कोरोना के कारण काफी चीजों में बदलाव हो गया है। कोरोना की वजह से अब पहले जैसा कुछ भी नहीं। लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी ज्यादातर भारतीय पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने से कतरा रहे है।
नई दिल्ली: कोरोना के कारण काफी चीजों में बदलाव हो गया है। कोरोना की वजह से अब पहले जैसा कुछ भी नहीं। लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी ज्यादातर भारतीय पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने से कतरा रहे है। लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट से दूरी बना रहे हैं। लेकिन इस कारण सेकेंड हैंड कार और बाइक मार्केट गुलजार हो गया है।

लॉकडाउन के बाद से इस सेगमेंट में लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है। महिंद्रा फर्स्ट च्वाइस व्हील्स, ड्रूम और कार्स 24 जैसी कंपनियां पुरानी कार और बाइकों की खरीद-फरोख्त करती हैं। इन कंपनियों से पूछताछ अब पिछले साल की बिक्री से ज्यादा के स्तर पर पहुंच गई है। ड्रूम के संस्थापक और सीईओ ने कहा कि उनके प्लेटफॉर्म पर ट्रैफिक 175 फीसदी बढ़ा है। वहीं संभावित ग्राहकों की ओर से पूछताछ में 250 फीसदी तक इजाफा हुआ है।
पुराने वाहनों में इजाफा
ग्राहक स्विफ्ट, डिजायर, होंडा सिटी, आई10, स्कॉर्पियो और सैंट्रो जैसे लोकप्रिय ब्रांडों में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। लेकिन, लॉकडाउन के दौरान उनकी खरीदने की क्षमता में 13-15 फीसदी तक की गिरावट आई है। इसके कारण वे सस्ते वाहनों को खरीदने पर मजबूर हैं। यह अलग बात है कि लॉकडाउन के बाद ऐसे वाहनों के लिए कर्ज देने में इजाफा हुआ है। यह 20 फीसदी से बढ़कर 30-35 फीसदी हो गया है। कर्ज देने वाली फाइनेंसिंग कंपनियों को टू-व्हीलर लोन करने में अब भी बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। इन सभी बातों ने मिलकर पुराने वाहनों कीमतों में 1-2 फीसदी का इजाफा किया है।
कार्स24 ने लॉन्च किया प्री-ओन्ड टू-व्हीलर प्लेटफॉर्म
महिंद्रा फर्स्ट च्वाइस व्हील्स के सीईओ के मुताबिक जून में मांग जून 2019 और जनवरी 2020 दोनों के मुकाबले ज्यादा थी। इसमें सप्लाई बड़ा मसला था क्योंकि ग्राहक बहुत ज्यादा नई कारें नहीं खरीद रहे हैं। ऐसे में एक्सचेंज प्रोग्राम से यूज्ड वाहनों की आपूर्ति नहीं हुई। ज्यादातर मांग छोटे कस्बों और शहरों से है। इनमें से कई लॉकडाउन में नहीं थे। कार्स24 के सह-संस्थापक और सीएमओ ने कहा कि बेंगलुरु, एनसीआर जैसे कुछ महानगरों और जयपुर, लखनऊ सरीखे कुछ नॉन-मेट्रोज में अच्छी वापसी हुई है। जहां तक यूज्ड टू-व्हीलर्स का सवाल है तो डिमांड मजबूत है। हालांकि, फाइनेंसिंग बड़ी समस्या है। कार्स24 ने 4 मई को अपना प्री-ओन्ड टू-व्हीलर प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। वह पहले से ही हर महीने 350 यूनिटों की बिक्री कर रही है।
ऑनलाइन कार बेचने/ खरीदने वक्त रहें सतर्क
- अपनी कार ऑनलाइन बेचते समय गाड़ी के बारे में सभी जानकारी ग्राहक तक मुहैया कराएं।
- इसके साथ ही कोशिश करें कि ज्यादा से ज्यादा फोटो और अच्छी फोटो साइट पर अपलोड की जाए।
- आप कार के फीचर्स से लेकर हर जरूरी जानकारी खरीददारों तक पहुंचाएं।
- गाड़ी के भीतर की भी फोटो क्लिक कर साइट पर डालें या अगर आप किसी को मोबाइल पर भेज रहे हैं तो भी ये सभी काम करने जरूरी है।
- ऑनलाइन कार खरीदने का मन बना रहे हैं तो आपको वेबसाइट पर कई ऑप्शन मिल जायेंगे।
- लेकिन ध्यान दें कि ऑनलाइन कार खरीदना एक बड़ा और जोखिम भरा काम होता है।
- ऑनलाइन में दरअसल फ्रॉड होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में बुद्धिमान ग्राहक वह है जो सतर्क रहता है और खुद को ठगने से बचाता है। ऐसे में केवल आपको ही यह सुनिश्चित करना होगा कि आप इसके शिकार न बनें।
- ऑनलाइन कार खरीदने वक्त अपने बजट के हिसाब से गाड़ी का चुनाव करें।
- कार के बारे में सब कुछ जानने के बाद आप दिए गये नंबर पर बात करके आगे की प्लानिंग कर सकते हैं।
- अगर अपने किसी वेबसाइट पर पुरानी कार पसंद कर ली है तो उसी वक़्त उसे खरीदने से पहले उसकी टेस्ट ड्राइव जरूर करें ताकि आपको कार का सही अंदाजा लग सके।
- यह भी देखें की कही कार में कोई रिपेयर का काम तो नहीं हुआ।
- सभी जरुरी डॉक्यूमेंट के पेपर की मांग करें। टर्म और कंडीशन को पूरी तरह पढ़ने के बाद ही हां कहें।
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