एसबीआई ने अपने ग्राहकों को राहत देते हुए लोन की ब्याज दरें घटाने का ऐलान किया है। बैंक ने छोटी अवधि की एमसीएलआर दरें 0.05 फीसदी से 0.10 फीसदी तक घटाने का ऐलान किया है।
नई दिल्ली: एसबीआई ने अपने ग्राहकों को राहत देते हुए लोन की ब्याज दरें घटाने का ऐलान किया है। बैंक ने छोटी अवधि की एमसीएलआर दरें 0.05 फीसदी से 0.10 फीसदी तक घटाने का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद एसबीआई की दर घटकर 6.65 फीसदी पर आ गई है। एसबीआई का दावा है कि मौजूदा समय में उनकी एमसीएलआर दरें देश में सबसे कम हैं। बता दें कि नई दरें 10 जुलाई से लागू होंगी।

बैंक की तरफ से एमसीएलआर में लगातार 14वीं बार कटौती की गई है। आपको बता दें कि जून में भी एसबीआई ने ब्याज दरें घटाने का फैसला किया था।10 जून को एसबीआई की एमसीएलआर दरें 0.25 फीसदी घटकर 7 फीसदी पर आ गई थी। आरबीआई ने 22 मई को रेपो रेट को 0.40 फीसदी घटकर 4 फीसदी कर दिया था। इसके बाद पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और यूको बैंक ने रेपो और एमसीएलआर से जुड़ी अपनी लोन दरें पहले ही घटा दी हैं।

सस्ता हो चुका रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट आधारित लोन
एसबीआई एक्सटर्नल बेंचमार्क लिंक्ड लेंडिंग रेट (ईबीआर) और रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (आरएलएलआर) की दरें भी घटा चुका है। इन दोनों दरों में 1 जुलाई से 0.40 फीसदी की कटौती लागू हुई है। इस कटौती के बाद सालाना ईबीआर 7.05 फीसदी से घटकर 6.65 फीसदी पर आ गई है। इसी तरह आरएलएलआर 6.65 फीसदी से घटकर 6.25 फीसदी पर आ गई है। 30 साल के लिए लिए गए 25 लाख रुपए के लोन पर एमसीएलआर के तहत मासिक किस्त करीब 421 रुपए घट जाएगी। इसी तरह ईबीआर व आरएलएलआर के तहत मासिक किस्त 660 रुपए घट जाएगी।
अब कम होगी आपकी ईएमआई
एमसीएलआर में कटौती का फायदा उन्हीं ग्राहकों को होगा, जिनके लोन इससे जुड़ें हैं। यानी, उनकी ईएमआई का बोझ कम होगा। हालांकि, इसका फायदा तभी से शुरू होगा जब लोन की रीसेट डेट आएगी। आमतौर पर बैंक छह महीने या सालभर के रीसेट पीरियड के साथ होम लोन ऑफर करते है। रीसेट डेट आने पर भविष्य की ईएमआई उस समय की ब्याज दरों पर निर्भर करेंगी। बैंकों ने 1 अप्रैल 2016 से एमसीएलआर (मार्जिनल कॉस्ट बेस्ड लेंडिग रेट) पर लोन देना शुरू किया था। हालांकि, फिलहाल बैंक एक्टर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट्स (ईबीएलआर) पर लोन उपलब्ध कराते हैं।
क्या है एमसीएलआर
एमसीएलआर वह दर होती है जिससे नीचे पर बैंक लोन नहीं दे सकता. जाहिर है इसके कम हो जाने से अब कम दर पर बैंक लोन देने में सक्षम हो जाएगा जिससे हाउस लोन से लेकर वीकल लोन तक आपके लिए सब के सब सस्ते हो सकते हैं। लेकिन यह फायदा नए ग्राहकों के साथ साथ सिर्फ उन्हीं ग्राहकों को मिलेगा जिन्होंने अप्रैल 2016 के बाद लोन लिया है, क्योंकि उसके पहले लोन देने के लिए तय मिनिमम रेट बेस रेट कहलाती थी। यानी इससे कम दर पर बैंक वोन नहीं दे सकते थे।
इन बैंकों ने भी घटाया था एमसीएलआर
इससे पहले, सरकारी क्षेत्र के केनरा बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र (बीओएम) ने सोमवार को एमसीएलआर आधारित लेंडिंग रेट में केनरा बैंक ने 0.10 फीसदी और बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 0.20 फीसदी की कटौती की। सभी कटौती सभी अवधि के लोन के लिए है। संशोधित दरें बीते कल 7 जुलाई से प्रभावी हो गईं।
वहीं एचडीएफसी बैंक ने लोन की ब्याज दरें घटा दी हैं। एचडीएफसी ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ड लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) में 0.20 फीसदी की कटौती की है। नई दरें 7 जुलाई से लागू हो गई है। अब एचडीएफसी बैंक के एक साल के लिए एमसीएलआर दर 7.65 फीसदी से घटाकर 7.45 फीसदी हो गई है। इस कटौती के साथ ही बैंक से जुड़े होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन की ईएमआई कम हो जाएगी।
आरबीआई ने घटाया था रेपो रेट
बैंकिंग व्यवस्था में पिछले कुछ महीनों में कर्ज की ब्याज दरों में गिरावट हुई है। यह सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की ओर से सुस्त होती अर्थव्यवस्था को ठीक करने के लिए साथ में मिलकर लिए गए कदमों के बाद की गई है। आरबीआई ने पिछले महीने रेपो रेट में 0.40 फीसदी की कटौती की थी जिसके बाद यह 4 फीसदी के निचले स्तर पर आ गया। इसके पहले मार्च में भी रेपो रेट में 0.75 फीसदी की कटौती की गई थी।
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