मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) की दो सीरीज के लिए प्री-मैच्योर रिडेम्पशन यानी समय से पहले पैसे निकालने की प्रक्रिया शुरू की है। इसमें SGB 2019-20 Series IX, जिसकी इश्यू डेट 11 फरवरी 2020 थी, और SGB 2020-21 Series V, जिसकी इश्यू डेट 11 अगस्त 2020 थी, शामिल हैं।
हालांकि, इन दोनों सीरीज के लिए प्री-मैच्योर रिडेम्पशन की रिक्वेस्ट विंडो डिपॉजिटरी चैनल्स के जरिए 1 अगस्त 2026 को बंद हो चुकी है। यानी जिन निवेशकों ने तय समयसीमा के भीतर रिडेम्पशन के लिए आवेदन किया था, उनके लिए आज एग्जिट की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
अगर आपने समय पर आवेदन किया है, तो रिडेम्पशन की रकम आपके लिंक्ड बैंक अकाउंट में तय रिडेम्पशन डेट या अगले वर्किंग डे तक क्रेडिट हो सकती है। रिडेम्पशन प्राइस SGB के रिडेम्पशन से पहले के तीन कारोबारी दिनों के IBJA 999-प्योरिटी वाले सोने के औसत क्लोजिंग प्राइस के आधार पर तय की जाती है।

आज किन सीरीज से पैसा निकालने का है मौका?
11 अगस्त को पैसे निकालने के लिए, CDSL के कैलेंडर के मुताबिक 2019–20 सीरीज IX और 2020–21 सीरीज V के लिए प्रोसेसिंग विंडो 10 जुलाई से 1 अगस्त तक खुली थी। क्या आप यह मौका चूक गए? कोई बात नहीं, RBI की अगली बायबैक विंडो अगली कूपन तारीखों के आसपास खुलेगी, जो कि लगभग 11 फरवरी 2027 और फिर 11 अगस्त 2027 होगी। आप अपने बैंक, NSDL/CDSL या रिटेल डायरेक्ट के जरिए इसका स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं।
SGB पर टैक्स के नियम और जरूरी डॉक्यूमेंट्स
SGB पर मिलने वाला सालाना 2.5 फीसदी का ब्याज आपके टैक्स स्लैब के हिसाब से पूरी तरह टैक्स के दायरे में आता है। हालांकि, SGB के ब्याज पर कोई TDS (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) नहीं कटता है, इसलिए आपको इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करते समय खुद इसकी जानकारी देनी होगी। अगर आप RBI रिडेम्पशन के जरिए पैसे निकालते हैं, तो इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स के लिए कैपिटल गेन्स (पूंजीगत लाभ) पूरी तरह टैक्स-फ्री है। लेकिन, अगर आप इसे स्टॉक एक्सचेंज पर बेचते हैं, तो इस पर टैक्स लगेगा। लिस्टेड बॉन्ड्स पर लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स के मामले में इंडेक्सेशन का फायदा मिलता है।
ब्याज की तुलना: SGB कूपन बनाम बैंक FD
नीचे दी गई टेबल में 1,00,000 रुपये के निवेश पर मिलने वाले सिर्फ ब्याज की तुलना की गई है (इसमें सोने की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव को शामिल नहीं किया गया है)। SGB में मिलने वाला फिक्स्ड कूपन दिखाया गया है, जबकि फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के लिए एक बड़े बैंक की 5 साल की ब्याज दर (कंपाउंडिंग के साथ) को आधार माना गया है। इसे केवल ब्याज से होने वाली कमाई को समझने के लिए एक पैमाने के रूप में देखें, न कि SGB के कुल रिटर्न के रूप में, क्योंकि SGB के कुल रिटर्न में सोने की कीमत बढ़ने का फायदा भी शामिल होता है।
| इन्वेस्टमेंट ऑप्शन | मान्यता (Assumption) | 5 साल का ब्याज | 10 साल का ब्याज | 15 साल का ब्याज |
|---|---|---|---|---|
| सिर्फ SGB कूपन | 2.5% सालाना, साधारण ब्याज | ₹12,500 | ₹25,000 | ₹37,500 |
| बैंक FD (उदाहरण के लिए) | 6.4% सालाना, सालाना कंपाउंडिंग | ₹36,367 | ₹85,959 | ₹1,53,586 |
पैसा खाते में आने से पहले, अपने डीमैट या रिटेल डायरेक्ट प्रोफाइल पर बैंक डिटेल्स और नॉमिनी की जानकारी जरूर वेरिफाई कर लें, ताकि ट्रांजैक्शन फेल न हो। "जल्दी पैसा ट्रांसफर" करने का दावा करने वाले किसी भी अनजान लिंक या SMS पर भरोसा न करें। केवल अपने बैंक, पोस्ट ऑफिस, NSDL/CDSL हेल्पडेस्क या RBI रिटेल डायरेक्ट के आधिकारिक चैनलों का ही इस्तेमाल करें। अगर पैसे आने में देरी होती है, तो UTR नंबर के साथ शिकायत (टिकट) दर्ज करें।
[Disclaimer: यहां व्यक्त किए गए विचार और सुझाव केवल व्यक्तिगत विश्लेषकों या इंस्टीट्यूशंस के अपने हैं। ये विचार या सुझाव Goodreturns.in या ग्रेनियम इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (जिन्हें सामूहिक रूप से 'We' कहा जाता है) के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं। हम किसी भी कंटेंट की सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी, समर्थन या ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं, न ही हम कोई निवेश सलाह प्रदान करते हैं या प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की खरीद या बिक्री का आग्रह करते हैं। सभी जानकारी केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रदान की जाती है और कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले लाइसेंस प्राप्त वित्तीय सलाहकारों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित जरूर करें।]


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