नई दिल्ली, अक्टूबर 16। इस समय शेयर बाजार ऑल टाइम हाई पर है। यह उन नए निवेशकों के लिए काफी पॉजिटिव है जो 2020 में आई गिरावट के कारण निराश हो गए थे। सेंसेक्स तेजी से 28,000 अंक के स्तर तक नीचे गिरने के बाद, अब 18 महीनों में 61,000 के स्तर को पार कर गया है। निफ्टी 50 करीब 8,800 से 18,300 के पार चला गया है। पिछले 12-18 महीनों में स्टॉक्स के साथ साथ म्यूचुअल फंड में भी कई गुना वृद्धि हुई है। दूसरी तरफ बैंक डिपॉजिट जैसे ब्याज वाले ऑप्शनों से रियल रिटर्न नकारात्मक हो गया है। जाहिर है, ज्यादातर निवेशकों को इक्विटी बाजार के एक्सपोजर की जरूरत है। मगर निवेश से पहले 5 बातों पर ध्यान देना जरूरी है।
जोखिम की क्षमता पता होनी चाहिए
कई बढ़िया स्टॉक आज ऊंची कीमत पर हैं। निवेशक ऐसी कंपनियों के शेयरों को खरीदने के लिए ज्यादा कीमत चुका रहे हैं। ऐसे में होता है ये है कि ऐसे शेयरों की प्रोफिटेबिलिटी उनके शेयर की कीमत के अनुरूप नहीं हो सकती। जब बाजार में प्राइस ऊंचे होते हैं तो वे आम तौर पर उस स्तर तक गिर जाते हैं जहां कीमतें प्रोफिटेबेलिटी और दूसरे वैल्यूएशन के साथ मैच करती हैं। यदि आप बाजार में एक हाई लेवल पर एंट्री कर रहे हैं, तो आपको गिरावट से होने वाले नुकसान को झेलने के लिए तैयार रहने की आवश्यकता है। मगर लंबे समय में आपको फायदा मिलेगा।
आप क्यों कर रहे हैं निवेश
लोग पैसा कमाने के लिए निवेश तो करते हैं, मगर उनका टार्गेट सेट नहीं होता। इसलिए वे सिर्फ मुनाफे के इंतजार में रहते हैं और जल्दी हार मान जाते हैं। निवेशकों को अपने निवेश की योजना बनानी चाहिए और उन्हें लक्ष्य तय करने चाहिए। उदाहरण के लिए, आप एक ब्लू-चिप स्टॉक खरीदना चाहते हैं और 20 वर्षों बाद होने वाले अपने रिटायरमेंट तक उस पर टिके रहना चाहते हैं। या आप उस स्टॉक से 20% मुनाफा कमाना चाहते हैं जो फिर एग्जिट करने वाले हैं।
थोड़ा-थोड़ा निवेश करें
जब बाजार सर्वकालिक उच्च स्तर पर होता है, तो एक मोटी रकम निवेश करना बहुत जोखिम भरा होता है। आपका पसंदीदा स्टॉक एक साल में चौगुना हो सकता है। लेकिन अगले 12 महीनों में उसकी कीमत और चौगुनी होने की कोई संभावना नहीं है। इसलिए, अपने सारे पैसे से ऐसे स्टॉक को खरीदने में जल्दबाजी करना जोखिम भरा होता है। एक तरीका यह भी हो सकता है कि आप एक के बजाय थोड़ा-थोड़ा पैसा कई शेयरों में लगाएं।
रिसर्च है जरूरी
स्टॉक निवेश उन लोगों के लिए है जो रिसर्च पर ध्यान देते हैं। आप खुद रिसर्च कर सकते हैं या किसी एक्सपर्ट की राय से इसका लाभ उठा सकते हैं। किसी भी तरह से, किसी भी स्टॉक को खरीदने, रखने या बेचने का निर्णय डेटा और इंफॉर्मेशन से लेना चाहिए। अगर आप उन कंपनियों के प्रदर्शन को ट्रैक करने में असमर्थ हैं, जिनमें आप रुचि रखते हैं, तो फंड मैनेजर्स की नोलेज पर भरोसा करना बेहतर हो सकता है।
सलाह लेने से न करें परहेज
अंत में, यदि आपके पास जानकारी की कमी हो तो और आप निवेश के बारे में स्पष्ट न हों कि बाजार में निवेश कहां से शुरू करना है, तो एक निवेश सलाहकार से परामर्श करने से कभी भी परहेज न करें।


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