नई दिल्ली, सितंबर 23। आज-कल बहुत से बच्चे विदेश में हायर एजुकेशन हासिल करना चाहते हैं। हालांकि आपके बच्चों की हायर एजुकेशन के लिए आपके पास पैसे की कमी उनके सपनों को पूरा होने से रोक सकती है। इसलिए आपको पहले से प्लानिंग करने की जरूरत है। ध्यान रहे कि विदेश में शिक्षा सस्ती नहीं है और आपको पर्याप्त पैसा जमा करने के लिए बचत और निवेश करना होगा ताकि आपका बच्चा विदेश में शिक्षा प्राप्त कर सके। अगर आप प्लानिंग से पैसा जमा कर पाएं तो फिर समय आने पर लोन या किसी स्कॉलरशिप के बिना ही आपका बेटा/बेटी विदेश में अच्छी शिक्षा हासिल कर पाएगा। यदि आप अपने बच्चे को विदेश में शिक्षा दिलाना चाहते हैं तो प्लानिंग करते समय कुछ खास चीजों पर ध्यान देना होगा।
जल्दी शुरू करें
कंपाउंडिंग का जादू लंबी निवेश अवधि में काम करता है, इसलिए जल्दी शुरुआत करना जरूरी है। यदि आप अपने हाथ से समय को जाने देंगे, तो आपका बच्चा बड़ा हो जाएगा और जब उसके विदेश जाने का समय आएगा, तो आप महसूस करेंगे कि आपके पास पर्याप्त पैसा नहीं है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए एक निवेश पोर्टफोलियो जल्द से जल्द आपको तैयार करना होगा। आपको इक्विटी-आधारित एसेट्स पर भी ध्यान देना होगा।
एजुकेशन पर महंगाई को न भूलें
बच्चे की विदेश में हायर एजुकेशन के लक्ष्य के लिए प्लानिंग करते समय मुद्रास्फीति यानी महंगाई को ध्यान में रखना न भूलें। दुनिया भर के कई देशों में, शिक्षा मुद्रास्फीति की दर भारतीय मुद्रास्फीति की दर से बहुत अधिक है। कुछ देशों में लगभग दोगुनी। कई बार जब माता-पिता अपने बच्चों की भविष्य की शिक्षा के लिए योजना बनाते हैं, तो उनके दिमाग में जो रकम आती है, वह उसकी गणना वे मौजूदा खर्चों के हिसाब से करते हैं। मगर आपको फ्यूचर के लिए प्लानिंग करनी है। इसलिए उसी हिसाब से तैयारी करें।
पति-पत्नी का समान योगदान
यदि माता-पिता दोनों कमा रहे हैं और दोनों अपने बच्चे की एजुकेशन फंड में योगदान करते हैं, तो इससे लक्ष्य जल्दी प्राप्त किया जा सकता है। यदि माता-पिता दोनों हर महीने अपने वेतन का एक हिस्सा फंड में योगदान करते हैं, तो यह राशि बड़े पैमाने पर रिटर्न देगी। इससे सिर्फ एक साथी पर बोझ भी कम होगा। माता-पिता दोनों के समान योगदान से लक्ष्य हासिल करने की संभावना कई गुना बढ़ जाएगी।
एजुकेशन फंड में विविधता
भारतीय परिवारों में अपने बच्चे की शिक्षा के लिए एफडी, सोना और रियल एस्टेट में निवेश करना एक सामान्य बात है, क्योंकि वे अक्सर इन विकल्पों को जोखिम-मुक्त मानते हैं। जबकि ये सभी चीजें अपनी स्थिरता के कारण विश्वसनीय रहे हैं, मगर इनमें कुछ कमियां हैं। जैसे कि कम रिटर्न और कम लिक्विडिटी। इसलिए ऐसे ऑप्शन को भी शामिल करें, जो फटाफट बिक कर पैसा दिला सके और बढ़िया रिटर्न दे। इसमें म्यूचुअल फंड बेस्ट है।
सही प्लेटफॉर्म चुनना जरूरी
इस समय ऐसे बहुत से प्लेटफॉर्म हैं जो विदेश में आपके बच्चे की भविष्य की शिक्षा के लिए बचत करने में मदद कर सकते हैं। आपको यह देखने की जरूरत है कि शिक्षा की बढ़ती लागत के लिए सही ऑप्शन कौन सा है। आपको ये सुनिश्चित करना होगा कि आप जिस प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग कर रहे हैं, वह मुद्रास्फीति, आवास शुल्क और रहने की लागत को कवर कर पाएगा।
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