देश में कोरोना से चारों तरफ हाहाकार मचा है। कोरोना महामारी की वजह से देश में 3 मई तक लॉकडाउन लागू है। वहीं ये भी माना जा रहा है कि 3 मई के बाद ग्रीन जोन और ऑरेंज जोन में लॉकडाउन से कई तरह की राहत मिलन
नई दिल्ली: देश में कोरोना से चारों तरफ हाहाकार मचा है। कोरोना महामारी की वजह से देश में 3 मई तक लॉकडाउन लागू है। वहीं ये भी माना जा रहा है कि 3 मई के बाद ग्रीन जोन और ऑरेंज जोन में लॉकडाउन से कई तरह की राहत मिलने की संभावना है। इसके बाद लोग दुकानों से भी नए फोन खरीद सकेंगे या ऑनलाइन भी मंगवाने की छूट होगी। वहीं कुछ ग्राहक नए लॉन्च हुए स्मार्टफोन खरीदने को लेकर उत्साहित होंगे।

लेकिन, हो सकता है कि अब जब आप कोई नया स्मार्टफोन खरीदें तो उसमें कोरोना वायरस के खिलाफ एक महत्वपूर्ण हथियार आरोग्य सेतु ऐप उस फोन में पहले से ही मौजूद हो। इतना ही नहीं हो सकता है कि आप अपना नया फोन तभी इस्तेमाल कर सकेंगे जब आरोग्य सेतु ऐप पर पहले अपना रजिस्ट्रेशन कर लें। कोरोना वायरस से निपटने के लिए भारत सरकार हरसंभव कदम उठा रही है। कोरोना वायरस को ट्रैक करने वाला आरोग्य सेतु भारत सरकार का ऐप है। अब यह ऐप डिफॉल्ट तौर पर फोन में इंस्टॉल आने वाले ऐप्लिकेशन्स में शामिल होगा।
स्मार्टफोन में आरोग्य सेतु ऐप पर रजिस्ट्रेशन करना होगा अनिवार्य
मिली जानकारी के मुताबिक अब नए स्मार्टफोन को इस्तेमाल में लाने से पहले आरोग्य सेतु ऐप पर रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य होगा। ये जानकारी सरकार के सूत्रों के हवाले से सामने आई है। इस मामले की जानकारी रखने वाले भारत सरकार के एक अधिकारी के मुताबिक भारत सरकार लॉकडाउन के बाद भारत में बिकने वाले सभी नए स्मार्टफोन के लिए यह अनिवार्य नियम बनाने जा रही है कि उस फोन में पहले से इंस्टॉल आरोग्य सेतु ऐप तो हो ही, बल्कि मोबाइल बनाने वाली कंपनियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि ग्राहकों को स्मार्टफोन इस्तेमाल करने से पहले आरोग्य सेतु ऐप पर रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य होना चाहिए।
सरकार की मंशा आरोग्य सेतु ऐप अब हर स्मार्टफोन में बाय-डिफॉल्ड इंस्टॉल्ड हो
इस फैसले को सर्विस कराने के लिए केंद्र सरकार एक नोडल ऐजेंसी को नियुक्त करेगी। ये नोडल एजेंसी स्मार्टफोन्स निर्माता कंपनियों के संपर्क में होगी और यह उसकी जिम्मेदारी होगी कि एक भी नया स्मार्ट फोन बिना आरोग्य सेतु ऐप इंस्टॉल हुए और बिना उसपर रजिस्ट्रेशन हुए काम करना शुरू न करे। हालांकि सरकार अभी तक मौजूदा फोन में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के लिए कोई ऐसा फीचर जोड़ने का कोई उपाय नहीं ढूंढ़ पाई है, जिससे देश के ज्यादातर फोन को इसके लिए उपयोगी बनाया जा सके। उधर स्मार्टफोन उद्योग से भी इस बात की जानकारी मिल रही है कि भारत सरकार चाहती है कि कोविड-19 ट्रैकिंग के लिए आरोग्य सेतु ऐप अब हर स्मार्टफोन में बाय-डिफॉल्ड पहले से ही इंस्टॉल्ड रहे।
कोविड-19 की ट्रेसिंग में एप बहुत कारगर हथियार
वहीं बताया गया है कि एक स्मार्टफोन कंपनी और दूसरे मैन्युफैक्रचरर्स एसोसिएशन फॉर इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (MAIT) ने भी इस खबर की पुष्टि की है। स्मार्टफोन कंपनियों के सूत्रों के मुताबिक सरकार ने कंपनियों से कहा था कि इस ऐप को फोन में पहले से ही इंस्टॉल कर दें, लेकिन लॉकडाउन में निर्माण बंद होने के चलते यह संभव नहीं हुआ। लेकिन, लॉकडाउन के बाद निर्माण शुरू होने की संभावना है और अब जो स्मार्टफोन बनेंगे उनमें यह ऐप प्री-इंस्टॉल्ड रहेगा। वर्तमान में इस ऐप की आवश्यकता इसलिए बहुत ज्यादा है कि आधिकारिक तौर पर कोविड-19 की ट्रेसिंग में यह बहुत कारगर हथियार साबित हो रहा है।
आरोग्य सेतु ऐप को ऐसे करें इस्तेमाल
- आरोग्य सेतु ऐप को इस्तेमाल करने के लिए फोन नंबर रजिस्टर करें। फोन नंबर डालने पर एक ओटीपी आएगा, जिसे एंटर करने पर ऐप में रजिस्ट्रेशन हो जाता है।
- इसके बाद ऐप आपसे ब्लूटूथ और जीपीएस का ऐक्सिस मांगता है
- ऐप खोलने पर पर्सनल डीटेल्स पूछी जाती हैं, जिनमें जेंडर, नाम, उम्र, पेशा और पिछले 30 दिनों की ट्रैवल हिस्ट्री के बारे में पूछा जाता है। वहीं आप चाहें तो इस विकल्प को स्किप भी कर सकते हैं।
- इसके बाद आप ऐप की भाषा भी चुन सकते हैं
- अगर आप चाहें तो जरूरत और संकट के इस वक्त में खुद को वॉलिंटियर के तौर पर रजिस्टर कर सकते हैं
- आरोग्य सेतु ऐप एक सोशल ग्राफ का इस्तेमाल करता है जिससे लो और हाई रिस्क की कैटिगरी का पता चलता है।
- यह सोशल ग्राफ लोकेशन डिटेल्स के आधार पर बनता है।
- जब भी आप लो या हाई-रिस्क कैटिगरी में आएंगे तो आप आपक अलर्ट करता है।
- हाई-रिस्क कैटिगरी में आने पर ऐप टेस्ट सेंटर जाने के लिए आपको नोटिफाई करेगा।
- आरोग्य सेतु ऐप यूजर्स को कोरोना वायरस संक्रमण से जुड़े हर ताजा अपडेट से तो वाकिफ कराता ही है।
- इसमें खुद के स्वास्थ्य लक्षणों की जांच, आसपास में संदिग्ध मरीजों की गतिविधि, आसपास के कोविड-19 संक्रमितों के बारे में जानकारी और उससे बचाव की पूर्ण जानकारी होने के साथ-साथ इस अभियान से जुड़े सारे अहम हेल्पलाइन नंबर भी दिए गए हैं।
- इस ऐप पर देश के सारे महत्वपूर्ण भाषाओं में जानकारियां उपलब्ध हैं।
- बता दें कि फिलहाल करीब 8 करोड़ स्मार्टफोन पर अब तक इंस्टॉल किया जा चुका है। अकेले गूगल प्ले स्टोर पर ही इसे 5 करोड़ से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है।
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