नई दिल्ली, अगस्त 1। इस समय घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें काफी ज्यादा हो गयी हैं। दिल्ली में 14.2 किलो वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 834.5 रु है। मगर अब एक खास तरह की गैस का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है, जो खाना पकाने में खूब इस्तेमाल हो रही है। ये है गोबर से बनी गैस। आपको जानकर हैरानी होगी कि गोबर गैस प्लांट में ये खास गैस तैयार होती है। इसी से फिलहाल करीब 1000 किसान परिवार अपने घरों की जरूरत पूरी कर रहे हैं। ये सभी किसान परिवार कैथल, हरियाणा के हैं। कैथल के अलावा और भी कई जगह गोबर गैस का इस्तेमाल घरों में खाना पकाने के लिए हो रहा है। बताया जा रहा है कि दिन भर का सारा गैस का काम गोबर गैस से हो रहा है।
खाद भी हो रही तैयार
अहम बात यह है कि प्लांट में गोबर से गैस तैयार की जाती है, जबकि बचे हुए वेस्ट से खाद तैयार होती है। गोबर गैस एक स्पेशल प्रोजेक्ट है, जिसे लगाने के लिए 50 हजार रुपये तक खर्च करने होते हैं। इसमें से 12 हजार रुपये की सब्सिडी सरकार की तरफ से मिल जाएगी। बताते चलें कि अगर किसी किसान के पास 4-5 पशु हों और वे डेली 25 किलो तक गोबर दें तो इससे 6 किलो तक गैस तैयार हो सकती है। इतनी गैस एक दिन के लिए पर्याप्त होती है।
डायरेक्ट घर पहुंचेगी गैस
प्लांट में जो गैस तैयार होगी वो सीधे आपके घर आएगी। इस गैस को पाइप के जरिए आपके घर पहुंचाया जाएगा। दिल्ली के अलावा कई महानगरों में एलपीजी गैस सिलेंडर के भाव 850 रुपये के आस-पास हैं। गोबर गैस ऐसी जगहों पर काफी काम आ सकती है। ग्रामीण इलाकों में इस योजना पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है।
नहीं पड़ रही गैस सिलेंडर खरीदने की जरूरत
गोबर गैस यानी बायोगैस इतना अच्छा काम कर रही है कि किसान परिवारों को अब महंगा गैस सिलेंडर खरीदने की जरूरत ही नहीं पड़ रही है। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार एक किसान के मुताबिक उनके 24 लोगों के परिवार के लिए बायोगैस ही पर्याप्त होती है। वे हर महीने एलपीजी सिलेंडर नहीं खरीदते। हां, साल में वे 1-2 सिलेंडर लेते हैं। मगर गोबर गैस से अभी तक उनके सामने कोई दिक्कत आई है।
बायोगैस के हैं और भी कई फायदे
ग्रामीण इलाकों में लोगों को लकड़ी की जरूरत नहीं पड़ती। न तो लकड़ी चुनने के लिए महिलाओं और बच्चों को कहीं आना-जाना पड़ता और न ही लकड़ी का धुंआ होता। बायोगैस महिलाओं के लिए सबसे अधिक फायदेमंद है, क्योंकि लकड़ी का चूल्हा उन्हें नुकसान पहुंचाता है। गोबर गैस से कम समय में भी खाना तैयार किया जा सकता है। जबकि लकड़ी के चूल्हे में ऐसा नहीं होता। किसानों को घर के पशुओं से ही गोबर मिल जाता है, जिससे ये एक सस्ता माध्यम है।
लगाए जा रहे जागरूकता कैंप
ग्रामीण इलाकों में गोबर गैस के फायदों को बताने के लिए जागरूकता कैम्प आयोजित किए जा रहे हैं। गोबर गैस प्लांट काफी अच्छा साधन साबित हो रहा है। सरकार से मिलने वाली सब्सिडी भी किसानों के लिए फायदेमंद है।
More From GoodReturns

अदाणी एंटरप्राइजेज ने एयरलाइन लॉन्च की अटकलों को किया खारिज, कहा- रिपोर्ट्स निराधार

भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें

Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?

ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका

US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति

GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित

ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान

चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग

Russia ने 6 महीने में बेच दिया 44 टन सोना! रूस क्यों घटा रहा है अपना Gold Reserve?

Indo-MIM Listing Today: आज बाजार में होगी धमाकेदार एंट्री! लिस्टिंग के बाद शेयर बेचने का सही तरीका

मुंबई बारिश अलर्ट: बैंकिंग ठप होने पर पैसे की किल्लत से कैसे बचें? जानें स्मार्ट तरीके



Click it and Unblock the Notifications