कोरोना वायरस को प्रकोप को रोकने के लिए पूरे भारत में लॉकडाउन लगा हुआ है। ऐसे में देश भर में कोरोना वायरस की वजह से 21 दिन के लिए लॉकडाउन है।
नई दिल्ली: कोरोना वायरस को प्रकोप को रोकने के लिए पूरे भारत में लॉकडाउन लगा हुआ है। ऐसे में देश भर में कोरोना वायरस की वजह से 21 दिन के लिए लॉक डाउन है। लेकिन इस बीच नया वित्तीय वर्ष कल से 1 अप्रैल, 2020 से शुरू होगा। हालांकि भले ही सरकार ने विभिन्न कर-संबंधी समय सीमाएं बढ़ा दी हैं (जैसे कि वित्त वर्ष 2018-19 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करना, वित्त वर्ष 2019-20 के लिए कर-बचत, आधार के साथ पैन को जोड़ना आदि) है। कल यानी 1 अप्रैल से कुछ नए कर-संबंधित नियम के साथ ही और भी काफी कुछ बदलने जा रहा है।
नया आयकर नियम
1 अप्रैल से नया इनकम टैक्स नियम लागू होने जा रहा है। नए नियम के मुताबिक, बिना कोई बचत किए भी टैक्स पेयर छूट प्राप्त कर सकेगा। हालांकि इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था होगी। यानी टैक्स पेयर पुराने टैक्स स्लैब के हिसाब से भी टैक्स अदा कर सकते हैं। वहीं विकल्प के तौर पर नए नियम में 5 लाख रुपये तक इनकम पर कोई टैक्स नहीं है।
म्यूचुअल फंड के लाभांश पर लगेगा कर
1 अप्रैल से, म्यूचुअल फंड और घरेलू कंपनियों से आपके द्वारा प्राप्त लाभांश पर कर लगेगा। वित्त वर्ष 2019-20 तक, म्यूचुअल फंड और घरेलू कंपनियों द्वारा दिए गए लाभांश का उपयोग लाभांश वितरण कर (डीडीटी) को आकर्षित करने के लिए किया जाता है, जो कि व्यक्तिगत कर-मुक्त के हाथों में 10 लाख रुपये तक का लाभांश देता है।
एनआरआई की नियमों में बदलाव
बजट 2020 ने 'अनिवासी भारतीय (एनआरआई)' की स्थिति या किसी व्यक्ति की स्थिति का निर्धारण करने के लिए उपयोग किए जाने वाले मानदंडों में कुछ बदलावों का प्रस्ताव किया। हालाँकि, संसद में बजट पारित होने के समय उन प्रस्तावों में कुछ संशोधन किए गए थे। किए गए अंतिम परिवर्तनों के अनुसार, भारत में रहने वाले एक अनिवासी भारतीय को 'निवासी नहीं बल्कि सामान्य निवासी' माना जाएगा, यदि भारत में उसकी कर योग्य आय 15 लाख रुपये से अधिक है। या भारत में रहने का समय 120 दिन से अधिक है, या फिर पिछले चार वित्तीय वर्ष में भारत में 365 दिन या उससे अधिक है।
बैंकों का विलय
1 अप्रैल से देश के 10 सरकारी बैंकों का विलय कर चार बड़े बैंक बनाए जाएंगे। यह देश के वित्तीय क्षेत्र का सबसे बड़ा विलय होगा। अगर आपका खाता इन बैंकों में है तो आपको कुछ बदलावों की सूचना अपने बिलों/ किस्तों को काटने वाले बैंकों को देनी होगी।
बीएस-6 पेट्रोल-डीजल
इसके साथ ही 1 अप्रैल, 2020 से देशभर में बीएस-6 ग्रेड के पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। इंडियन ऑयल ने इसकी शुरुआत कई शहरों से कर दी है। हालांकि, कीमत पर इसका असर हो सकता है।
विदेश जाना महंगा होगा
कल से विदेश जाना महंगा हो जाएगा। 1 अप्रैल से सरकार विदेश यात्रा के कुल पैकेज पर स्रोत पर एकत्रित कर (टीसीएस)लगाएगी। वित्त वर्ष 2020-21 की शुरुआत से विदेश यात्रा पर पांच फीसदी टैक्स चुकाना पड़ सकता है।
नए वाहन नियम
दूसरी तरफ आपको इस बात की भी जानकारी दें कि एक अप्रैल से देश में सिर्फ बीएस-6 मानक वाले वाहन ही बिकेंगे। हालांकि, कोरोना संकट के चलते सुप्रीम कोर्ट ने बीएस-4 वाहनों का रजिस्ट्रेशन अप्रैल में सशर्त 10 दिन करने की अनुमति दी है।
मिलेगा ज्यादा पेंशन
सरकार ने एम्प्लॉई पेंशन स्कीम (ईपीएस) नियम में बदलाव किया है। इसके तहत जो 26 सितंबर, 2008 से पहले रिटायर हुए करीब 6 लाख लोगों को 1 अप्रैल, 2020 से ज्यादा पेंशन मिलेगी।
मोबाइल डाटा महंगा
वहीं 1 अप्रैल से मोबाइल डाटा शुल्क बढ़ सकता है। टेलीकॉम कंपनियों ने 1 अप्रैल से मोबाइल डाटा शुल्क बढ़ाकर न्यूनतम 35 रुपये प्रति जीबी की दर तय करने की मांग की है। अगर सरकार इसे मंजूरी देती है तो इंटरनेट इस्तेमाल महंगा होगा।
दवाइयों से जुड़ा नियम बदला
सरकार ने सभी मेडिकल डिवाइस को 1 अप्रैल, 2020 से ड्रग्स घोषित करने का फैसला किया है। नए वित्त वर्ष से ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक की धारा 3 के तहत इंसानों और जानवरों पर इस्तेमाल होने वाले उपकरणों को औषधि की श्रेणी में रखा जाएगा।
नए बेंचमार्क पर मिलेगा लोन
इसके साथ ही छोटे और मझोले कारोबारियों को 1 अप्रैल, 2020 से नए मानकों पर कर्ज मिलेगा। कारोबारियों को परिवर्तनशील ब्याज दरों पर दिएजाने वाले सभी नए लोन को 1 अप्रैल से रेपो जैसे बाहरी मानकों से जोड़ा जाएगा। इससे ब्याज दर में कमी आएगी।


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