नई दिल्ली, नवंबर 13। भारतीय शेयर बाजार ने नयी ऊंचाइयों को छू लिया है। हाल ही में बीएसई सेंसेक्स 60,000 अंक को पार करने के बाद ऑल-टाइम हाई रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। लेकिन मौजूदा बाजार इक्विटी निवेशकों के लिए काफी अस्थिर लग रहा है, जिसमें जानकार आगे गिरावट का भी अनुमान लगा रहे हैं। बात डेब्ट निवेशकों की करें तो उनके लिए निवेश पर रिटर्न भी बहुत आकर्षक नहीं लग रहा है। इस तरह की अस्थिरता अक्सर निवेशकों को अपने पैसे के बारे में चिंतित और सतर्क करती है। इसलिए वे या तो किसी निवेश से बाहर निकल जाते हैं या अपने पैसे को एक ही जगह पर लगा देते हैं। इस तरह के फैसले नुकसानदेह हो सकते हैं। यहां हम ऐसी ही 5 चिंताओं पर नजर डालेंगे और उनके संभावित समाधान ढूंढने का प्रयास करेंगे।
मार्कट में आ सकती है गिरावट
बाजार के ऐतिहासिक हाई स्तर पर पहुंचने के साथ, निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो पर एक बड़े प्रभाव के संकेत देखने को मिलते हैं। नतीजे में कई लोग इक्विटी निवेश रोक देते हैं या थोड़ा-बहुत पैसा निकाल लेते हैं। शेयर बाजार में गिराव कोई नई घटना नहीं है और इतिहास बताता है कि शेयर बाजार में भारी गिरावट के बाद धीरे-धीरे रिकवरी होती है। जब बाजार से असहज हों तो एकमुश्त निवेश से बच कर इसके बजाय आप एसआईपी का विकल्प चुन सकते हैं।
रिटायरमेंट के लिए निवेश
आपको अपने करियर की शुरुआत में ही एक रिटायरमें प्लान तैयार करना चाहिए। मुद्रास्फीति और कुछ निवेशों के माध्यम से कम रिटर्न मिलने के चलते आपको इस बारे में चिंतित होना चाहिए कि क्या आप रिटायरमेंट के लिए पर्याप्त निवेश कर रहे हैं। रिटायरमेंट की योजना बनाते समय, ध्यान रखें कि आपको एक ऐसा फंड बनाना होगा जो लंबे समय तक चल सके।
टैक्स का रिटर्न पर असर
कुछ लोग टैक्स के प्रभाव के बारे में सोचे बिना निवेश करते हैं। नतीजतन उन्हें असल रिटर्न से निराशा होती है। उदाहरण के लिए, यदि आप 30% के उच्चतम टैक्स ब्रैकेट में हैं और 5% प्रति वर्ष ब्याज वाले ऑप्शन में निवेश करते हैं, तो आपको केवल 3.5% प्रति वर्ष का शुद्ध रिटर्न मिलेगा। मुद्रास्फीति दर को 5% प्रति वर्ष मानते हुए, इस मामले में आपकी वास्तविक रिटर्न रेट नकारात्मक 1.5% होगी। यानी आपको फायदे के बजाय नुकसान होगा। इसलिए टैक्स और मुद्रास्फीति को हराने वाले ऑप्शन में पैसा लगाएं।
सही जगह पैसा लगाना जरूरी
अपना करियर शुरू करते ही निवेश शुरू करना अच्छा है। पर सही निवेश ऑप्शन चुनना भी उतना ही महत्वपूर्ण है, जो आपकी जोखिम लेने की क्षमता, रिटर्न की आवश्यकता से मेल खाता हो और आपके वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में आपकी मदद करता हो। यदि आप अपनी पसंद के ऑप्शन को लेकर चिंतित हैं, तो आप अपने फाइनेंशियल स्टेटस का आकलन करने के लिए किसी रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार की मदद ले सकते हैं।
इमरजेंसी में पैसा आए काम
उन उपकरणों में निवेश करना जो अधिक लिक्विडिटी ऑफर करते हैं वे आपके इमरजेंसी समय के लिए बेस्ट हो सकते हैं। क्योंकि आप ऐसे समय पर तुरंत पैसा हासिल कर सकते हैं। जो लोग ऐसा नहीं करते उन्हें अपने निवेशित धन का उपयोग करने के बजाय पैसे उधार लेने पड़ते हैं। ये फ्यूचर के लिए अच्छा नहीं होता।
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