नई दिल्ली, जुलाई 13। भारत में ऐसे कई लोग हैं जिनके पास दो से अधिक घर हैं, लेकिन रोजगार के लिए उन्हे दूसरे शहर में पलायन करना पड़ता है जहां वो दूसरे घर में किराए पर रहते हैं। लोग अक्सर घर खरीदने के लिए लोन लेते हैं और दुसरे शहर में किराया भी देते हैं, लेकिन आयकर से उन्हें कोई अतिरिक्त लाभ नहीं मिलता है। आज हम कुछ उपायों के बारे में बात करेंगे जिससे आपको आयकर में छूट मिल सके और आप तेजी से अपने घर का लोन चुका सकें। टैक्स बचत से आप अन्य जरूरी चीजों पर भी खर्च कर पायेंगे।
अपना घर बचाएगा टैक्स
आपके होम लोन ईएमआई में दो भाग होते हैं, ब्याज और मूलधन। शुरुआत में ईएमआई पर ब्याज का हिस्सा अधिक होता है, लेकिन यह समय के साथ मूलधन के भुगतान के साथ धीरे-धीरे कम हो जाता है। किराए पर दिए गए घर के मामले में, आप केवल होम लोन के ब्याज भुगतान पर कर कटौती का दावा कर सकते हैं। दूसरी ओर एक स्वाधिकृत घर आपको टैक्स बचाने के दो रास्ते देता है। आप आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 24बी के तहत ब्याज भुगतान पर 2 लाख रुपये और धारा 80सी के तहत मूल भुगतान पर 1.5 लाख रुपये की कटौती पर राहत पा सकते हैं।
अगर दो घर हैं तो बचेगा टैक्स
यदि आपके पास दो घर है तो आप केवल एक को स्वयं के घर के रूप में दावा कर सकते है। हालांकि, जब दूसरे घर की बात आती है तो मालिक को आयकर कानून के अनुसार इसे किराए पर दिया गया समझा जाता है। और यह आपकी आय में किराया को भी शामिल करता है। आपका घर चाहें खाली हो या कोई सदस्य घर में रहता हो आपको इस पर टैक्स देना होता है। हालांकि सरकार ने इस मामले में नियमों में बदलाव किया था और अगर एक व्यक्ति के पास एक शहर में या दूसरी जगह दो घर हैं तो वह आयकर क्लेम कर सकता है।
घर किराए पर देने से कैसे बचेगा टैक्स
अब आइए समझते हैं कि आप विभिन्न परिदृश्यों में करों को कैसे बचा सकते हैं और अपनी संपत्ति को किराये पर देना कब बेहतर होगा। परिदृश्य 1: अलग-अलग शहरों में दो स्व-अधिकृत घर और इन दोनों शहरों में से किसी एक में किराए पर रहने वाले। ऐसे कई लोग हैं जिनके पास अलग-अलग शहरों में दो स्व-अधिकृत संपत्तियां हैं, जो या तो खाली हैं या परिवार के किसी सदस्य के कब्जे में हैं, लेकिन संपत्ति का मालिक इन दोनों शहरों में से किसी एक में किराए पर रहता है। क्या वे एचआरए और होम लोन पुनर्भुगतान दोनों के लिए आयकर लाभ का दावा कर सकते हैं?। एक घर के लिए तो दावा कर सकते हैं लेकिन दूसरे घर के लिए कुछ शर्ते हैं। अगर घर का मालिक दोनो संपत्तीयो पर एक साथ दिखा के टैक्स में छूट का दावा करे तो लाभ मिल सकता है।इनकम टैक्स के नियम लोगों को उसी शहर में दूसरी प्रॉपर्टी में रहने की इजाजत तभी देते हैं, जब रोजगार की वजह से इसकी जरूरत हो।
दूसरे शहर में किराए पर बचेगा टैक्स
अगर आपका एक ही शहर में दो घर है और आप रोजगार के वजह से किराए पर रहते हैं तो आपको हाउस अलाउंस पर छूट मिलेगा। आप किराए पर टैक्स छूट के लिए क्लेम कर सकते हैं।


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