Gold में निवेश के लिए SIP, ईटीएफ या बॉन्ड, जानिए क्या है बेस्ट
gold investment

Investment in Gold : सोने में निवेश का अब केवल फिजिकल ऑप्शन ही नहीं है। असल में अब सोने में निवेश के लिए निवेशकों के पास सेफ्टी के साथ और मार्केट रिलेटेड रिटर्न देने वाले कई ऑप्शन उपलब्ध हैं। जैसा कि आप भी जानते होंगे कि सोने को आर्थिक अनिश्चितताओं के लिए हेजिंग विकल्प के रूप में देखा जाता है। सोने को एक सुरक्षित आश्रय माना जाता है क्योंकि जब मुद्रास्फीति बहुत अधिक होती है तो इक्विटी में तेज गिरावट आती है और उस समय सोना बेहतर ऑप्शन होता है। पर सवाल यह है कि आखिर कौन सा ऑप्शन सोने में निवेश के लिए सबसे बेहतर रहेगा। आगे जानिए इस सवाल का जवाब।

कौन कौन से हैं ऑप्शन

कौन कौन से हैं ऑप्शन

इस समय पांच अलग-अलग ऑप्शन हैं जिनके जरिए आप सोने में निवेश कर सकते हैं। इनमें गोल्ड ईटीएफ, गोल्ड म्यूचुअल फंड, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड, डिजिटल गोल्ड और फिजिकल गोल्ड शामिल हैं। इनमें जानकार फिजिकल गोल्ड में निवेश करने से बचने की ही सलाह देते हैं, क्योंकि चोरी आदि की चिंता रहती है। तो हम बाकी ऑप्शनों पर चर्चा करेंगे।

गोल्ड ईटीएफ
गोल्ड ईटीएफ में निवेश करने से पहले एक डीमैट खाता खोलना अनिवार्य है। वहीं डिजिटल सोने के लिए आपको एक तय समय के बाद अनिवार्य रूप से उसकी फिजिकल डिलीवरी लेनी पड़ सकती है। जैसे या तो आपको 5 साल डिलिवरी लेनी होगी या सोना बेचना होगा या अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना होगा।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड

गोल्ड के डिजिटल ऑप्शनों में एक सुविधा यह है कि इनमें आपको लिक्विडिटी का फायदा मिलता है। इन्हीं में एक ऑप्शन है सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड। पर इनमें 5 साल का लॉक-इन पीरियड होता है। अगर सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को 8 साल की मैच्योरिटी अवधि तक रखा जाता है, तो कैपिटल गेन्स पर कोई टैक्स लागू नहीं होगा। ये बॉन्ड आपको छमाही आधार पर 2.5 फीसदी ब्याज दर भी दिलाते हैं। बाकी सोने के निवेश विकल्पों के लिए, एसटीसीजी (शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन) पर आपकी स्लैब रेट के अनुसार टैक्स लगाया जाएगा, जबकि एलटीसीजी (लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन) पर इंडेक्सेशन के फायदे के साथ 20 फीसदी टैक्स लगाया जाएगा। 3 फीसदी जीएसटी केवल फिजिकल सोने और डिजिटल सोने पर लागू होगा।

गोल्ड म्यूचुअल फंड

गोल्ड म्यूचुअल फंड

गोल्ड ईटीएफ दरअसल म्यूचुअल फंड ही है। सोने में निवेश करने के लिए गोल्ड ईटीएफ एक अच्छा ऑप्शन माना जाता है। गोल्ड ईटीएफ भी सोने के रेट पर ऊपर-नीचे होता है। गोल्ड ईटीएफ निवेशकों को लंबी अवधि में जोरदार रिटर्न कमाने का मिलता है। अच्छी बात ये है कि गोल्ड ईटीएफ इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में होते हैं। आपको इसमें सोने की शुद्धता को लेकर चिंता करने की कोई जरूरत नहीं होती। फिजिकल गोल्ड के मुकाबले गोल्ड ईटीएफ को जल्दी और मौजूदा रेट पर बेचा जा सकता है।

क्या है बेहतर

क्या है बेहतर

फिजिकल गोल्ड पर मेकिंग चार्ज करीब 20-25 फीसदी होता है। वहीं गोल्ड ईटीएफ का ब्रोकरेज शुल्क लगभग 1 फीसदी होता है। गोल्ड म्यूचुअल फंड का एक्सपेंस रेशियो भी लगभग 1 फीसदी है। डिजिटल गोल्ड में स्टोरेज, बीमा शुल्क आदि के लिए 3 फीसदी का अतिरिक्त शुल्क लगता है। जानकार गोल्ड बॉन्ड के लिए थोड़ा अधिक फोकस करते हैं। क्योंकि इसमें साल में दो बार रिटर्न भी मिलता है। वैसे बाकी डिजिटल गोल्ड ऑप्शन भी अच्छे हैं।

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