यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने अपने सभी ग्राहकों के लिए कर्ज देने की ब्याज की दरों में कमी करने की घोषणा की है। एसबीआई के बाद एक और सरकारी बैंक यूनियन बैंक ने एमसीएलआर की दरें घटाने का ऐलान किया है।
नई दिल्ली: यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने अपने सभी ग्राहकों के लिए कर्ज देने की ब्याज की दरों में कमी करने की घोषणा की है। एसबीआई के बाद एक और सरकारी बैंक यूनियन बैंक ने एमसीएलआर की दरें घटाने का ऐलान किया है।

बता दें कि बैंक ने सभी अवधी के लिए एमसीएलआर दरें 0.20 फीसदी तक घटा दी हैं। इस फैसले के बाद यूनियन बैंक की प्रमुख लोन की दरें 7.40 फीसदी से घटकर 7.20 फीसदी आ गई है। अब एमसीएलआर पर आधारित सभी लोन की एमएमआई कम हो जाएंगी। नई दरें 11 जुलाई से लागू होंगी।
एसबीआई ने भी की कटौती
आपको बता दें कि एसबीआई ने भी लोन की दरें घटा दी है। एसबीआई ने 10 जुलाई से छोटी अवधि की एमसीएलआर दरें 0.05 फीसदी से 0.10 फीसदी तक घटाने का ऐलान किया है। इससे पहले एसबीआई जून में ब्याज दरें 0.25 फीसदी घटा चुका था। मालूम हो कि आरबीआई ने 22 मई को रेपो रेट को 0.40 फीसदी घटकर 4 फीसदी कर दिया था। इसके बाद पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और यूको बैंक ने रेपो और एमसीएलआर से जुड़ी अपनी लोन दरें पहले ही घटा दी हैं।
बड़ौदा बैंक भी घटा चुका है दरें
बैंक आफ बड़ौदा ने भी ब्याज दरों में कटौती की घोषणा की है। बैंक आफ बड़ौदा ने एमसीएलआर में 0.15 प्रतिशत की कमी की है। बैंक आफ बड़ौदा की कटौती 12 जून से प्रभावी होगी। बैंक आफ बडौदा की एक विज्ञप्ति के अनुसार एक वर्ष के कर्ज के लिए उसकी संशोधित एमसीएलआर 7.65 प्रतिशत होगी। अभी यह 7.80 प्रतिशत है।
इन बैंकों ने भी घटाई दरें
निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक और सरकारी क्षेत्र के बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने भी कर्ज की अपनी मानक दर में क्रमश: 0.05 प्रतिशत और 0.20 प्रतिशत की कमी की घोषणा की है। इनकी संशोधित दरें आठ जून से प्रभावी हो गयी हैं। पिछले सप्ताह पीएनबी ने भी अपनी एमसीएलआर में 0.15 प्रतिशत की कमी करने की घोषणा की थी। सार्वजनिक क्षेत्र के एक अन्य बैंक इंडियन ओवरसीज बैंक (आईओबी) ने सभी अवधि के लिए एमसीएलआर में 0.25 प्रतिशत तक कटौती की है। इस हफ्ते की शुरुआत में केनरा बैंक ने भी एमसीएलआर में कटौती की थी।
जून में भी यूनियन बैंक ने घटाईं थी ब्याज दरें
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने जून में भी अपने सभी ग्राहकों के लिए कर्ज देने की ब्याज की दरों में कमी करने की घोषणा की थी। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने उस दौरान प्रमुख ब्याज दर एमसीएलआर में 0.10 फीसदी की कमी की थी। उस समय यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने एक साल के कर्ज पर अपनी एमसीएलआर 7.70 प्रतिशत से घटा कर 7.60 प्रतिशत कर दी थी।
क्या है एमसीएलआर
एमसीएलआर वह दर होती है जिससे नीचे पर बैंक लोन नहीं दे सकता. जाहिर है इसके कम हो जाने से अब कम दर पर बैंक लोन देने में सक्षम हो जाएगा जिससे हाउस लोन से लेकर वीकल लोन तक आपके लिए सब के सब सस्ते हो सकते हैं। लेकिन यह फायदा नए ग्राहकों के साथ साथ सिर्फ उन्हीं ग्राहकों को मिलेगा जिन्होंने अप्रैल 2016 के बाद लोन लिया है, क्योंकि उसके पहले लोन देने के लिए तय मिनिमम रेट बेस रेट कहलाती थी। यानी इससे कम दर पर बैंक वोन नहीं दे सकते थे।


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