दलाल स्ट्रीट में इस हफ्ते ब्रेक रहने वाला है। 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को NSE और BSE में ट्रेडिंग पूरी तरह बंद रहेगी, जबकि सोमवार और बुधवार को शेयर बाजार आम दिनों की तरह खुलेगा। सिर्फ एक दिन की इस छुट्टी की वजह से T+1 सेटलमेंट का पूरा शेड्यूल बदल जाएगा और SIP की प्रोसेसिंग भी आगे खिसक जाएगी। भले ही UPI, IMPS और NEFT जैसी डिजिटल बैंकिंग सेवाएं 24x7 चालू रहती हैं, फिर भी ब्रोकर से मिलने वाले पे-आउट में एक दिन की देरी हो सकती है। इसलिए कट-ऑफ टाइम से पहले ही अपने कैश बफर, मार्जिन और रिडेम्प्शन की योजना बना लें।
इस छुट्टी का सबसे पहला असर सेटलमेंट टाइमिंग पर पड़ेगा। मंगलवार को बाजार बंद रहने के कारण सोमवार को किए गए सौदों का सेटलमेंट अब सीधे बुधवार को होगा। सभी ब्रोकर्स के यहां सिक्योरिटी और फंड पे-आउट विंडो एक वर्किंग डे आगे खिसक जाएगी। यानी कोलैटरल रिलीज, विड्रॉल और प्लेज अनब्लॉक होने में एक दिन ज्यादा लगेगा। डिपॉजिटरीज और क्लियरिंग कॉरपोरेशन पहले से तय हॉलिडे कैलेंडर के हिसाब से ही काम करेंगे।

20 अक्टूबर को दशहरा पर शेयर बाजार की छुट्टी: समझें T+1 सेटलमेंट का नया शेड्यूल
| ट्रेडिंग का दिन | तारीख | क्या होगा | सेटलमेंट का दिन |
|---|---|---|---|
| सोमवार | 19 अक्टूबर 2026 | इक्विटी खरीदें/बेचें (T Day) | बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 (T+1; मंगलवार को छुट्टी) |
| बुधवार | 21 अक्टूबर 2026 | इक्विटी खरीदें/बेचें (T Day) | गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 (नॉर्मल T+1) |
20 अक्टूबर को SIP डेबिट और म्यूचुअल फंड NAV का क्या होगा?
अगर आपकी SIP की तारीख 20 अक्टूबर है, तो इसकी किस्त अगले वर्किंग डे पर प्रोसेस की जाएगी। आपको NAV उस दिन की मिलेगी, जिस दिन आपका पैसा कट-ऑफ टाइम से पहले AMC (एसेट मैनेजमेंट कंपनी) तक पहुंच जाएगा। इक्विटी और डेट स्कीम्स के लिए कट-ऑफ टाइम दोपहर 3:00 बजे है, जबकि लिक्विड और ओवरनाइट फंड्स के लिए यह दोपहर 1:30 बजे तय है। हालांकि UPI या NEFT के जरिए पैसा 24 घंटे ट्रांसफर होता है, फिर भी AMC के खाते में क्रेडिट होने में अगला कारोबारी दिन लग सकता है। अगर आपको बुधवार की NAV चाहिए, तो उस दिन सुबह जल्दी पेमेंट पूरा कर लें।
शॉर्ट ट्रेडिंग वीक चेकलिस्ट: T+1, SIP और NAV की जरूरी बातें
क्या आपको गुरुवार को पैसों की जरूरत है? तो सोमवार को ही शेयर बेचने का ऑर्डर दें, ताकि T+1 सेटलमेंट और बैंक कट-ऑफ टाइम मिस न हो। अगर आप इक्विटी म्यूचुअल फंड खरीदना चाहते हैं, तो पेमेंट एग्रीगेटर की देरी से बचने के लिए बुधवार सुबह 11 बजे से पहले फंड ट्रांसफर कर लें। अगर आपको हफ्ते के बीच में कोलैटरल रिलीज की जरूरत है, तो सोमवार को नए शेयर प्लेज करने से बचें। छुट्टी वाले इस हफ्ते के लिए अपने ब्रोकर के पे-इन, पे-आउट और प्लेज टाइमिंग की जानकारी पहले ही जुटा लें।
SIP की प्लानिंग: FD और म्यूचुअल फंड के 5, 10 और 15 साल के रिटर्न की तुलना
बड़े बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर फिलहाल करीब 6 से 7 फीसदी का ब्याज मिल रहा है। इसके मुकाबले लंबी अवधि में इक्विटी बाजार ने काफी बेहतर रिटर्न दिया है, हालांकि इसमें उतार-चढ़ाव और जोखिम थोड़ा ज्यादा रहता है। 5 साल की मौजूदा FD दरों की तुलना निफ्टी 50 टोटल रिटर्न इंडेक्स से करके आप इसका अंतर समझ सकते हैं। नीचे दी गई तालिका में NSE के नए व्हाइटपेपर और HDFC बैंक की ब्याज दरों के आंकड़े दिए गए हैं।
| अवधि | निफ्टी 50 TR सालाना रिटर्न | संभावित बैंक FD दर (अक्टूबर 2026) |
|---|---|---|
| 5 साल | 21.34% (30 जून 2025 तक) | 6.40% (HDFC बैंक, 5-साल) |
| 10 साल | 13.17% (30 जून 2025 तक) | 6.40% (अनुमानित) |
| 15 साल | 12.38% (30 जून 2025 तक) | 6.40% (अनुमानित) |
अपने कैलेंडर में 20 अक्टूबर की तारीख मार्क कर लें और सोमवार को ही इस हफ्ते की असली डेडलाइन मानकर चलें। अपने ट्रेडिंग ट्रेड्स, SIP और रिडेम्प्शन को बदले हुए T+1 सेटलमेंट शेड्यूल के हिसाब से सेट कर लें। समय से पहले फंड की व्यवस्था रखें, इमरजेंसी के लिए कैश बफर बनाएं और अपने प्लेटफॉर्म्स के कट-ऑफ टाइम का ध्यान रखें। टाइमिंग से जुड़े ये छोटे-छोटे फैसले आपके रिटर्न को सुरक्षित रखेंगे और आप बिना किसी टेंशन के अपने दशहरा ब्रेक का आनंद ले सकेंगे।


Click it and Unblock the Notifications