भारतीय रेलवे यात्रियों को कई ऐसी सुविधाएं देती है, जिनके बारे में लोग जानते तक नहीं हैं। फिलहाल तो कोरोना के कारण रेलवे ने कई सारी नियमों में बदलाव किया है।
नई दिल्ली: भारतीय रेलवे यात्रियों को कई ऐसी सुविधाएं देती है, जिनके बारे में लोग जानते तक नहीं हैं। फिलहाल तो कोरोना के कारण रेलवे ने कई सारी नियमों में बदलाव किया है। लेकिन सामान्य दिनों में रेलवे द्वारा विभिन्न श्रेणियों में टिकट बुकिंग के दौरान यात्रियों को अलग-अलग डिस्काउंट दिया जाता है। वहीं कई बार ऐसा भी होता है कि यात्रियों को टिकट बुकिंग पर मिलने वाली छूट की जानकारी ही नहीं होती है। इस कारण यात्री सुविधाओं का फायदा नहीं उठा पाते।

रेलवे बच्चों, बुढ़ों, दिव्यांग और स्टूडेंट्स को कई तरह की छूट देती है। स्टूडेंट्स के पढ़ाई के खर्चे पर प्रभाव न पड़े इसके लिए रेलवे स्टूडेंट्स को टिकट पर छूट की सुविधा देती है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) रेलवे की कैटरिंग को हैंडल करने के साथ ही ऑनलाइन टिकट बुकिंग की जिम्मेदारी भी है। रेलवे द्वारा विशेषकर छात्रों के लिए अलग-अलग प्रकार की कई प्रमुख रियायतें दी जाती है।
छात्रों को टिकट पर मिलता है 75 प्रतिशत तक की भारी डिस्काउंट
अगर कोई छात्र घर से दूर रहकर किसी अन्य क्षेत्र में पढ़ाई कर रहे है तो उन्हें रेलवे द्वारा घर से आने जाने के लिए टिकट किराए में रियायत दी जाती है। आज हम आपको ऐसी कुछ खास सुविधाओं के बारे में बताते हैं, जिसके जरिए छात्र 50 से 75 प्रतिशत तक सस्ते में ट्रेन की यात्रा कर सकते हैं। घर या शैक्षणिक दौरे पर सामान्य श्रेणी वाले छात्रों को एमएसटी व क्यूएसटी में 50 फीसदी तक की छूट मिलती है। वहीं, अनुसूचित जाति/जनजाति के छात्रों को इस सुविधा में 75 प्रतिशत तक की भारी डिस्काउंट मिलती है।
छात्रों को मिलता है मंथली डिस्काउंट का लाभ
- ईरेल के मुताबिक, छात्रों को यह रियायत स्लीपर और सेकंड सिटिंग पर मिलती है।
- मंथली सीजन टिकट्स की सुविधा 10वीं तक के छात्रों और 12वीं तक की छात्राओं को दी जाती है।
- छात्र-छात्राओं को मुफ्त में मंथली स्टेशन टिकट (एसएसटी) मुहैया की जाती है।
- यह छूट एसी क्लास और स्लीपर क्लास के टिकटों पर मिलती है।
- छात्र छूट के तहत टिकट बुकिंग के दौरान छात्र इस डिस्काउंट का लाभ ले सकते हैं। यह सुविधा ‘मिलेनियम गिफ्ट फ्रॉम रेलवेज' के नाम से मुहैया कराई जाती है।
फिलहाल देशभर में ट्रेनों का सामान्य संचालन बंद
एमएसटी अधिकतम 150 किमी के सफर के लिए जारी की जाती है, जबकि यह सिर्फ सेकंड क्लास में मान्य होती है। यानी एमएसटी के जरिए छात्र सुपरफास्ट और मेल-एक्सप्रेस ट्रेन में सफर नहीं कर सकते हैं। कोरोना संकट के चलते देशभर में ट्रेनों का सामान्य संचालन बंद है। 25 मार्च से 31 मई तक किए गए लॉकडाउन के दौरान श्रमिक ट्रेनों को छोड़कर किसी भी तरह की ट्रेनों की आवाजाही नहीं हुई थी। वहीं अब भी रेलवे द्वारा चिन्हित रुटों पर सिर्फ स्पेशल ट्रेनें ही चलाई जा रही हैं।
बता दें कि यात्री टिकट से रेलवे की जो कमाई होती है, उसका 8.42 फीसदी के करीब रेलवे रियायत देकर गंवा देती है। छूट 12 कैटेगरी के तहत आने वाले लोगों को मिलती है। इनमें दिव्यांग व्यक्ति, बीमार व्यक्ति (कैंसर के मरीज, थैलेसीमिया, दिल और किडनी के मरीज, हीमोफीलिया पेशेंट्स), सीनियर सिटीजन, शनल यूथ प्रोजेक्ट के नेशनल इंटीग्रेशन कैंपों में शामिल होने वाले युवा, किसान, अवार्डीज, वॉर विडो, आर्टिस्ट व स्पोर्ट्सपर्सन्स, मेडिकल प्रोफेशनल्स शामिल हैं।


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