SGB 2019-20 Series I: क्या अभी पैसा निकालना फायदे का सौदा है? जानें रिडेम्पशन का पूरा गणित

Sovereign Gold Bond (SGB) में निवेश करने वाले हजारों निवेशकों के लिए कमाई का एक शानदार मौका खुला है। अगर आपके पास 2019-20 सीरीज-I के गोल्ड बॉन्ड हैं, तो आप समय से पहले पैसा निकालने यानी प्री-मैच्योर रिडेम्पशन (Premature Redemption) का फायदा उठा सकते हैं। इस सीरीज के लिए रिडेम्पशन की तारीख 11 जून, 2025 तय की गई है, जबकि इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया 11 मई से शुरू हो जाएगी। सरकार के नोटिफिकेशन के मुताबिक, यह बॉन्ड 11 जून, 2019 को जारी किया गया था और नियम के अनुसार, निवेश के 5 साल पूरे होने के बाद इससे बाहर निकला जा सकता है। निवेशकों के लिए यह सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि मुनाफे पर फैसला लेने का सही समय है।

SGB 2019-20 Series I प्री-मैच्योर रिडेम्पशन: क्या कहते हैं आंकड़े?

RBI ने इसी सीरीज की दिसंबर 2025 वाली विंडो के लिए रिडेम्पशन प्राइस 12,801 रुपये प्रति यूनिट तय किया था, जो 999 शुद्धता वाले सोने की कीमतों पर आधारित था। अगर इसकी तुलना 3,119 रुपये के इश्यू प्राइस से करें, तो निवेशकों को प्रति यूनिट 9,682 रुपये का सीधा फायदा हुआ है। यानी करीब साढ़े पांच साल में 210% से ज्यादा का बंपर रिटर्न! इसमें सालाना मिलने वाला 2.5% ब्याज शामिल नहीं है। चूंकि 2026 तक सोने की कीमतों में तेजी का रुख बना हुआ है, ऐसे में जून 2025 का रिडेम्पशन प्राइस भी उस समय के मार्केट रेट के हिसाब से काफी आकर्षक रहने की उम्मीद है।

Sovereign Gold Bond 2019-20 Series I: How to Apply for Premature Redemption and Maximize Returns in 2025

SGB 2019-20 Series I: प्री-मैच्योर रिडेम्पशन के लिए कैसे करें अप्लाई?

निवेशक अपने बैंक, पोस्ट ऑफिस, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SHCIL), RBI रिटेल डायरेक्ट या एजेंट के जरिए रिडेम्पशन की रिक्वेस्ट डाल सकते हैं। अगर आपके बॉन्ड डीमैट फॉर्म में हैं, तो आपको ब्याज भुगतान की अगली तारीख से कम से कम 10 दिन पहले अपने डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट (DP) या रिसीविंग ऑफिस में आवेदन करना होगा। अगर आप यह मौका चूक जाते हैं, तो आपको अगली तारीख के लिए फिर से 6 महीने का इंतजार करना होगा।

समय से पहले पैसे निकालने के लिए सबसे पहले यह चेक करें कि आपके बॉन्ड को 5 साल पूरे हो चुके हैं या नहीं। इसके बाद RBI द्वारा तय की गई विंडो के भीतर ही आवेदन करें। फिजिकल सर्टिफिकेट रखने वालों को बैंक या पोस्ट ऑफिस जाना होगा, जबकि डीमैट होल्डर्स स्टॉक एक्सचेंज पर भी ट्रेडिंग कर सकते हैं। रिडेम्पशन की रकम बिना किसी पेनल्टी या फीस के सीधे आपके बैंक खाते में जमा कर दी जाएगी।

SGB 2019-20 Series I: प्री-मैच्योर रिडेम्पशन पर टैक्स का गणित

अगर आप मैच्योरिटी तक रुकते हैं या 5 साल बाद RBI के जरिए प्री-मैच्योर रिडेम्पशन करते हैं, तो व्यक्तिगत निवेशकों को कैपिटल गेन्स टैक्स से पूरी छूट मिलती है। हालांकि, अगर आप इसे स्टॉक एक्सचेंज पर बेचते हैं, तो होल्डिंग पीरियड के हिसाब से टैक्स देना पड़ सकता है। पहली बार निवेश करने वालों के लिए यह समझना जरूरी है कि बाहर निकलने का रास्ता (Exit Route) आपके टैक्स पर बड़ा असर डालता है।

सिंघानिया एंड कंपनी की पार्टनर रितिका नैय्यर के मुताबिक, अगर SGB को मैच्योरिटी से पहले सेकेंडरी मार्केट में बेचा जाता है, तो होल्डिंग पीरियड के आधार पर टैक्स लगेगा। नए नियमों के अनुसार, अगर बॉन्ड 12 महीने से ज्यादा समय तक रखने के बाद बेचे जाते हैं, तो बिना इंडेक्सेशन बेनिफिट के 12.5% की दर से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स लगेगा। वहीं, 12 महीने से कम समय पर यह आपके इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स (STCG) के दायरे में आएगा।

बाहर निकलने का तरीकाकैपिटल गेन्स पर टैक्स
RBI प्री-मैच्योर रिडेम्पशन (5 साल बाद)व्यक्तिगत निवेशकों (ओरिजिनल सब्सक्राइबर्स) के लिए टैक्स फ्री
सेकेंडरी मार्केट में बिक्री (12 महीने से ज्यादा होल्डिंग)12.5% LTCG (बिना इंडेक्सेशन)
सेकेंडरी मार्केट में बिक्री (12 महीने से कम होल्डिंग)लागू स्लैब रेट के हिसाब से STCG
मैच्योरिटी पर रिडेम्पशन (8 साल बाद)ओरिजिनल सब्सक्राइबर्स के लिए पूरी तरह टैक्स फ्री

अभी निकलें या मैच्योरिटी तक बने रहें?

एक्सपर्ट्स की सलाह है कि अगर आपको पैसों की तुरंत जरूरत नहीं है, तो मैच्योरिटी तक रुकना ही बेहतर है। सोना हमेशा से महंगाई और वैश्विक अनिश्चितताओं के खिलाफ एक सुरक्षित निवेश रहा है। जिन निवेशकों के पोर्टफोलियो में सोने का हिस्सा तय सीमा से ज्यादा हो गया है, वे मौजूदा शानदार रिटर्न को देखते हुए आंशिक मुनाफावसूली (Partial Profit Booking) कर सकते हैं। बाकी मामलों में, मैच्योरिटी तक निवेश बनाए रखने से ब्याज की कमाई और टैक्स छूट, दोनों का फायदा मिलता है।

मैच्योरिटी तक निवेशित रहने के अपने फायदे हैं, खासकर ब्याज भुगतान और टैक्स बेनिफिट्स को देखते हुए। हालांकि इस सीरीज की मैच्योरिटी 2027 में होगी, लेकिन प्री-मैच्योर रिडेम्पशन उन लोगों के लिए एक लचीला विकल्प है जो जल्दी मुनाफा कमाना चाहते हैं। सही फैसला आपकी नकदी की जरूरत और पोर्टफोलियो में सोने की हिस्सेदारी पर निर्भर करता है।

फाइनेंशियल एडवाइजर्स का कहना है कि किसी भी परेशानी से बचने के लिए निवेशक रिडेम्पशन की तारीख से पहले अपने बैंक या डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट से संपर्क कर लें। SGB 2019-20 Series I के लिए आवेदन की खिड़की 11 मई को खुलेगी और रिडेम्पशन 11 जून, 2025 को होगा। निवेशकों के पास अब एक स्पष्ट रास्ता है—या तो वे अभी बेहतरीन मुनाफा बुक करें या 2027 तक निवेशित रहकर पूरा फायदा उठाएं। जो भी हो, 1 जून की कट-ऑफ से पहले सक्रिय होना ही एकमात्र विकल्प है।

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