अगले महीने यानि एक अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष शुरू होने वाला है। नए वित्तीय वर्ष में ऐसे कई नियमों में बदलाव हो रहा है जिनकी वजह से आपकी रोजमर्रा की जिंदगी पर प्रभाव पड़ेगा।
नई दिल्ली: अगले महीने यानि एक अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष शुरू होने वाला है। नए वित्तीय वर्ष में ऐसे कई नियमों में बदलाव हो रहा है जिनकी वजह से आपकी रोजमर्रा की जिंदगी पर प्रभाव पड़ेगा। जानकारी दें कि ये बदलाव जीएसटी रिटर्न से लेकर पैन कार्ड के नियमों में होने वाला है। एक अप्रैल से नया फाइनेंशियल ईयर शुरू हो रहा है। नए वित्त वर्ष में कई ऐसे नियमों में बदलाव हो रहा है जो आपकी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी हुई हैं। तो चलिए आपको बता दें कि एक अप्रैल से क्या-क्या बदल रहा है। मात्र 10 मिनट में फ्री में बनेगा आपका PAN कार्ड, ये रहा प्रोसेस ये भी पढ़ें
पैन-आधार लिंक
अगर अभी तक आपने अपने पैन कार्ड को आधार से लिंक नहीं कराया है तो 1 अप्रैल को आपका पैनकार्ड इनवैलिड हो जाएगा। पैन को आधार से लिंक करने की आखिरी तारीख 31 मार्च 2019 है। करीब 17.58 करोड़ पैन कार्ड अभी भी आधार से लिंक नहीं हैं। जबकि 30.75 करोड़ से ज्यादा लोगों ने अपना पैन-आधार लिंक करा लिया है।
नया जीएसटी रिटर्न
जीएसटी काउंसिल की 31वीं बैठक में टैक्सपेयर्स के लिए नया जीएसटी रिटर्न सिस्टम पेश करने पर निर्णय हुआ था। नया सिस्टम एक अप्रैल से लागू होगा। इससे जीएसटी रिटर्न भरने में आसानी होगी। नई व्यवस्था के तहत दो नए फॉर्म GST FORM ANX-1 और GST FORM ANX-2 पेश किया गया है।
विदेशी टूर पैकेज के लिए टीसीएस
अब विदेश जाना महंगा पड़ेगा। 1 अप्रैल, 2020 से विदेशी टूर पैकेज खरीदना और विदेशों में कोई भी फंड खर्च करना महंगा हो जाएगा। अगर कोई विदेशी टूर पैकेज खरीदता है या विदेशी करेंसी एक्सचेंज कराता है तो 7 लाख रुपये से अधिक की रकम पर टैक्स कलेक्शन एट सोर्स देना होगा। दरअसल, केंद्र सरकार ने आम बजट 2020 में सेक्शन 206C में संशोधन कर विदेशी टूर पैकेज और फंड पर 5 फीसदी टीसीएस लगाने का प्रस्ताव दिया है।
नया इनकम टैक्स सिस्टम होगा लागू
बजट 2020-21 में सरकार ने वैकल्पिक दरों और स्लैब के साथ एक नई आयकर व्यवस्था शुरू की, जो 1 अप्रैल से शुरू होने वाले नये वित्तीय वर्ष से प्रभावी हो जाएगी। नई कर व्यवस्था में कोई छूट और कटौती का लाभ नहीं मिलेगा। हालांकि नई कर व्यवस्था वैकल्पिक है यानी करदाता चाहे तो वह पुराने टैक्स स्लैब के हिसाब से भी आयकर अदा कर सकता है। वहीं नए कर प्रस्ताव के तहत 5 लाख रुपये सालाना आय वाले को कोई कर नहीं देना है। 5 से 7.5 लाख रुपये सालाना आय वालों के लिए टैक्स की दर 10प्रतिशत, 7.5 से 10 लाख रुपये की आय पर 15प्रतिशत, 10 लाख रुपये से 12.5 लाख रुपये पर 20 प्रतिशत, 12.5 लाख रुपये से 15 लाख रुपये की आय पर 25प्रतिशत और 15 लाख रुपये से अधिक की आय पर 30% की दर से कर लगेगा।
वाहन के नियम
एक अप्रैल से देश में केवल बीएस-6 मानक वाले ही वाहन बिकेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने अक्टूबर 2018 में यह आदेश दिया था कि 31 मार्च 2020 के बाद बीएस-4 मानक के नए वाहन नहीं बिकेंगे। बीएस-4 के वाहनों को बेचने के लिए ऑटोमोबाइल कंपनियां कई ऑफर्स ले कर आई हैं और अपने बीएस-4 गाड़ियों के कई मॉडल्स की खरीद पर भारी डिस्काउंट दे रही हैं।
दवाइयों से जुड़ा नियम बदलेगा
जानकारी दें कि सरकार ने सभी मेडिकल डिवाइस को ड्रग्स घोषित कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को एक अधिसूचना जारी की ह। जिसके मुताबिक, इंसानों-जानवरों पर इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी ड्रग्स कहलाएंगे। इसके बाद अब ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट (Drugs and Cosmetcis Act, 1940 (23 of 1940) की धारा 3 के तहत इंसानों और जानवरों पर इस्तेमाल होने वाले उपकरणों को औषधि की श्रेणी में रखा जाएगा। यह कानून 1 अप्रैल 2020 से लागू हो जाएगा।


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