कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के लिए 14 अप्रैल तक लॉकडाउन है। कोरोना वायरस से बचने के लिए देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने अपने ग्राहकों को बचाने के लिए एक खास सुविधा शुरू की है
नई दिल्ली: कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के लिए 14 अप्रैल तक लॉकडाउन है। कोरोना वायरस से बचने के लिए देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने अपने ग्राहकों को बचाने के लिए एक खास सुविधा शुरू की है। बता दें कि इस सुविधा के तहत ग्राहक अपने बैंकिंग कार्य घर बैठे ही निपटा सकते हैं। अगर ग्राहकों को नकदी की आपात जरूर होती है, तो बैंक ग्राहकों को घर पर भी नकदी डिलीवर करने को तैयार है। एसबीआई अपने ग्राहकों को घर पर बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। हालांकि इस बात से भी अवगत करा दें कि यह सुविधा केवल सीनियर सिटीजंस और दिव्यांग लोगों के लिए है।कोरोना संकट : SBI ने दिए सुरक्षित डिजिटल लेन-देन के टिप्स, उठाएं फायदा ये भी पढ़ें
एसबीआई की डोरस्टेप बैंकिंग सर्विसेज के बारें में जानिए यहां
- एसबीआई डोरस्टेप बैंकिंग सर्विसेज में नकदी के लेने- देने से लेकर चेक देने और र्म डिपॉजिट एडवाइज की डिलिवरी, लाइफ सर्टिफिकेट, ड्राफ्ट की डिलिवरी और केवाईसी डॉक्यूमेंट्स देने जैसी सुविधा दी जा रही है।
- बैंक के कार्यकारी दिनों में ग्राहक सुबह 9 से शाम 4 बजे तक इस सुविधा का लाभ ले सकता है।
- बता दें कि इसके लिए आपको 1800111103 नंबर पर कॉल कर सेवाओं के लिए रिक्वेस्ट डालनी होगी।
- होम ब्रांच पर ही सर्विस रिक्वेस्ट के लिए रजिस्ट्रेशन होगा।
- इस सुविधा का लाभ केवल वो ग्राहक कर ले सकेंगे, जिनका पूरी तरह से केवाईसी (केवाईसी) हो चुका होगा।
- नकदी निकासी और नकदी जमा के लिए प्रतिदिन 20,000 रुपये की सीमा निर्धारित की गई है।
- गैर-वित्तीय लेनदेन के लिए 60 रुपये, वित्तीय लेनदेन के लिए 100 रुपये और प्रति विजिट जीएसटी शुल्क लगेगा।
- सेवा का लाभ लेने के लिए खाताधारक को अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के साथ होम ब्रांच से 5 किमी के दायरे में मौजूद रहना होगा।
- ज्वाइंट अकाउंट वाले ग्राहक के लिए ये सुविधा नहीं है।
- गैर-व्यक्तिगत और नाबालिग खाते भी सुविधा का लाभ नहीं ले सकते हैं।
- पैसों की निकासी चेक या फिर पासबुक द्वारा ही की जा सकेगी।
ये बैंक भी दे रहे हैं डोर स्टेप सर्विस
एसबीआई के अलावा एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और कोटक बैंक भी अपने ग्राहकों को डोर स्टेप बैंकिंग सर्विसेज मुहैया करा रहे हैं। डोर स्टेप बैंकिंग सर्विसेज मुहैया करा रहे इन बैंकों की सेवा केवल सीनियर सिटीजंस और दिव्यांग लोगों के लिए है। नकदी देने, नकदी लेने, चेक देने, ड्राफ्ट की डिलिवरी, टर्म डिपॉजिट एडवाइज की डिलिवरी, लाइफ सर्टिफिकेट और केवाईसी डॉक्यूमेंट्स देने जैसी सुविधाएं इसमें शामिल हैं। इन सेवाओं का लाभ लेने के लिए आपको होम ब्रांच पर रजिस्ट्रेशन कराना।
आरबीआई कोरोना को रोकने का बताया फॉर्मूला
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने भी इस मुश्किल समय में जनता को राहत देने के लिए हर संभव प्रयास किए हैं। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने एक वीडियो संदेश जारी किया है। इसके जरिए उन्होंने लोगों से डिजिटल लेन-देन करने की अपील की है। वहीं उन्होंने कहा कि, 'कोरोना वायरस देश के लिए हर तरह से बड़ा संकट है और बचाव के लिए डिजिटल लेन-देन जरूरी है। लोग घर पर रह कर ही डिजिटल लेन-देन करें। इसके लिए डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और अन्य मोबाइल एप इस्तेमाल किए जा सकते हैं। डिजिटल लेन-देन करें और सुरक्षित रहें। भारत सरकार ने भी 21 दिन का देशव्यापी लॉकडाउन लगाया हुआ है। इस दौरान बैंकों ने कुछ ब्रांचों को खोल तो रखा है लेकिन अपने ऑफिस के घंटो को घटा दिया है। इस समय बैंकों ने अपने ग्राहकों से अनुरोध किया है कि वो बैंक ब्रांच नहीं आने की कोशिश करें। बैंक ग्राहकों अपने बैकिंग कार्यों को घर बैठे ही निपटाने की सलाह दे रहे हैं।


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