आज कल क्रेडिट कार्ड तरह-तरह के ऑफर और पर्क्स देते हैं। प्रायः हमें लगता है कि हम जितना ज़्यादा खर्च करेंगे उतना ज़्यादा प्वाइंट्स बनेगा और हमें ईनाम मिलेगा। ऐसे में यह ख्याल भी आता है कि क्यों न घर के किराए का भुगतान भी क्रेडिट कार्ड्स से करें। किराए का भुगतान हर महीने होने वाला खर्च है, ऐसे में हर महीने क्रेडिट कार्ड से एक निश्चित रकम खर्च कर लाभ तो कमाया जा सकता है। दूसरी तरफ वे लोग भी हैं जो ये सोचते हैं कि क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल उधार लेने के समान है, इसलिए जितना हो सके इससे बचना चाहिए।

बहरहाल आज हम परसेप्शन से अलग इस पर बात करते हैं कि क्रेडिट कार्ड से घर के किराए का भुगतान वास्तव में फायदे का सौदा है या नुकसान का। आप भी अगर घर का किराए क्रेडिट कार्ड से देने की सोच रहे हैं तो इसके पॉजिटिव और निगेटिव पहलू को समझने के लिए यह आर्टिकल जरूर पढिए।
1. नियम-शर्तें समझ लें: अलग-अलग क्रेडिट कार्ड के उपयोग की नियम और शर्तें अलग-अलग होती हैं। घर का किराया ही नहीं बल्कि कोई भी खर्च करने से पहले उससे संबंधित नियम और शर्तें समझ लेनी चाहिए। अगर आपके क्रेडिट कार्ड पर रेंट पेमेंट पर कुछ सर्विस चार्ज या सरचार्ज लिया जा रहा है तो यह आपके किराए की राशि के अतिरिक्त होगा। ज्यादातर बैंक या क्रेडिट कार्ड सेवा प्रदाता किराए के भुगतान पर 1% से 2.5% तक सर्विस चार्ज वसूलते हैं। अगर आपका मासिक किराया ₹20,000 है, तो आपको ₹200 से ₹500 तक अतिरिक्त देना पड़ सकता है। अब अगर ये सर्विस चार्ज ₹20,000 खर्च करने पर मिलने वाले रिवार्ड्स की कीमत से अधिक है तो क्रेडिट कार्ड से रेंट का भुगतान करना सही फैसला नहीं कहा जा सकता है।
2. रिवॉर्ड पॉइंट्स और कैशबैक: अगर आपके क्रेडिट कार्ड पर ऐसे ट्रांजैक्शन के लिए अच्छा रिवॉर्ड पॉइंट्स या कैशबैक मिलता है, तो बड़ा रेंट पेमेंट करते-करते अच्छे खासे बोनस भी मिल सकते हैं। कुछ एयरलाइन या मिल्स कार्ड वालों को खास लाभ हो सकता है, लेकिन हालिया बदलावों के बाद अनेक बैंकों ने ऐसे रिवॉर्ड पॉइंट्स देना बंद कर दिया है।
3. ओवरड्राफ्ट/क्वासी-कैश रिस्क: कई बैंक ऐसे ट्रांजैक्शन्स को 'क्वासी-कैश' मानते हैं। क्वाशी कैश का मतलब हुआ कि जैसे आप क्रेडिट कार्ड से कैश निकालते हैं, क्रेडिट कार्ड से रेंट पेमेंट भी एक प्रकार से (अप्रत्यक्ष रूप से) कैश निकालना ही है। ऐसे ट्रांजेक्शन पर रिवॉर्ड प्वाइंट्स नहीं मिलता है। इतना ही नहीं ऐसे ट्रांजेक्शन पर अतिरिक्त शुल्क भी देय हो सकता है और अगर आप समय पर बिल नहीं भरते तो भारी ब्याज और लेट फाइन भी देना पड़ सकता है।
4. फ्लेक्सिबलिटी और लिक्विडिटी बेनिफिट: क्रेडिट कार्ड से हाउस रेंट पेमेंट करने का एक लाभ यह हो सकता है कि इस पर आपको करीब 30 से 45 दिनों तक ब्याज-मुक्त अवधि मिल सकती है। इस अवधि में किराए के कैश से आप कुछ और काम कर सकते हैं लेकिन याद रहे कि समय पर क्रेडिट कार्ड का पेमेंट और भी ज़्यादा जरूरी है वर्ना आपको इंटेरेस्ट और लेट पेमेंट पेनाल्टी भी देना पड़ सकता है।
5. क्रेडिट स्कोर में सुधार: अगर आप समय पर भुगतान करते हैं, तो आपके क्रेडिट स्कोर में सुधार हो सकता है। लेकिन बार-बार लिमिट के करीब खर्च करने से स्कोर घट भी सकता है। और यदि भूल से भी आपने समय पर क्रेडिट कार्ड का भुगतान नहीं किया तो सिबिल स्कोर नीचे गिरना तय है।
क्रेडिट कार्ड से मकान का किराया चुकाने के संबंध में एक्सपर्ट्स का मानना यह है कि यदि आप अपने क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर चुका सकते हैं और अतिरिक्त चार्जेस आपके लिए समस्या नहीं हैं, तो किराया भुगतान के लिए इसका इस्तेमाल सुविधाजनक हो सकता है। लेकिन अगर आपको इसमें कोई खास लाभ नहीं मिल रहा तो सीधे बैंक ट्रांसफर या चेक से किराया चुकाना समझदारी होगी।


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