नई दिल्ली, जुलाई 20। इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने का लास्ट समय चल रहा है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने करदाताओं के लिए रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई रखी है। अगर आपने अबतक इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं की है तो जल्द ही यह काम कर लें, नहीं तो कई बार अंत के समय में बाधाए आती हैं। आयकर रिटर्न फाइल करने से पहले आपको एक बार कमाई और किए गए निवेश का पूरा हिसाब लगा लेना चाहिए। निवेश और खर्चों का पूरा हिसाब होने से टैक्स रिटर्न फाइल करने में आसानी होती है। टैक्स बचत करने के उपाय भी है, चलिए हम आपको टैक्स बचत करने के पांच उपाय बताते हैं।
पीपीएफ और होम लोन पर बच सकता है टैक्स
- प्रोविडेंट फंड इनवेस्टमेंट और होम लोन पर आप इनकम टैक्स के धारा 80C के तहत आसानी से 1.5 लाख के निवेश पर टैक्स बचा सकते हैं।
- मेडिकल इंश्योरेंस भी स्वास्थ सुरक्षा और टैक्स बचाने का तरीका है। प्रीमियम पर आप सेक्शन 80D के तहत टैक्स बचा सकते हैं। हेल्थ इंश्योरेंस पर 25,000 रुपये तक का रिटर्न क्लेम किया जा सकता है।
- घर के खरिदने के लोन के ब्याज पर 50,000 तक टैक्स बचा सकते हैं। इनकम टैक्स के नियम 80EE के तहत आपको यह छूट मिलेगी।
निवेश से भी बचेगा टैक्स
- पब्लिक प्रोविडेंट फंड में निवेश पर कोई टैक्स नहीं लगता
- लाइफ इंश्योरेंस प्लान के भरे गए प्रीमीयम पर टैक्स रिटर्न मिलेगा
- हेल्थ इंश्योरेंस प्लान से टैक्स और मेडिकल पर खर्चा दोनो बचेगा
- इक्विटी से जुड़ा हुआ सेविंग
- फिक्स डिपॉजिट
- नेशनल पेंशन स्किम में निवेश कर के भविष्य के लिए पैसा बचा सकते है और टैक्स भी
- सीनीयर सीटीजन के लिए इनवेस्टमेंट
- ईपीएफ
सेक्शन 80C के अलावा भी बचा सकते हैं टैक्स
सेक्शन 80E के तहत एजुकेशन लोन के ब्याज पर टैक्स नहीं लगेगाहाउस रेंट अलाउंस पर आईटी के सेक्शन 80GG के तहत छूट मिलती हैहेल्थ इंश्योरेंस पर भी मिलेगा छूटसेक्शन 80DDB मेडिकल ट्रीटमेंट पर मिलेगी छूटसेक्शन 80G के तहत आप दिए गए डोनेशन पर छूट मिलती है
छोटे खर्चों पर भी बचा सकते है टैक्स
फिजिकल डिसेबलिटी पर भी टैक्स में छूट मिलता है
बच्चों के ट्यूशन फीस पर टैक्स बचा सकते है
एड्स और कैंसर जैसी बीमारियों के इलाज खर्च कोई टैक्स नहीं
बैंक में सेविंग अकाउंट के ब्याज पर कोई टैक्स नहीं लगता
व्यक्तिगत लोन पर टैक्स छूट
घर के मरम्मत कराने के लोन पर छूट
टैक्स स्लैब के हिसाब से बचा सकते है टैक्स
इनकम टैक्स एक्ट के में कई धाराएं होता है, जो टैक्स बचाने में मददगार होती है। टैक्स सेविंग की सबसे कॉमन सेक्शन की बात करें तो 80C, 80CCD(1B), 24(b) और 80D हैं। इन धाराओं के तहत आराम से टैक्स बचत किया जा सकता है।


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