एसबीआई के ग्राहक है तो यह खबर जरुर पढ़ें। देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक अपने ग्राहकों को बेहतर सर्विस देने के लिए लगातार कदम उठाता रहा है।
नई दिल्ली: एसबीआई के ग्राहक है तो यह खबर जरुर पढ़ें। देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक अपने ग्राहकों को बेहतर सर्विस देने के लिए लगातार कदम उठाता रहा है। लॉकडाउन में बैंक ने अपने ग्राहकों को साइबर हमलों से बचने के लिए आगाह किया है। देश के सबसे बड़े बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने अपने ग्राहकों को संभावित साइबर हमलों के बारे में चेतावनी दी है। एसबीआई ने कहा है कि फ्री कोविड19 टेस्टिंग के नाम पर अगर कोई ईमेल आए तो उस पर क्लिक न करें, वर्ना साइबर अटैक का शिकार हो सकते हैं।
इस इमेल पर बिलकुल भी ना करें क्लिक
जानकारी दें कि बैंक ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर ग्राहकों को अलर्ट रहने के लिए कहा। एसबीआई ने ग्राहकों से कहा है कि कोविड19 के नाम पर फर्जी ई-मेल भेजकर लोगों से उनकी व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी चोरी कर रहे हैं। इससे पहले दिल्ली की साइबर सेल ने भी लोगों को वॉट्सऐप पर अपनी बैंक संबंधित जानकारी शेयर करने के लिए मना किया था। ये हैकर्स बैंक की डिटेल ले आपके अकाउंट को हैक कर रहे हैं। एसबीआई ने ट्वीट कर यह चेतावनी दी है। बैंक ने कहा है कि हमारे संज्ञान में आया है कि देश के बड़े शहरों में बीते कल यानी 21 जून से एक साइबर अटैक होने जा रहा है। एसबीआई ने कहा है कि हमें सीईआरटी-इन से एक चिंताजनक रिपोर्ट मिली है कि साइबरक्रिमिनल्स की ओर से 21 जून से एक फिशिंग अटैक कैंपेन चलाया जा सकता है। इसमें संदिग्ध ईमेल आईडी [email protected] का इस्तेमाल होगा। ईमेल की सब्जेक्ट लाइन फ्री कोविड19 टेस्टिंग होगी। इसलिए एसबीआई ने नागरिकों को आगाह किया है कि [email protected] मेल आईडी से आई किसी भी ईमेल पर क्लिक करने से बचें।
करीब 20 लाख ग्राहकों के ईमेल आईडी होने का दावा
एसबीआई ने कहा है कि साइबरक्रिमिनल्स दावा कर रहे हैं कि उनके पास 20 लाख लोगों/नागरिकों की ईमेल आईडी हैं। वे उस पर फ्री कोविड19 टेस्टिंग सब्जेक्ट लाइन के साथ [email protected] मेल आईडी से ईमेल भेजने की योजना बना रहे हैं। ईमेल में दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई और अहमदाबाद के लोगों को इस फर्जी ई-मेल के बारे में विशेष रूप से सावधान रहने के लिए कहा गया है। भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पोंस टीम (सीईआरटी-इन) ने पहले ही इस संबंध में चेतावनी जारी कर हर सरकारी विभाग और संस्थान को इस बारे में आगाह किया गया है। इस बार ये हैकर आम लोगों को निशाना बनाने के लिए कोविड19 के नाम पर साइबर हमलों को अंजाम देने की कोशिश कर रहे हैं।
जानकारी दें कि इससे पहले 2016 में भारतीय बैंकिंग संस्थानों को एक भयानक हैकर हमले का सामना करना पड़ा था, जिसमें देश के कई एटीएम प्रभावित हुए थे। जिसमें हैकर्स ने डेबिट कार्ड के पिन सहित सभी गोपनीय जानकारी चुरा ली थी। ग्राहकों की व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता को खतरे में देख एसबीआई ने कुछ दिनों के भीतर ही ज्यादा रिस्क वाले ग्राहकों के लगभग 6 लाख नए डेबिट कार्ड जारी किए। उसके बाकी बैंकों ने भी इसी तरह के कदम उठाए।
कर्मचारियों को मिल सकती वर्क फ्रॉम एनीवेयर की सुविधा
एसबीआई ने अपने कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। एसबीआई कोरोनाकाल में घर से काम करने की अपनी मौजूदा नीति में बदलाव करते हुए अब कर्मियों को कहीं से भी काम करने की दिशा में काम कर रहा है। आपको बता दें कि एसबीआई की वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले समय में बैंक डिजिटल टेक्नोलॉजी को त्वरित तरीके से अपनाएगा। इसके साथ ही बैंक जोखिम और कारोबार से जुड़े नियमों का आकलन भी करेगा। कोविड-19 महामारी की वजह से यह पूरा साल काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। इसी को देखते हुए बैंक वर्क फ्रॉम होम से जुड़ी अपनी मौजूदा नीति को अपग्रेड कर रहा है। एसबीआई के चेयरमैन बैंक के चेयरमैन रजनीश कुमार ने वार्षिक रिपोर्ट में कहा, एडमिनिस्ट्रेटिव काम को सुदूर स्थान से करने के लिए प्रोडक्टिविटी टूल्स और टेक्नोलॉजी मौजूद हैं। बैंक का कहना है कि वर्क फ्रॉम एनीवेयर से ऑफिस आने-जाने का समय बच जाता है। इससे ग्राहकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। इसके साथ ही वर्क लाइफ बैलेंस भी बेहतर होता है।


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