नई दिल्ली, जनवरी 24। सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) एक सरकारी छोटी बचत योजना है। यह योजना माता-पिता के लिए अपनी बच्चियों के भविष्य में निवेश करने का एक अच्छा विकल्प है। एसएसवाई खाता पोस्ट ऑफिस या अथॉराइज्ड कमर्शियल बैंकों में खोला जा सकता है। जिन बैंकों में आप सुकन्या समृद्धि खाता खोल सकते हैं, उनमें से एक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) है। एसबीआई में एसएसवाई खाता खोलने की प्रोसेस आगे जानिए।
इन डॉक्यूमेंट्स की होगी जरूरत
- एसएसवाई अकाउंट ओपनिंग फॉर्म
- लाभार्थी (बेटी) का जन्म प्रमाण पत्र
- लाभार्थी के अभिभावक या माता-पिता का पता प्रमाण
- लाभार्थी के अभिभावक या माता-पिता का आईडी प्रूफ
एसबीआई में सुकन्या समृद्धि खाता कैसे खोलें
- एसएसवाई खाते के लिए आवेदन फॉर्म भरें
- डॉक्यूमेंट्स और फोटो साथ में जमा करें
- आवश्यक जमा राशि का भुगतान करें
कम से कम 250 रु में खुलेगा खाता
माता-पिता या कानूनी अभिभावक बालिका की ओर से न्यूनतम 250 रु जमा करके 1.50 लाख रु की सीमा तक एक एसएसवाई खाता खोला जा सकता है।
सालाना निवेश लिमिट
इस खाते में न्यूनतम 250 रु प्रति वर्ष जमा करना आवश्यक है। साथ ही आप प्रति वर्ष अधिकतम 1.5 लाख रु जमा कर सकते हैं। नकद और/या चेक द्वारा 50 रु के गुणकों में पैसा जमा किया जा सकता है।
कितनी है ब्याज दर
मार्च 2022 की मौजूदा तिमाही के लिए ब्याज दर 7.6 फीसदी रखी गई है। ब्याज की गणना वार्षिक आधार पर की जाती है और वार्षिक आधार पर इसे कम्पाउंड किया जाता है।
टैक्स बेनेफिट
आईटी अधिनियम, 1961 की धारा 80 सी के तहत इस योजना को ट्रिपल छूट लाभ दिया गया है। यानी निवेश की गई राशि, ब्याज के रूप में अर्जित राशि और निकाली गई राशि पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।
जानिए योजना के फीचर्स
- दो लड़कियों तक या पहली या दूसरी बार में जुड़वां लड़कियों के मामले में तीन बेटियों के लिए खाता खुलवाया जा सकता है
- एक वित्तीय वर्ष में 150000 रु की उच्चतम निवेश सीमा। न्यूनतम प्रारंभिक जमा राशि 250 रु
- जमा की अवधि खाता खोलने की तिथि से बेटी की आय़ु 21 वर्ष तक है
- आपके लिए 14 वर्ष पूरे होने तक हर वर्ष कम से कम एक योगदान करना अनिवार्य है
जानिए बाकी फायदे
सुकन्या समृद्धि योजना खाते को एक बैंक या पोस्ट ऑफिस से दूसरे बैंक या पोस्ट ऑफिस की ब्रांच में आसानी से ट्रांसफर कराया जा सकता है। इसके लिए आपको आवेदन फॉर्म भरना होगा और संबंधित पोस्ट ऑफिस या बैंक में आवश्यक दस्तावेजों के साथ इसे जमा करना होगा। खाता खोलने की तारीख से बेटी की आयु क 21 वर्ष पूरे होने पर खाता मैच्योर होगा। इससे पहले भी खाता बेटी की शादी के मामले में मैच्योर हो सकता है। मगर लड़की की आयु 18 साल होनी चाहिए और शादी के बाद खाता चालू नहीं रहेगा। यदि किसी वित्तीय वर्ष में न्यूनतम राशि जमा नहीं की जाती है, तो 50 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। योजना के नियमों के अनुसार यदि आप सुकन्या समृद्धि योजना खाते में एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम राशि यानी 250 रुपये भी जमा नहीं करते हैं, तो इसे डिफ़ॉल्ट खाता माना जाएगा। पर आप खाते को फिर से चालू करा सकते हैं। दोबारा खाता चालू न कराने पर भी आपको मैच्योरिटी तक जमा राशि पर ब्याज मिलता रहेगा।


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