TDS : जानिए क्या है, कटा पैसा कैसे ले सकते हैं वापस

नई दिल्ली, अगस्त 05। भारत में आयकर (आईटी) विनियमन के अनुसार, करों के त्वरित और कुशल संग्रह के लिए, आय के ओरीजिन पर कर कटौती की एक प्रणाली को 'स्रोत पर कर कटौती' या टीडीएस कहा जाता है। इस प्रणाली के तहत, करदाता की आय के मूल पर टैक्स काटा जाता है। टीडीएस सिस्टम के मुताबिक आपको पेमेंट करने वाली कंपनी ही आपके सोर्स ऑफ इनकम में से टैक्स काट लेती है और डायरेक्ट सरकार को जमा कर देती है। आधिकारिक आईटी पोर्टल के अनुसार आय के सोर्स पर कर की कटौती के प्रावधान वेतन, ब्याज, कमीशन, ब्रोकरेज, पेशेवर शुल्क, रॉयल्टी, अनुबंध भुगतान आदि जैसे कई भुगतान विकल्पों पर लागू होते है।

सुविधा : घर बैठे Voter Id को करें आधार से लिंक, ये है तरीका

टीडीएस ना काटने की कर सकते हैं अपील

टीडीएस ना काटने की कर सकते हैं अपील

 एक प्राप्तकर्ता के रूप में आप स्रोत पर कर की कटौती न करने के लिए भुगतानकर्ता से संपर्क कर सकते हैं, हालांकि, इसके लिए, आपको भुगतानकर्ता को प्रभावी रूप से फॉर्म संख्या 15जी/15एच में एक घोषणा प्रस्तुत करनी होगी। सरकार का कहना है कि जिस आय पर टीडीएस कर काटा जाना है, उसे शामिल करने के बाद पिछले वर्ष की उसकी अनुमानित कुल आय पर कर शून्य होगा। यदि कोई टीडीएस काटने में विफल रहता है या कटौती करने के बाद इसे आईटी नियम के अनुसार केंद्र सरकार के खाते में जमा करने में विफल रहता है। तो उसपे कार्यवाई की जाएगी।

नियम के तहत कटता है टीडीएस

नियम के तहत कटता है टीडीएस

1. व्यय की अस्वीकृति आयकर अधिनियम की धारा 40(ए)(i) के अनुसार, भारत के बाहर या किसी अनिवासी को देय वेतन के अलावा कोई भी राशि, जो भारत में कर के लिए योग्य है उसकी प्राप्तकर्ता को कटौती की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि इसका भुगतान स्रोत पर कर की कटौती के बिना किया जाता है, या यदि कर काटा जाता है तो रिटर्न दाखिल करने की नियत तारीख तक आपको यह भर देना होगा।

धारा 40 (ए) (आईए) के अनुसार, एक निवासी को देय कोई भी राशि, जो स्रोत पर कर की कटौती के अधीन है, यदि स्रोत पर कर की कटौती के बिना भुगतान किया जाता है, या यदि कर काटा जाता है, लेकिन रिटर्न दाखिल करने की नियत तारीख तक केंद्र सरकार के पास जमा नहीं किया जाता है। तो सरकार इसपर कार्यवाहीं करेगी।

कंपनी सरकार को करती है जमा

कंपनी सरकार को करती है जमा

ब्याज का लेवी आयकर अधिनियम की धारा 201 के अनुसार, यदि आप स्रोत पर कर कटौती करने में विफल रहते हैं या कटौती के बाद इसे केंद्र सरकार के खाते में जमा करने में विफल रहते हैं तो उसे एक माना जाएगा (ii) हर महीने आपको कर के  हिस्से के रुप में 1.5 प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान सरकार को करना होगा। सरकार आपसे कर काटने के दिन से भुगतान वसुलेगी। 

3. जुर्माने की वसूली धारा 271सी के तहत कटौती या भुगतान न किए गए कर के बराबर राशि का जुर्माना लगाया जा सकता है।

किसी भी कंपनी को टीडीएस कटौती की राशी निर्धारित समय सीमा से पहले सरकार को  जमा कर देनी चाहिए, ऐसा नहीं करना एक अपराध है .

More From GoodReturns

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+