नयी दिल्ली। क्रेडिट या डेबिट कार्ड के इस्तेमाल से जुड़े 5 बड़े बदलाव किये गये हैं। अगर आपको इन बदलावों के बारे में नहीं पता तो ये खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। क्रेडिट या डेबिट कार्ड आपके रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीज है। खास कर कोरोनावायरस के चलते आरबीआई और बैंकों ने लोगों से डिजिटल पेमेंट के जरिये लेन-देन करने को कहा है। ऐसे में इन कार्ड्स का महत्व और बढ़ जाता है। पर साथ ही आपको इन कार्ड से जुड़े नियमों के बारे में भी पता होना जरूरी है। आइये जानते हैं 16 मार्च से लागू हुए नये नियमों के बारे में।
किये गये हैं नये कार्ड जारी
पिछले कुछ सालों में डेबिट-क्रेडिट कार्ड के माध्यम से होने वाले लेन-देन की मात्रा और मूल्य कई गुना तक बढ़े हैं। इसलिए ग्राहकों की सुविधाओं में सुधार और कार्ड के जरिये लेनदेन को सुरक्षित बनाने के लिए आरबीआई ने 16 मार्च से कार्ड से जुड़े नये नियम लागू करने का फैसला लिया है। सबसे पहली बात सभी डेबिट और क्रेडिट कार्ड 16 मार्च 2020 से नए जारी किए हैं, जो एटीएम और घरेलू स्तर पर पॉइट ऑफ सेल पर लेनदेन के लिए चालू होंगे।
करना पड़ेगा इन सुविधाओं के लिए आवेदन
दूसरी बात तो अब कार्डधारकों को जारीकर्ता बैंक से ऑनलाइन लेनदेन और संपर्क रहित लेनदेन जैसी सुविधाओं को चालू करने के लिए आवेदन करना होगा। तीसरी चीज कि किसी ग्राहक को देश से बाहर अपने कार्ड का उपयोग करने की जरूरत है, तो उसे अंतरराष्ट्रीय लेनदेन की सुविधा चालू करवाने के लिए भी बैंक से रिक्वेस्ट करना होगा। डेबिट या क्रेडिट कार्ड से लेन-देन की सुरक्षा बढ़ाने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 15 जनवरी 2020 को एक अधिसूचना जारी की थी, जिसमें कार्ड जारी करने वाली कंपनियों और बैंकों को उन सभी क्रेडिट और डेबिट कार्डों के ऑनलाइन लेनदेन और संपर्क रहित भुगतान सेवाओं को बंद करने के लिए कहा गया था, जिनका ऑनलाइन लेन-देन के लिए कभी उपयोग नहीं किया गया।
अगर ऑनलाइन या इंटरनेशनल लेन-देन न किया हो
चौथी चीज यदि आपने ऑनलाइन लेनदेन, अंतरराष्ट्रीय लेनदेन और संपर्क रहित (contactless) लेनदेन के लिए कार्ड का उपयोग नहीं किया है, तो बैंक के पास उस कार्ड में इन सुविधाओं को बंद करने का विकल्प है। पांचवा बदलाव जो किया गया है बैंकों को वर्तमान कार्डों को निष्क्रिय करने और जोखिम की धारणा के आधार पर उन्हें फिर से जारी करने का अधिकार होगा। आरबीआई ने अपनी अधिसूचना में कहा था कि मौजूदा कार्ड्स के लिए जारीकर्ता (Issuers) अपनी जोखिम धारणा के आधार पर ये फैसला ले सकते हैं कि कार्ड को प्रेजेंट (घरेलू और अंतरराष्ट्रीय) लेन-देन, अंतरराष्ट्रीय लेन-देन और संपर्क रहित लेन-देन अधिकारों को निष्क्रिय करना है या नहीं।


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