नयी दिल्ली। डेबिट और क्रेडिट दोनों ही तरह के कार्ड बहुत उपयोगी हैं। पहले के मुकाबले इन कार्ड्स के इस्तेमाल करन वालों संख्या में अच्छी-खासी बढ़ोतरी हुई है। डेबिट कार्ड (जिसे बैंक कार्ड, प्लास्टिक कार्ड या चेक कार्ड के नाम से भी जाना जाता है) एक प्लास्टिक पेमेंट कार्ड होता है जिसका उपयोग खरीदारी के बाद पेमेंट और एटीएम से कैश निकालने के लिए किया जाता है। यह क्रेडिट कार्ड के जैसा ही होता है। लेकिन नियमों और उपयोग में ये बिल्कुल क्रेडिट कार्ड के उलट होता है। क्रेडिट कार्ड से खर्च किया जाने वाला पैसा एक तरह का लोन होता है। डेबिट और क्रेडिट कार्ड के बीच ऐसे ही 5 बड़े अंतर होते हैं। अगर आप ये दोनों या इनमें से कोई एक कार्ड भी इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए इन अंतरों को जानना जरूरी है।
डेबिट कार्ड में अपना पैसा
डेबिट कार्ड से आप जो भी खर्च करते हैं या कैश निकालते हैं वो आपका अपना पैसा होता है, जो आपके बैक अकाउंट में होता है। ये एक तरह का प्री-रिचार्ज कार्ड जैसा है। जब तक आपके अकाउंट में पैसा है तब तक आप डेबिट कार्ड से जितना चाहे खर्च कर सकते हैं। दूसरी तरफ क्रेडिट कार्ड से आप जो भी खर्च करेंगे वो एक लोन की तरह होगा, जो आपको बाद में चुकाना होगा। क्रेडिट कार्ड में एक लिमिट तय होती है। आप उस लिमिट (पैसों की) तक ही क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं।
ब्याज का भुगतान
डेबिट कार्ड के जरिए इस्तेमाल किए जाने वाला पैसा आपका अपना है। इसलिए आप उसे खर्च करें तो जाहिर सी बात है कि आपको उस पर कोई ब्याज नहीं देना होगा। वहीं क्रेडिट कार्ड से आप पहले खर्च करते हैं और बाद में चुकाते हैं, इसलिए खर्च किए गए पैसे पर ब्याज लगता है। हालांकि एक तय समय में पैसा लौटाने पर कुछ बैंक और कंपनियां ब्याज नहीं लेतीं। वैसे क्रेडिट कार्ड पर ब्याज की ऊंची दर वसूली जाती है।
कितनी होती है लिमिट
डेबिट कार्ड की लिमिट उतनी है जितनी आपके बैंक खाते में पैसा होगा। उदाहरण के लिए आपके बैंक खाते में 2 लाख रु हैं तो आप डेबिट कार्ड से 2 लाख रु तक निकाल या खर्च कर सकते हैं। दूसरी तरफ क्रेडिट कार्ड से खर्च करने की एक लिमिट होती है, जो बैंक की तरफ से तय की जाती है। आप उसी लिमिट तक खर्च कर सकते हैं। बता दें कि बैंक क्रेडिट कार्ड से कैश निकालने की भी सुविधा देते हैं। मगर ध्यान रहे कि इस पर ब्याज की बहुत ज्यादा होती है।
नेशनल और इंटरनेशनल
आम तौर पर अधिकतर क्रेडिट कार्ड ऐसे होते हैं जिनका इस्तेमाल देश के बाहर किया जा सकता है। मगर इसके उलट ज्यादातर डेबिट कार्ड केवल नेशनल स्तर के होते हैं। विदेश यात्रा पर जाने के लिए क्रेडिट कार्ड बेहतर ऑप्शन है।
सर्विस चार्ज और जुर्माना
डेबिट कार्ड पर सर्विस चार्ज क्रेडिट कार्ड के मुकाबले बहुत कम होता है। दूसरी बात क्रेडिट कार्ड की पेमेंट समय पर न करने पर आपको जुर्माना देना होता है। डेबिट कार्ड में वैसे तो कोई जुर्माना नहीं होता, मगर एटीएम से कैश निकालने की लिमिट होती है कि आप कितनी बार पैसा निकाल सकते हैं। इससे अधिक पर प्रति लेन-देन आपसे चार्ज लिया जाता है।


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