के लिए सुरक्षित होते हैं। निवेशक इसमें निवेश के लिए एसआईपी का ऑप्शन भी चुन सकते हैं।
चार तरह के होते हैं एफओएफ :
- एसेट एलोकेशन फंड : ये एफओएफ इक्विटी, डेट से लेकर अन्य एसेट्स जैसे सोना, मेटल और कमोडिटीज जैसी विभिन्न एसेट क्लास में निवेश करते हैं।
- विदेशी या अंतर्राष्ट्रीय एफओएफ : ये एफओएफ म्यूचुअल फंड योजनाओं या बॉन्ड या वैश्विक कंपनियों के शेयरों में निवेश करते हैं।
- गोल्ड एफओएफ : जैसा कि नाम से पता चलता है, ये फंड गोल्ड फंड में निवेश करते हैं। ये फिजिकल सोने में भी निवेश करते हैं या सोने की खनन कंपनियों के शेयरों में निवेश करते हैं।
- ईटीएफ एफओएफ : एक्सचेंज ट्रेडेड फंड विभिन्न प्रकार के एसेट क्लास जैसे इक्विटी, कमोडिटीज आदि में निवेश करते हैं। ईटीएफ एफओएफ अपना पैसा ऐसे ईटीएफ में निवेश करते हैं।
एफओएफ में रिस्क भी है
एफओएफ उन फंड्स और योजनाओं में निवेश करते हैं जिनका अपना एक्सपेंस रेशियो होता है। उसके ऊपर एफओएफ का एक्सपेंस रेशियो जोड़ा जाता है। इसलिए आमतौर पर एफओएफ का एक्सपेंस रेशियो स्टैंडअलोन डेब्ट या इक्विटी म्यूचुअल फंड स्कीम से ज्यादा होता है। वहीं डायवर्सिफिकेशन अच्छा होता है, मगर ज्यादा डायवर्सिफिकेशन अच्छा आइडिया नहीं हो सकता है। एफओएफ कई इक्विटी फंडों में निवेश करते हैं और इक्विटी मार्केट जोखिम वाली जगह है।
किसके लिए है बेस्ट
वे निवेशक जो कई म्यूचुअल फंड योजनाओं में निवेश करना चाहते हैं, वे एफओएफ में निवेश करने पर विचार कर सकते हैं, क्योंकि ये विभिन्न योजनाओं में निवेश तक एक्सेस ऑफर करते हैं। जोखिम से बचने वाले निवेशक भी ऐसे फंड में निवेश कर सकते हैं। हालांकि किसी भी अन्य तरह के निवेश की तरह, एफओएफ भी अच्छा रिटर्न तभी जनरेट करते हैं जब आप तीन वर्ष से अधिक समय तक निवेश रखें।
छोटे निवेशकों के लिए बढ़िया मौका
एक भारतीय छोटे निवेशक के लिए अंतरराष्ट्रीय एफओएफ वैश्विक निवेश के अवसरों तक एक्सेस देगा। यानी आप किसी एफओएफ में पैसा लगा कर बैठे-बैठे ऐप्पल, माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन, गूगल, टेस्ला आदि के शेयरों में निवेश कर सकते हैं। एफओएफ म्यूचुअल फंड के समान होते हैं जो बाजार जोखिम के अधीन हैं और निवेशकों को इनमें थोड़ा ही निवेश करना चाहिए।
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