Mutual Fund और ETF में होते हैं ये बड़े अंतर, जानिए क्या-क्या

नई दिल्ली, फरवरी 23। ईटीएफ या एक्सचेंज ट्रेडेड फंड एक ऐसा निवेश ऑप्शन है जिसे सिक्योरिटी या इंडेक्स के एक समूह में निवेश करने के लिए चुना जा सकता है। ईटीएफ, जैसा कि नाम से ही समझा जा सकता है, म्यूचुअल फंड हैं जो एक्सचेंज पर स्टॉक के समान ही ट्रेड करते हैं। मगर फिर भी यह कई मामलों में म्यूचुअल फंड से अलग होते हैं। आप बाजार के घंटों के दौरान किसी भी समय डीमैट खातों के माध्यम से इन्हें खरीद और बेच सकते हैं। हम यहां आपको ईटीएफ के फायदे और इनके म्यूचुअल फंड के साथ क्या क्या अंतर हैं वो बताएंगे।

जानिए ईटीएफ के फायदे

जानिए ईटीएफ के फायदे

सस्ती लागत
एक निवेशक जो ईटीएफ खरीदता है या उसमें निवेश करता है, उसे म्यूचुअल फंड मैनेजरों को दी जाने वाली कोई सलाह या मैनेजमेंट फीस नहीं देनी पड़ती है। एक्सपेंस रेशियो 5-10 आधार अंक जितना कम हो सकता है। 1 आधार अंक यानी 0.01 फीसदी।

कम होल्डिंग लागत
कमोडिटी ईटीएफ लोकप्रिय रूप से कारोबार किए जाने वाले ईटीएफ में से एक हैं। कमोडिटी का फिजिकल ट्रांसफर नहीं होता है, इसलिए यहां कम होल्डिंग लागत होती है। आप इनमें कम से कम एक यूनिट के लिए भी आवेदन कर सकते हैं।

रियल टाइम निवेश ऑप्शन उपलब्ध

रियल टाइम निवेश ऑप्शन उपलब्ध

ईटीएफ में निवेश बाजार समय के दौरान डीमैट खाते के माध्यम से दिन के अंत की कीमत के मुकाबले लगभग रियल टाइम की कीमत पर उपलब्ध होता है।

अब जानिए ईटीएफ और म्यूचुअल फंड के अंतर
ट्रेडिंग और सेटलमेंट
म्यूचुअल फंड ट्रेडिंग दिन के अंत में गणना की गई एनएवी पर ट्रेड करते हैं। ईटीएफ अपनी मौजूदा बाजार मूल्य पर (एक्सचेंजों पर) ट्रेड करते हैं।

निवेश का स्टाइल

निवेश का स्टाइल

म्यूचुअल फंड फंड मैनेजरों द्वारा सक्रिय रूप से प्रबंधित किये जाते हैं। मगर ईटीएफ पैसिव तौर पर इंडेक्स की नकल करने वाले फंड के साथ चलते हैं।

निवेश का तरीका
म्यूचुअल फंड में निवेश सीधे नहीं किया जा सकता है यानी इसमें एक मध्यस्थ, फॉर्म भरना आदि शामिल होता है। मगर ईटीएफ में सीधे खुले बाजार से डायरेक्ट निवेश किया जा सकता है।

लॉक इन पीरियड

लॉक इन पीरियड

म्यूचुअल फंड लॉक-इन अवधि के साथ भी और इसके बिना भी आते हैं। लॉक इन हुआ तो उसके दौरान निवेशक अपनी होल्डिंग को नहीं निकाल सकते हैं। या कुछ राशि या एक्जिट लोड का भुगतान करके रिडीम कर सकते हैं। ईटीएफ में ऐसा कुछ नहीं होता।

एक्सपेंस रेशियो
म्यूचुअल फंड में 2 फीसदी तक का उच्च कुल एक्सपेंस रेशियो हो सकता है। ईटीएफ के मामले में एनएवी का 0.05-1% तक चार्ज होता है।

कैसे करें ईटीएफ में निवेश

कैसे करें ईटीएफ में निवेश

एक्सचेंज ट्रेडेड फंड में निवेश करने के लिए आपको केवाईसी करानी होगी। केवाईसी के लिए, आपको पहचान का प्रमाण (पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड), पते का प्रमाण (पासपोर्ट, बिजली बिल), बैंक खाता डिटेल की जरूरत होगी। आपको डीमैट खाता चाहिए होगा, उसके लिए आवेदन करें। क्योंकि ईटीएफ को डीमैट रूप में रखने की आवश्यकता होती है। साथ ही उनमें रियल टाइम में लेनदेन करने के लिए ट्रेडिंग खाते की आवश्यकता पड़ेगी। मगर यदि किसी ब्रोकर के माध्यम से आप ईटीएफ में निवेश कर रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि ब्रोकर स्टॉक एक्सचेंज में रजिस्टर हो।

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