अगर आपने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) की खास सीरीज में निवेश किया है, तो 22 मई, 2026 से पहले अपनी तैयारी पूरी कर लें। यह मौजूदा 'अर्ली रिडेम्पशन' यानी समय से पहले पैसे निकालने की आखिरी तारीख है। इस सुविधा के जरिए निवेशक 5 साल पूरे होने के बाद स्कीम से बाहर निकल सकते हैं। खास बात यह है कि आप मौजूदा मार्केट रेट पर अपना मुनाफा वसूल सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) इन रिक्वेस्ट को तय बैंकों के जरिए प्रोसेस करता है।
इस बार की रिडेम्पशन विंडो SGB 2021-22 की सीरीज II और सीरीज III के लिए खुली है। इन बॉन्ड्स ने आखिरकार अपने निवेश के 5 साल पूरे कर लिए हैं। रिटेल निवेशकों के लिए यह टैक्स बचाने का एक शानदार मौका है। वित्त वर्ष 2026-27 में 5 साल बाद बॉन्ड भुनाने पर मिलने वाला मुनाफा (कैपिटल गेन्स) पूरी तरह टैक्स-फ्री रहता है। हालांकि, इस पर मिलने वाले ब्याज पर आपको अपने टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स देना होगा।

SGB अर्ली रिडेम्पशन: 22 मई तक ऐसे करें अप्लाई
आप अपने बैंक या पोस्ट ऑफिस के जरिए रिडेम्पशन की रिक्वेस्ट डाल सकते हैं। इसके अलावा, 'RBI रिटेल डायरेक्ट' जैसे ऑनलाइन पोर्टल पर भी आज ही आवेदन किया जा सकता है। आवेदन करते समय अपना 'बॉन्ड लेजर अकाउंट नंबर' बिल्कुल सही भरें। ध्यान रहे कि ज्यादातर बैंक 22 मई को शाम 4 बजे तक ही आवेदन स्वीकार करेंगे। अगर आप यह डेडलाइन चूक गए, तो इस साइकिल के लिए आपका आवेदन रिजेक्ट हो जाएगा।
SGB बायबैक बनाम एक्सचेंज पर बिक्री: कौन सा बेहतर?
| पैमाना | SGB अर्ली रिडेम्पशन | फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) |
|---|---|---|
| सालाना ब्याज | 2.50 फीसदी (फिक्स्ड) | 6.5 से 7.8 फीसदी |
| मुनाफे पर टैक्स | 5 साल बाद पूरी तरह छूट | स्लैब के हिसाब से टैक्स |
| गोल्ड की वैल्यू में बढ़त | मार्केट रेट का फायदा मिलता है | वैल्यू में कोई बढ़त नहीं |
RBI के जरिए बॉन्ड भुनाने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको सोने की पूरी मार्केट वैल्यू मिलती है। स्टॉक एक्सचेंज पर बॉन्ड बेचने में अक्सर काफी समय लगता है और वहां आपको कम कीमत (डिस्काउंट) पर भी समझौता करना पड़ सकता है। आधिकारिक बायबैक का रास्ता चुनना बाजार के इन जोखिमों से बचने का सबसे सही तरीका है। इस तरीके से इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स का कैपिटल गेन भी पूरी तरह टैक्स-फ्री रहता है।
रिडेम्पशन की रकम 10 दिनों के भीतर आपके लिंक किए गए बैंक खाते में क्रेडिट कर दी जाएगी। इस पेमेंट में आपके होल्डिंग पीरियड का आखिरी ब्याज भी शामिल होगा। किसी भी तरह की देरी से बचने के लिए सुनिश्चित करें कि आपकी बैंक डिटेल्स अपडेटेड हैं। यह विकल्प ज्यादातर फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से बेहतर रिटर्न देता है और गोल्ड इन्वेस्टमेंट को तुरंत कैश में बदलने का सबसे सुरक्षित तरीका है।
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