नई दिल्ली, जनवरी 5। बैंक सावधि जमा (एफडी), छोटी बचत योजनाएँ, कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ), सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ), जीवन और गैर-जीवन बीमा योजनाएँ कुछ ऐसी लोकप्रिय बचत योजनाएं होती हैं, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय अपनी बचत का पैसा जमा और निवेश करते हैं। हालांकि म्यूचुअल फंड और स्टॉक निवेश में पहले के मुकाबले निवेश में काफी वृद्धि हुई है, लेकिन सरकार के सपोर्ट वाली छोटी बचत योजनाएं अभी भी करोड़ों निवेशकों की पहली पसंद हैं। हालांकि अकसर ऐसा होता है कि इन सिक्योरिटीज के नेचर में लंबी अवधि का होना या कुछ अन्य फैक्टरों (जैसे निवेशकों की मृत्यु के कारण) कभी-कभी इन निवेश खातों को धारकों द्वारा लावारिस छोड़ दिया जाता है और उनका पैसा ऐसे खातों में फँसा रह जाता है।
नहीं रहते खाते अपडेट
इन योजनाओं के फंड हाउस या गवर्निंग बॉडी के साथ खाताधारकों को संपर्क में रहने की आवश्यकता होती है। लेकिन वे ऐसा करने में तब असमर्थ हो जाते हैं जब उनकी कॉन्टैक्ट डिटेल सालों साल में बदल जाती हैं और इंस्टिट्यूशन के साथ अपडेट नहीं होती है। ऐसे में यदि आपका पैसा फंसा रह जाए तो उसे कैसे निकालें, हम आपको यहां उसी की जानकारी देंगे।
कहां जाता है ये पैसा
एसएससी, ईपीएफ, पीपीएफ, जीवन और गैर-जीवन बीमा योजनाओं या बीमा कंपनियों द्वारा मैंटेन की जाने वाली पॉलिसियों और कोयला खान भविष्य निधि के खातों में लावारिस पैसे को वरिष्ठ नागरिक कल्याण कोष, जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता कोष, निवेशक शिक्षा और संरक्षण कोष जैसे कल्याण कोष में ट्रांसफर कर दिया जाता है।
क्या कहता है वित्त मंत्रालय
वित्त मंत्रालय के अनुसार, डाकघर बचत खाते, डाकघर आरडी खाते, डाकघर टाइम डिपॉजिट खाते, डाकघर मासिक आय खाते, वरिष्ठ नागरिकों सहित केंद्र सरकार की छोटी बचत, बचत योजना खाते, किसान विकास पत्र आदि और अन्य बचत योजनाओं जैसी किसी भी तरह की अनक्लेम्ड जमा राशि को वरिष्ठ नागरिक कल्याण कोष में ट्रांसफर कर दिया जाता है।
क्या है वरिष्ठ नागरिक कल्याण कोष
वरिष्ठ नागरिक कल्याण कोष नियम, 2016 को 2016 में तैयार और अधिसूचित किया गया था और सभी संस्थानों को अधिसूचना के एक वर्ष के भीतर किसी भी तरह के लावारिस पैसे को इस कल्याण कोष में ट्रांसफर करने के लिए कहा गया था। भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार, यदि कोई बैंक खाता 10 वर्षों तक निष्क्रिय रहता है, तो पैसा जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता कोष में स्थानांतरित कर दिया जाता है। यदि किसी बैंक खाते में ब्याज क्रेडिट या रखरखाव शुल्क के अलावा कोई लेनदेन नहीं है, तो इसे निष्क्रिय श्रेणी में रखा जाता है। बैंक इस बारे में ग्राहक को ईमेल या फोन के जरिए सूचित करता है।
कैसे लें पैसा
प्रत्येक बैंक को अपनी वेबसाइट पर ऐसे निष्क्रिय खातों का डिटेल दिखाना आवश्यक है। जो लोग इस तरह के किसी भी बैंक खाते के फंड के लिए क्लेम करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें पहले बैंक की वेबसाइट पर जाकर डिटेल की तलाश करनी चाहिए। इसके बाद, क्लेम फॉर्म, जमा रिसीट और पैसे पर दावा करने के लिए अपने केवाईसी दस्तावेजों के साथ बैंक शाखा में जाएं। यदि खाता प्री-नेट बैंकिंग/डिजिटल दिनों से है, तो जरूरी काम के लिए तैयार रहें। यदि आप किसी के कानूनी उत्तराधिकारी या नॉमिनी व्यक्ति हैं, तो जमा रसीदें, पहचान प्रमाण और खाताधारक के मृत्यु प्रमाण पत्र की एक कॉपी साथ रखें।
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