नई दिल्ली, जुलाई 8। यदि आप नौकरी करते हैं। तब आपके मन में भी यह बात अवश्य आई होगी कि आपके बाद आपके परिवार की लगातार कमाई कैसे जारी रहेगी। आपकी इसी चिंता को दूर करने के लिए सैलरी प्रोटेक्शन इंश्योरेंस होता हैं। जिसकी मदद से आपके बाद भी आपके परिवार में लगातार इनकम आती रहेगी। मगर यह बात ध्यान रखने वाली है कि यह इंश्योरेंस नौकरी जाने पर आपकी सैलरी को सुरक्षित नहीं करता, बल्कि आपके गुजर जानें के बाद परिवार की इनकम को सुरक्षित करता है।
यह इंश्योरेंस प्लान कैसे कार्य करता हैं ?
यह एक तरह का सैलरी प्रोटेक्शन इंश्योरेंस हैं। सैलरी प्रोटेक्शन इंश्योरेंस को लेते वक्त आप दो में से एक विकल्प को चुन सकते हैं। रेगुलर इनकम और मुश्त रकम दोनो में से किसी भी एक को चुन लें। यदि आप रेगुलर इनकम चुनते है, तब आपके बाद आपके परिवार को नियमित भुगतान होता रहेगा। और यदि आप एक मुश्त रकम चुनते हैं, तब आपकी मौत पर परिवार को एक ही बार में सारे पैसे मिल जाएंगे।
इनकम को आप टेक-होम सैलरी के बराबर तक चुन सकते हैं
आप जब इस इंश्योरेंस खरीदते हैं, तब आपको उस महिने कि इनकम को चुनना होता है। जो इनकम आप अपने परिवार को देना चाहते हैं। यह इनकम आपकी मौजूदा टेक-होम सैलरी के बराबर या उससे कम भी हो सकती है। फिर आपको प्रीमियम भुगतान की अवधि को चुनना होगा। उदाहरण आप 40 साल की उम्र में नियमित प्रीमियम भुगतान अवधि के लिए 20 सालों के लिए पॉलिसी खरीद सकते हैं।
किसे कितनी इनकम मिलेगी ?
इंश्योरेंस कंपनी आपकी मंथली इनकम पर वार्षिक प्रतिशत भी बढ़ाकर दे सकती है। उदाहरण यदी आपको इस आय पर 6% की वार्षिक चक्रवृद्धि ब्याज की पेशकश की जा सकती है। मान लीजिए पॉलिसी खरीदते समय आपने 50 हजार रुपये की मासिक आय का विकल्प का चयन किया। पॉलिसी के दूसरे वर्ष में यह बढ़कर 53 हजार रुपये हो जाएगी। उसके अगले वर्ष यह 56,180 रुपये हो जाएगी। मान लेते हैं, कि पांचवें पॉलिसी वर्ष की शुरुआत में जिसने पॉलिसी लिया था उसकी मौत हो जाती है। ऐसे स्थिति में नॉमिनी को 7.6 लाख का निश्चित मृत्यु लाभ और 63,124 रुपये की बढ़ी हुई मासिक आय भी मिलेगी।


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